{"_id":"606782a48ebc3e76a1221758","slug":"rahul-mehta-himself-left-home-bouncer-surjeet-complained-chandigarh-news-pkl409102795","type":"story","status":"publish","title_hn":"खुद घर छोड़कर गया था राहुल मेहता, बाउंसर सुरजीत ने दी थी शिकायत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खुद घर छोड़कर गया था राहुल मेहता, बाउंसर सुरजीत ने दी थी शिकायत
विज्ञापन
चंडीगढ़। सेक्टर-37 में करोड़ों की कोठी कब्जाने के मामले में शुक्रवार को आरोपी पत्रकार संजीव महाजन की जमानत याचिका पर जिला अदालत में ढाई घंटे बहस चली। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सोमवार तक के लिए सुरक्षित रख लिया।
अदालत में बहस के दौरान संजीव महाजन के वकील राजेश शर्मा ने बताया कि 19 अप्रैल 2017 को राहुल मेहता घर छोड़कर कहीं चला गया था। बाउंसर सुरजीत ने खुद उसके लापता होने की शिकायत पुलिस को दी थी। 27 अप्रैल 2017 को कोठी की जीपीए शराब कारोबारी अरविंद सिंगला और खलिदर सिंह कादियान के नाम पर ट्रांसफर करने के समय भी वह सब रजिस्ट्रार के कार्यालय में मौजूद था। सवाल यह खड़ा होता है कि उसे बंधक कब बनाया गया और इसमें संजीव महाजन की क्या भूमिका है, जबकि पुलिस का कहना है कि यह सब महाजन ने अपने प्रभाव में करवाया था।
वकील ने बताया कि संजीव महाजन पर जिस कोठी को हड़पने का आरोप है, उसे राहुल मेहता ने अपनी मर्जी से सुरजीत बाउंसर को किराए पर दिया था। यह बात पुलिस ने अदालत में भी मानी है। रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल/मई 2017 में बाउंसर सुरजीत, संजीव महाजन और अन्य आरोपियों ने राहुल मेहता के घर में घुसकर उसे बंधक बनाकर पीटा। उसके बाद सुरजीत उसे गुजरात छोड़कर आया, जबकि घटना से 3 महीने पहले ही एक डीडीआर के माध्यम से राहुल मेहता ने सेक्टर-39 थाना पुलिस को लिखित बयान दिया था कि उसने अपनी मर्जी से सुरजीत को कोठी की पहली और दूसरी मंजिल किराए पर दे रखी है। वकील ने कहा कि पुलिस ने अदालत में ऐसा कोई रिकॉर्ड पेश नहीं किया, जिससे यह साबित हो सके कि संजीव महाजन के अकाउंट में राहुल मेहता ने कोई लेनदेन किया है।
विज्ञापन
14 जनवरी 2017 को पुलिस को कोठी में हुए झगड़े की शिकायत मिली थी। इसके बाद पुलिस ने राहुल मेहता और सुरजीत दोनों को बुलाया था। राहुल ने किराए वाली बात पुलिस को लिखकर भी दी थी। सुरजीत ने राहुल मेहता के खिलाफ अदालत में केस दायर किया था, जिसमें सुरजीत ने आरोप लगाए थे कि राहुल मेहता उसे जबरदस्ती घर के बाहर निकाल रहा है। 19 जनवरी 2017 को राहुल मेहता अदालत में पेश हुआ था, जहां उसने बयान दिया था कि वह सुरजीत को जबरदस्ती घर से बाहर नहीं निकालेगा। वकील ने कहा कि इससे साबित होता है कि राहुल ने सुरजीत को मकान किराए पर दे रखा था।
विज्ञापन
अदालत में बहस के दौरान संजीव महाजन के वकील राजेश शर्मा ने बताया कि 19 अप्रैल 2017 को राहुल मेहता घर छोड़कर कहीं चला गया था। बाउंसर सुरजीत ने खुद उसके लापता होने की शिकायत पुलिस को दी थी। 27 अप्रैल 2017 को कोठी की जीपीए शराब कारोबारी अरविंद सिंगला और खलिदर सिंह कादियान के नाम पर ट्रांसफर करने के समय भी वह सब रजिस्ट्रार के कार्यालय में मौजूद था। सवाल यह खड़ा होता है कि उसे बंधक कब बनाया गया और इसमें संजीव महाजन की क्या भूमिका है, जबकि पुलिस का कहना है कि यह सब महाजन ने अपने प्रभाव में करवाया था।
विज्ञापन
वकील ने बताया कि संजीव महाजन पर जिस कोठी को हड़पने का आरोप है, उसे राहुल मेहता ने अपनी मर्जी से सुरजीत बाउंसर को किराए पर दिया था। यह बात पुलिस ने अदालत में भी मानी है। रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल/मई 2017 में बाउंसर सुरजीत, संजीव महाजन और अन्य आरोपियों ने राहुल मेहता के घर में घुसकर उसे बंधक बनाकर पीटा। उसके बाद सुरजीत उसे गुजरात छोड़कर आया, जबकि घटना से 3 महीने पहले ही एक डीडीआर के माध्यम से राहुल मेहता ने सेक्टर-39 थाना पुलिस को लिखित बयान दिया था कि उसने अपनी मर्जी से सुरजीत को कोठी की पहली और दूसरी मंजिल किराए पर दे रखी है। वकील ने कहा कि पुलिस ने अदालत में ऐसा कोई रिकॉर्ड पेश नहीं किया, जिससे यह साबित हो सके कि संजीव महाजन के अकाउंट में राहुल मेहता ने कोई लेनदेन किया है।
विज्ञापन
14 जनवरी 2017 को पुलिस को कोठी में हुए झगड़े की शिकायत मिली थी। इसके बाद पुलिस ने राहुल मेहता और सुरजीत दोनों को बुलाया था। राहुल ने किराए वाली बात पुलिस को लिखकर भी दी थी। सुरजीत ने राहुल मेहता के खिलाफ अदालत में केस दायर किया था, जिसमें सुरजीत ने आरोप लगाए थे कि राहुल मेहता उसे जबरदस्ती घर के बाहर निकाल रहा है। 19 जनवरी 2017 को राहुल मेहता अदालत में पेश हुआ था, जहां उसने बयान दिया था कि वह सुरजीत को जबरदस्ती घर से बाहर नहीं निकालेगा। वकील ने कहा कि इससे साबित होता है कि राहुल ने सुरजीत को मकान किराए पर दे रखा था।