Chandigarh: घने कोहरे की वजह से कई फ्लाइट डायवर्ट, कुछ उड़ान भी नहीं भर सकीं, रेल यातायात भी प्रभावित
सुबह विजिबिलटी इतनी कम थी कि दिल्ली, पुणे, बेंगलुरु, मुंबई से आने वाली उड़ानों को डायवर्ट कर जयपुर भेजा गया, क्योंकि दिल्ली में भी मौसम ठीक नहीं था। चार फ्लाइटों की जयपुर में लैंडिंग करवाई गई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
घने कोहरे का असर हवाई यातायात पर भी दिखने लगा है। मंगलवार को घने कोहरे के चलते चंडीगढ़ के शहीद भगत सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर विजिबिलिटी शून्य रही। इससे उड़ानों की आवाजाही ठप हो गई। दोपहर तक कोई भी फ्लाइट उड़ान नहीं भर सकी। इससे रनवे खाली नहीं रहा। सुबह 10 बजे जयपुर से डायवर्ट फ्लाइट को रनवे खाली न होने की वजह से आसमान में 30 मिनट तक चक्कर काटना पड़ा।
सर्दी बढ़ने के साथ घने कोहरे में एयरपोर्ट पहुंचे लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा क्योंकि धुंध के चलते फ्लाइट उड़ान नहीं भर सकी। सुबह 6:40 से दोपहर 12 बजे के बीच उड़ान भरने वाली फ्लाइट्स ने तीन से चार घंटे देरी से उड़ान भरी।
सुबह की उड़ानें जयपुर डायवर्ट, दोपहर 12 बजे के बाद चंडीगढ़ आई वापस
सुबह विजिबिलटी इतनी कम थी कि दिल्ली, पुणे, बेंगलुरु, मुंबई से आने वाली उड़ानों को डायवर्ट कर जयपुर भेजा गया, क्योंकि दिल्ली में भी मौसम ठीक नहीं था। चार फ्लाइटों की जयपुर में लैंडिंग करवाई गई। चंडीगढ़ में सुबह 10:30 बजे मौसम ठीक हुआ तो डायवर्ट फ्लाइट को जयपुर से चंडीगढ़ मंगाकर दोपहर 12:06 बजे लैंड करवाया गया। वहीं चंडीगढ़ से हैदराबाद की सुबह 6:40 बजे की फ्लाइट ने 11:56 बजे उड़ान भरी।
सुखना लेक में मरी मिलीं मछलियां
मंगलवार को सुखना लेक में कई मछलियां मरी पाई गईं। पशु और मत्स्य पालन विभाग ने किसी बीमारी की वजह से मछलियों की मौत की आशंका से इनकार किया है। विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. कंवरजीत ने बताया कि सर्दियों में अक्सर छोटी मछलियां ऑक्सीजन की कमी की वजह से मर जाती हैं। पिछले दो दिनों से शहर में काफी ज्यादा सर्दी पड़ रही है। सर्दी की वजह से मछलियों का मेटाबॉलिज्म काफी स्लो हो जाता है। उनकी मूवमेंट कम हो जाती है, जिसकी वजह से छोटी मछलियों की मौत हो जाती है। विभाग इस पर नजर बनाए है। बुधवार को लेक पर मछलियों की जांच भी की जाएगी।
शताब्दी समेत कई ट्रेनें देरी से पहुंचीं
कड़ाके की ठंड और धुंध से ट्रेन और बसों का आवागमन प्रभावित रहा। कई ट्रेनें एक से छह घंटे की देरी से चंडीगढ़ स्टेशन पहुंचीं। अंबाला रेल मंडल के सीनियर डीसीएम हरिमोहन ने बताया कि सुबह दृश्यता कम रही। इस कारण लंबे रूट की ट्रेनें देरी से आईं और देरी से ही रवाना हुईं। नेताजी एक्सप्रेस (12311) 3.30 घंटे देरी से सुबह 6:30 बजे चंडीगढ़ स्टेशन पहुंची।
लखनऊ-चंडीगढ़ एक्सप्रेस (12311) तय समय से छह घंटे देरी से, लखनऊ-सहारनपुर-चंडीगढ़ एक्सप्रेस (15011) ट्रेन तीन घंटे देरी से आई। नई दिल्ली-कालका शताब्दी एक्सप्रेस (12011) भी एक घंटे देरी से दोपहर 12:40 बजे पहुंची। वहीं नई दिल्ली-कालका शताब्दी एक्सप्रेस (12006) 1:30 घंटे देरी से चंडीगढ़ पहुंची। इसके अलावा श्री माता वैष्णो देवी कटरा की ट्रेन भी दो घंटे देरी से आई।
लंबे रूट की बसें भी प्रभावित
विभिन्न रूटों से पंचकूला डिपो पर पहुंचने वाली और रवाना होने वाली बसें भी लेट पहुंचीं और रवाना हुईं। दिल्ली, हिसार, गुरुग्राम, भिवानी और सिरसा के लिए अलसुबह ही बस निकलती हैं। धुंध ज्यादा होने के कारण ये बसें निर्धारित समय पर गंतव्य तक नहीं पहुंच पाईं। पंचकूला डिपो के जीएम रविंदर पाठक ने बताया कि सभी चालकों को निर्देश दिया है कि धुंध के दौरान अतिरिक्त एहतियात बरतें और संयमित स्पीड में ही बसों को चलाएं।