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कुत्ते में रैबीज की पुष्टि, शहरवासियों में दहशत
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 23 May 2014 09:07 PM IST
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सेक्टर-20 में आतंक मचाने वाले कुत्ते में रैबीज की पुष्टि होने से इलाके के लोगों में खौफ पैदा हो गया है। जिन लोगों को कुत्ते ने काटा था वे अब दोबारा अपने डॉक्टरों से पूछताछ करने लग गए हैं।
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इसी महीने 7 मई का उस कुत्ते ने कई लोगों को अपना शिकार बनाया था। अगले दिन ही कुत्ते की मौत भी हो गई थी। कुत्ते में रैबीज की संभावना देखते हुए उसका पोस्टमार्टम किया गया था।
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अब पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में कुत्ते में रैबीज पॉजीटिव पाया गया। सोसायटी फॉर द प्रीवेंशन ऑफ क्रूएलिटी टू एनीमल (एसपीसीए) ने रिपोर्ट का खुलासा किया था।
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सेक्टर-20 निवासी कृष्ण कुमार की पत्नी को उसी कुत्ते ने काटा था। कृष्ण ने बताया कि उनकी पत्नी की तबीयत में काफी सुधार है, लेकिन फिर भी वे इस बारे में डॉक्टर से एक बार संपर्क करेंगे।
वहीं केएल झांब ने बताया कि उन्हें भी उसी कुत्ते ने काटा था। डॉक्टर के कहने पर उन्होंने इंजेक्शन लगवाने शुरू करवा दिए थे, लेकिन फिर भी एक डर तो पैदा हुआ ही है। वह बार-बार डॉक्टर को फोन कर सलाह ले रहे हैं।
सेक्टर-20 में लोगों को काटने वाले कुत्ते की मौत से ही लोग खौफ में थे। अब उसमें रैबीज पॉजीटिव आने से तो लोग और घबरा गए हैं। यह सब निगम की लापरवाही से हो रहा है।
सुनील चोपड़ा, अध्यक्ष, आरडब्ल्यूए, सेक्टर-18
कुत्तों की समस्या पर नगर निगम कोई कार्रवाई करने को तैयार में नहीं है। अफसर सिर्फ कागजी कार्रवाई की ही बातें कर रहे हैं।
ओपी वर्मा, चेयरमैन, आरडब्ल्यूए, सेक्टर-20
अगर समय रहते नगर निगम ने कार्रवाई की होती तो शहर में ऐसी समस्या होती ही नहीं। कुत्तों की नसबंदी का काम भी सिर्फ दिखावा ही है। अगर ढंग से कुत्तों की नसबंदी होती तो इनकी इतना तादाद बढ़ती ही नहीं।
राजेश गुप्ता, पार्षद
अभी तक हमारे पास उस कुत्ते की पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई है। वैसे कुत्ते की मौत होने के बाद ही हमने लोगों को जागरूक करना शुरू कर दिया था। रैबीज की संभावना के चलते हमने पहले ही लोगों को इंजेक्शन लगवाने और इलाज करवाने के लिए कहा था। जिन लोगों को कुत्ते ने काटा था, हम उनके घर भी गए थे और वहां लोगों को इलाज की प्रक्रिया के बारे में भी बताया था।
डॉ.एसएम कंबोज, सुपरिटेंडेंट स्लॉटर हाउस, नगर निगम
नगर निगम का दावा, 2856 कुत्तों को रैबीज की दवा दी
नगर निगम ने वीरवार को हाईकोर्ट में कहा था कि कुत्तों की नसबंदी की जा रही है और टीकाकरण के लिए अब तक 56 शिविर लगाकर 2856 कुत्तों को रैबीज की दवा दी गई। कुत्तों के काटने और आतंक की शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर के बारे निगम ने कहा कि दूरसंचार मंत्रालय को आग्रह किया गया है, जैसे ही इसकी इजाजत मिलेगी, कोर्ट को सूचित किया जाएगा।