{"_id":"1612006df91a6650b6575338d072202d","slug":"rain-may-be-on-valentines-day-enjoyable-for-couples","type":"story","status":"publish","title_hn":"ध्यान दें, 14 फरवरी को पड़ सकती हैं बारिश की बौछारें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ध्यान दें, 14 फरवरी को पड़ सकती हैं बारिश की बौछारें
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 08 Feb 2014 11:13 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मौसम विभाग के मुताबिक अगामी 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे के दिन फिर से बारिश के आसार बन रहे हैं। पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। 9 फरवरी से 12 फरवरी तक मौसम साफ रहेगा। 13 फरवरी से बादल छाने की उम्मीद है।
रात का पारा पहुंचेगा तीन डिग्री
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बारिश के बाद दिन के तापमान में बढ़ोतरी होगी, जबकि रात का पारा तीन डिग्री तक पहुंचने की उम्मीद है। इससे रात में ठंड बढ़ सकती है।
पहाड़ों पर बर्फबारी होने से हवाएं नार्थ से वेस्ट से मैदानों की ओर चलेंगी। हवाओं की रफ्तार करीब चार से छह किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 19.7 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि वीरवार रात का न्यूनतम तापमान 11.6 डिग्री रहा।
विज्ञापन
मौसम विभाग का कहना है कि इस साल के शुरुआती महीनों में हुई बारिश अच्छे शुभ संकेत लेकर आई है। इस दफा बारिश ने नए रिकार्ड कायम किए हैं। जनवरी में हुई बारिश ने पिछले नौ सालों के रिकार्ड तोड़ दिए हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक इस साल जनवरी के महीने में कुल 78.4 एमएम बारिश हुई है। पिछले साल मात्र 48.8 एमएम बारिश दर्ज की गई थी। उससे पहले साल 49.4 एमएम बारिश दर्ज की गई थी।
झमाझम बारिश फसल, ग्राउंड वाटर और स्वास्थ्य के लिए अच्छी मानी जा रही हैं। गेहूं की फसल के लिए पानी की कम जरूरत पड़ेगी। बरसाती पानी के रिसाव से ग्राउंड वाटर का स्तर बढ़ेगा। मौसम में नमी रहेगी। इससे सर्दी-खांसी जैसी बीमारियां दूर रहेंगी।
फरवरी के महीने में भी अच्छी बारिश होने की पूरी संभावना है। यह महीना भी रिकार्ड कायम कर सकता है। मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। शुक्रवार को 2.6 एमएम बारिश दर्ज की गई। सुबह सात बजे शुरू हुई बारिश दोपहर करीब 11 बजे तक रही।
कब कितनी एमएम बारिश
साल---------------महीना ---------------बारिश
2005--------------जनवरी -------------33.4 एमएम
2006--------------जनवरी---------------23.1 एमएम
2007--------------जनवरी --------------00.00 एमएम
2008---------------जनवरी---------------13.00 एमएम
2009---------------जनवरी---------------07.00 एमएम
2010---------------जनवरी---------------08.02 एमएम
2011---------------जनवरी---------------05.03 एमएम
2012---------------जनवरी---------------49.04 एमएम
2013---------------जनवरी---------------48.08 एमएम
2014---------------जनवरी---------------78.04 एमएम
विज्ञापन
रात का पारा पहुंचेगा तीन डिग्री
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बारिश के बाद दिन के तापमान में बढ़ोतरी होगी, जबकि रात का पारा तीन डिग्री तक पहुंचने की उम्मीद है। इससे रात में ठंड बढ़ सकती है।
विज्ञापन
पहाड़ों पर बर्फबारी होने से हवाएं नार्थ से वेस्ट से मैदानों की ओर चलेंगी। हवाओं की रफ्तार करीब चार से छह किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 19.7 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि वीरवार रात का न्यूनतम तापमान 11.6 डिग्री रहा।
विज्ञापन
मौसम विभाग का कहना है कि इस साल के शुरुआती महीनों में हुई बारिश अच्छे शुभ संकेत लेकर आई है। इस दफा बारिश ने नए रिकार्ड कायम किए हैं। जनवरी में हुई बारिश ने पिछले नौ सालों के रिकार्ड तोड़ दिए हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक इस साल जनवरी के महीने में कुल 78.4 एमएम बारिश हुई है। पिछले साल मात्र 48.8 एमएम बारिश दर्ज की गई थी। उससे पहले साल 49.4 एमएम बारिश दर्ज की गई थी।
झमाझम बारिश फसल, ग्राउंड वाटर और स्वास्थ्य के लिए अच्छी मानी जा रही हैं। गेहूं की फसल के लिए पानी की कम जरूरत पड़ेगी। बरसाती पानी के रिसाव से ग्राउंड वाटर का स्तर बढ़ेगा। मौसम में नमी रहेगी। इससे सर्दी-खांसी जैसी बीमारियां दूर रहेंगी।
फरवरी के महीने में भी अच्छी बारिश होने की पूरी संभावना है। यह महीना भी रिकार्ड कायम कर सकता है। मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। शुक्रवार को 2.6 एमएम बारिश दर्ज की गई। सुबह सात बजे शुरू हुई बारिश दोपहर करीब 11 बजे तक रही।
कब कितनी एमएम बारिश
साल---------------महीना ---------------बारिश
2005--------------जनवरी -------------33.4 एमएम
2006--------------जनवरी---------------23.1 एमएम
2007--------------जनवरी --------------00.00 एमएम
2008---------------जनवरी---------------13.00 एमएम
2009---------------जनवरी---------------07.00 एमएम
2010---------------जनवरी---------------08.02 एमएम
2011---------------जनवरी---------------05.03 एमएम
2012---------------जनवरी---------------49.04 एमएम
2013---------------जनवरी---------------48.08 एमएम
2014---------------जनवरी---------------78.04 एमएम