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Hindi News ›   Chandigarh ›   question on construction of meat market without permission

बिना नक्शा पास कराए मीट मार्केट के निर्माण पर सवाल

Sun, 31 Jan 2016 03:53 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जीरकपुर,मोहाली
ब्यूरो/अमर उजाला, जीरकपुर,मोहाली Updated Sun, 31 Jan 2016 03:53 PM IST
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question on construction of meat market without permission

जीरकपुर नगर परिषद के अधिकारी लोगों को नक्शा पास करवाकर निर्माण करने की नसीहत देते हैं, लेकिन जब खुद की बात आती है तो नियम बदल जाते हैं।

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दरअसल, बिना नक्शा पास करवाए ही मीट मार्केट का निर्माण किया जा रहा है। जब अधिकारियों से इस संबंध में पूछा गया तो उन्होंने पुनर्वास योजना के तहत केवल जगह अलॉट करने के बारे में जानकारी दी। जबकि दुकानों का निर्माण कौन कर रहा है और नक्शे के संबंध में पूछे जाने पर पल्ला झाड़ लिया। वहीं, नगर काउंसिल प्रधान ने कहा कि ऐसे निर्माण कार्य के लिए किसी की मंजूरी की जरूरत नहीं होती है।
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ये है मामला
जीरकपुर नगर काउंसिल पुरानी कालका रोड की चौड़ाई को बढ़ाने के लिए हाउस की बैठक में प्रस्ताव पास किया था। प्रस्ताव के मुताबिक पटियाला चौक से सुखना नदी के पुल तक सड़क की चौड़ाई 115.5 फुट की जानी है। अधिकारियों ने काम शुरू किया तो रास्ते में आ रही मीट मार्केट को हटाने के निर्देश दिए।
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दूसरी ओर मीट मार्केट के दुकानदारों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। अदालत ने मामले पर सुनवाई के बाद फैसला मीट मार्केट के हक में सुनाते हुए नगर काउंसिल को मीट मार्केट हटाने पर दुकानदारों को बदले में दुकानें बनाकर देने के आदेश दिए थे।

अदालती आदेशों के बाद नगर काउंसिल मीट मार्केट बनाने के लिए दुकानों का निर्माण कर रही है। लेकिन, इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

क्या है निर्माण कार्य शुरू करने की प्रक्रिया
नगर काउंसिल के नियमों के अनुसार, जीरकपुर में निर्माण कार्य शुरू करने से पहले नक्शा बनवाकर उसे उच्चाधिकारियों से पास करवाना होता है। इसके लिए 21 दिन का समय तय किया गया है। फाइल की फीस जमा होने के बाद नगर काउंसिल जमीन मालिक को निर्माण कार्य करने के संबंध में बिल्डिंग परमिट जारी करती है।

21 दिनों की कार्यप्रणाली के मुताबिक अधिकारी उक्त निर्माण कार्य होने के संबंध में मौका का दौरा किया जाता है। इसकी वेरिफिकेशन सही होने के बाद मंजूरी दी जाती है। नहीं तो रोक लगा दी जाती है।

लोगों ने कहा बिल्डर को पहुंचाया जा रहा लाभ
लोगों का आरोप है कि पुरानी कालका रोड पर एक नामी बिल्डर का हाउसिंग प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है। इसके लिए रास्ते की दिक्कत आ रही थी। आरोप है कि बिल्डर को फायदा पहुंचाने के लिए रोड का निर्माण कराया जा रहा है। इसके लिए नगर परिषद घरों को तोड़ने में लगी हुई है।

वहीं, मीट मार्केट के लिए नगर काउंसिल ने जमीन अलॉट की थी। लोगों ने बताया कि मीट मार्केट के लिए जमीन अलॉट होते ही बिल्डर ने कुछ ही दिनों में दुकानों का निर्माण कर दिया। ताकि, मीट मार्केट के दुकानदारों को जल्द शिफ्ट करके रोड को साफ करवाया जा सके।

परविंदर सिंह सराओं, कार्यकारी अधिकारी, नगर काउंसिल, जीरकपुर ने बताया कि हाउस की बैठक में पुरानी कालका रोड को चौड़ा करने का प्रस्ताव पास हुआ था। इस पर काम शुरू करने के बाद रास्ते में आ रही मीट मार्केट को लोहगढ़ की शामलात की जमीन पर पुनर्वास योजना के तहत शिफ्ट किया गया है। नगर काउंसिल ने केवल जमीन अलॉट की है। इस पर कोई निर्माण कार्य नहीं करवाया गया है।


कुलविंदर सोही, प्रधान, नगर काउंसिल, जीरकपुर ने बताया कि पुनर्वास के लिए नगर काउंसिल ने हाउस की बैठक में प्रस्ताव पास किया था। पुनर्वास योजना के तहत किसी तरह के निर्माण कार्य के संबंध में मंजूरी की आवश्यकता नहीं होती है। अभी पर्याप्त जानकारी नहीं, सोमवार को लीगल राय के बाद पूरी जानकारी दे पाऊंगा।

विजय अरोड़ा, प्रधान बिल्डर एसोसिएशन पीरमुछल्ला ने बताया कि मीट मार्केट के लिए अलॉट की गई जमीन पर बनी दुकानों से मेरा कोई लेना देना नहीं है। इस मामले में नगर काउंसिल के कार्यकारी अधिकारी परविंदर सराओं ही सही जानकारी दे सकते हैं।

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