दो दिन से लगातार बारिश, किसानों को 'पसीना'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा में कल सुबह से शुरू हुई मूसलाधार बारिश के साथ चली तेज हवाओं से लोग घरों में कैद रहे वहीं किसानों के पसीने छूट गए। तेज बारिश से फसलों को भारी नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
गेहूं, सरसों, सब्जी आदि की फसलों पर ज्यादा प्रभाव पड़ने वाला है। विशेषज्ञों का मानना है कि ज्यादा बारिश से जहां अगैती फसल सड़ सकती है। वहीं तेज हवाओं के कारण पछेती की फसलें बिछ गई। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के चलते हवा का दबाव कम होने से रविवार को बेमौसम जमकर बरसात हुई है।
दो दिन और मौसम ऐसा ही रहेगा
प्रदेश में रविवार शाम सात बजे तक रोहतक में जहां 48 एमएम बारिश हुई वहीं हिसार में 24, सिरसा में 40, झज्जर में 20, सोनीपत में 23, जींद में11, फतेहाबाद 10, कैथल में 40, भिवानी में 18, नारनौल-महेंद्रगढ़ में 15 एमएम, रेवाड़ी में 20, करनाल में 18.4, कुरुक्षेत्र में 40 एमएम, अंबल में 27 एमएम बारिश हुई।
रोहतक कृषि विज्ञान केंद्र के रीजनल डायरेक्टर सूरजभान फौगाट केअनुसार वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण हवाओं का दबाव तेजी से कम हुआ । जिसकी वजह से बारिश हुई है।
उनका कहना है कि अभी एक दो दिन और मौसम ऐसा ही रह सकता है। उनका कहना है कि सर्दी के मौसम में 48 एमएम बारिश पिछले 25-25 वर्षों में कभी भी नहीं हुई है।
गेंहू की फसल चौपट
उनका कहना है कि बारिश से गेंहूं की फसल लगभग बर्बाद हो गई है। बारिश और तेज हवा से फसल आड़ी पड़ गई है, ऐसा अमूमन ओले गिरने के बाद होता है।
वह कहते हैं कि बारिश के साथ जिस तेजी से हवा चल रही है, उसने ओले गिरने जैसा ही काम किया है और नतीजा गेंहू की फसल के नुकसान के रूप में सामने आएगा।
अन्य वैज्ञानिकों की माने तो इस बारिश से चना और सरसों की फसल को भी नुकसान होगा। चेपा लगने से यह फसलें पहले ही खराब होने की स्थिति में थी। बारिश ने रही सही कसर और पूरी कर दी है।