फतेहगढ़ साहिब में चल रहे अवैध नशा मुक्ति केंद्र का भंडाफोड़, 29 युवकों को छुड़ाया गया
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पुलिस ने जिले के गांव फतेहगढ़ नयूआं में गैर कानूनी ढंग से चल रहे एक नशा मुक्ति केंद्र से 29 नौजवानों को छुड़ाया है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर संचालकों पर मामला दर्ज किया है। वहीं 28 युवकों को सरकारी नशा छुड़ाओ केंद्र में दाखिल करवाया है।
सेहत एवं पुलिस प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई के बारे एसएसपी अमनीत कौंडल ने बताया कि खमाणों सब-डिवीजन के अधीन आते गांव फतेहगढ़ नयूआं में उक्त नशा मुक्ति केंद्र धार्मिक शिक्षा देने की आड़ में चल रहा था। एक साल पहले अकादमी के संचालकों ने बाबा जुझार सिंह के नाम पर खोला था। पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर शुक्रवार की दोपहर अकादमी में रेड की गई, जहां से 29 युवकों को छुड़ाया गया है। इस अकादमी को जगरूप सिंह व परमजीत सिंह चलाते थे।
एसएसपी अनुसार अकादमी के संचालक नौजवानों को धार्मिक शिक्षा देने की एवज में नौजवानों का हर प्रकार का नशा छुड़ाने का काम अवैध ढंग से करते थे और लोगों से पैसे ऐंठे जाते थे। पुलिस ने परमजीत सिंह को गिरफ्तार कर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने केंद्र से नशीली दवा और दो ग्राम नशीला पाउडर भी बरामद किया है।
उधर, सभी नौजवानों को जिले के सरकारी नशा मुक्ति केंद्र में दाखिल कराया गया है। डिप्टी कमिश्नर डॉ प्रशांत कुमार गोयल, सिविल सर्जन डॉ एनके अग्रवाल ने केंद्र का दौरा कर नौजवानों से बातचीत की। गौरतलब है 12 सितंबर को भी जिले के गांव पंजोली खुर्द में गैरकानूनी नशा मुक्ति केंद्र पर छापामारी कर 14 युवाओं को छुड़ाया गया था।
जालंधर में भी 18 युवकों को मुक्त कराया
जालंधर में अवैध नशा छुड़ाओ केंद्रों की गिनती बढ़ती जा रही है। ऐसे ही एक केंद्र पर शुक्रवार को सेहत विभाग ने कार्रवाई की है। उसे बंद कर दिया गया है। केंद्र गोराया के जज्जां कलां में चल रहा था। इस अवैध नशा छुड़ाओ केंद्र ले 18 युवकों को मुक्त कराया गया। युवकों जानवरों की तरह रखा गया था। सभी चिट्टा और दूसरे नशों के आदी थे और कई हफ्तों से वहां कैद थे।
नशा छुड़ाओ केंद्र में उन्हें रोजाना पीटा जाता था। पुलिस को मौके से हथियार और कारतूस भी मिले हैं। जैसे ही इसकी जानकारी सेहत विभाग के अधिकारियों को लगी तो उन्होंने पुलिस को साथ लेकर शक्रवार दोपहर बाद सेंटर पर छापामारी की। सेंटर बंद कर दिया गया है और युवकों को छुड़ा लिया गया है। टीम में पीएपी सीएचसी के एसएमओ डॉ. रमन शर्मा ने बताया कि सिविल सर्जन डॉ. गुरिंदर कौर चावला को शिकायत मिलने के बाद उन्होंने कमेटी बनाई थी।
टीम में न्यूरोसाइकेट्रिस्ट डॉ. संजय खन्ना, गोराया की ऑफिशिएटिंग एसएमओ डॉ. जैसमीन कौर, गोराया के नायब तहसीलदार और गोराया के एसएचओ केवल सिंह व पुलिस बल मौजूद था। डॉ. शर्मा ने बताया कि सेंटर के हालात बेहद खराब थे। युवकों को अच्छी खासी चोटें भी आई हैं। अब उनका सिविल अस्पताल में इलाज चलेगा।