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पंचकूला: अभी तक नहीं मिला रजनी का शव, पति को गाड़ी से खींचने की कोशिश
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला(हरियाणा)
Updated Sat, 03 Feb 2018 11:37 PM IST
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Panchkula News
- फोटो : अमर उजाला
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रजनी की हत्या के मामले में आरोपी एडवोकेट मनमोहन को पेश कर जब अदालत से बाहर लाया गया, तब रजनी के परिजनों ने उसे गाड़ी से बाहर खींचने की भी कोशिश की। मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने परिजनों को रोकने की पूरी कोशिश की, इसके बाद भी परिजनों का गुस्सा शांत नहीं हुआ और जमकर हंगामा किया। परिजनों के हंगामे को देखते हुए आरोपी को लेकर पुलिस मौके से रवाना हो गई। लेकिन, इस दौरान आसपास लोगों की भीड़ इकट्ठी हो गई।
रजनी की हत्या मामले के मुख्य आरोपी पति एडवोकेट मनमोहन को शनिवार को अदालत में पेश किया गया। उसकी रिमांड तीन दिनों के लिए बढ़ा दी गई, लेकिन परिजनों का आरोप है कि हत्या के बाद अब तक आखिरकार रजनी के शव की क्यों बरामदगी नहीं हो सकी है। पुलिस ने अदालत में रजनी के शव की बरामदगी सहित अन्य पहलुओं की छानबीन के लिए रिमांड बढ़ाने की मांग की थी।
परिजनों में इस बात को लेकर रोष है कि इतने दिनों की छानबीन और रिमांड के दौरान हुई पूछताछ के बाद भी आखिरकार क्यों नहीं अब तक शव का पता नहीं चल सका है। रजनी के परिजनों और बचाव पक्ष के वकील ने रिमांड बढ़ाने का विरोध करते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। इस तरह के हंगामे से एक बार फिर सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
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रजनी की हत्या मामले के मुख्य आरोपी पति एडवोकेट मनमोहन को शनिवार को अदालत में पेश किया गया। उसकी रिमांड तीन दिनों के लिए बढ़ा दी गई, लेकिन परिजनों का आरोप है कि हत्या के बाद अब तक आखिरकार रजनी के शव की क्यों बरामदगी नहीं हो सकी है। पुलिस ने अदालत में रजनी के शव की बरामदगी सहित अन्य पहलुओं की छानबीन के लिए रिमांड बढ़ाने की मांग की थी।
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परिजनों में इस बात को लेकर रोष है कि इतने दिनों की छानबीन और रिमांड के दौरान हुई पूछताछ के बाद भी आखिरकार क्यों नहीं अब तक शव का पता नहीं चल सका है। रजनी के परिजनों और बचाव पक्ष के वकील ने रिमांड बढ़ाने का विरोध करते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। इस तरह के हंगामे से एक बार फिर सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
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शव की बरामदगी न होने से परिजनों में गहरा रोष
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शव की बरामदगी न होने से परिजनों में गहरा रोष
16 जनवरी से गुमशुदा एडवोकेट मनमोहन की पत्नी रजनी लापता थी, जिसकी हत्या के आरोप में पुलिस ने मोनिका, संदीप और महिला के पति मनमोहन को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपियों से रिमांड के दौरान हुई पूछताछ में पुलिस को साड़ी, रस्सी, गहने तो बरामद हो गए, लेकिन अब तक इस बात का खुलासा नहीं हो सका कि आखिरकार हत्या के बाद रजनी के शव को कहां ठिकाने लगाया गया।
एक सप्ताह के रिमांड के बाद भी रजनी के शव की बरामदगी नहीं होने से परिजनों में काफी रोष है, नतीजतन उन्होंने आरोपी मनमोहन को गाड़ी से खींचने की कोशिश की। इसी दौरान उसे बचाने में पुलिस और रजनी के परिजनों के बीच भी खींचतान हुई। पुलिस की कार्यप्रणाली पर रोष जताते हुए परिजन बाहर ही धरने पर बैठ गए।
अब हर रोज मनमोहन का होगा मेडिकल
इस मामले में आरोपी मनमोहन के वकील दिनेश जांगड़ा ने बताया कि रिमांड तीन दिनों के लिए बढ़ाई गई है। इस दौरान अदालत से आग्रह किया गया है कि रोजाना मनमोहन की मेडिकल जांच हो और जब कभी भी निशानदेही के लिए उसे किसी जगह ले जाया जाता है तो संबंधित क्षेत्र में डीडीआर जरूर दर्ज करवाई जानी चाहिए।
16 जनवरी से गुमशुदा एडवोकेट मनमोहन की पत्नी रजनी लापता थी, जिसकी हत्या के आरोप में पुलिस ने मोनिका, संदीप और महिला के पति मनमोहन को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपियों से रिमांड के दौरान हुई पूछताछ में पुलिस को साड़ी, रस्सी, गहने तो बरामद हो गए, लेकिन अब तक इस बात का खुलासा नहीं हो सका कि आखिरकार हत्या के बाद रजनी के शव को कहां ठिकाने लगाया गया।
एक सप्ताह के रिमांड के बाद भी रजनी के शव की बरामदगी नहीं होने से परिजनों में काफी रोष है, नतीजतन उन्होंने आरोपी मनमोहन को गाड़ी से खींचने की कोशिश की। इसी दौरान उसे बचाने में पुलिस और रजनी के परिजनों के बीच भी खींचतान हुई। पुलिस की कार्यप्रणाली पर रोष जताते हुए परिजन बाहर ही धरने पर बैठ गए।
अब हर रोज मनमोहन का होगा मेडिकल
इस मामले में आरोपी मनमोहन के वकील दिनेश जांगड़ा ने बताया कि रिमांड तीन दिनों के लिए बढ़ाई गई है। इस दौरान अदालत से आग्रह किया गया है कि रोजाना मनमोहन की मेडिकल जांच हो और जब कभी भी निशानदेही के लिए उसे किसी जगह ले जाया जाता है तो संबंधित क्षेत्र में डीडीआर जरूर दर्ज करवाई जानी चाहिए।