{"_id":"5f737f898ebc3e9bd3570ee8","slug":"puta-elections-information-given-dc-election-officer-changed-only-dates-election-program-chandigarh-news-pkl3894229100","type":"story","status":"publish","title_hn":"चंडीगढ़ डीसी को दी गई जानकारी, चुनाव अधिकारी ने केवल तिथियां बदलीं, बाकी कार्यक्रम पुराना","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
चंडीगढ़ डीसी को दी गई जानकारी, चुनाव अधिकारी ने केवल तिथियां बदलीं, बाकी कार्यक्रम पुराना
Wed, 30 Sep 2020 03:40 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Wed, 30 Sep 2020 03:40 PM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (पुटा) के चुनाव अब 8 और 9 अक्तूबर को होंगे। पूरे चुनाव कार्यक्रम के साथ यह जानकारी चुनाव अधिकारी प्रो. विजय नागपाल ने डीसी को भेज दी है। चुनाव का कार्यक्रम पुराना ही है, केवल तिथि बदल गई है। सबसे बड़ी बात यह है कि प्रशासन ने कोरोना पीड़ित शिक्षकों की संख्या की जानकारी मांगी थी लेकिन उसका जवाब नहीं दिया गया और न ही कोरोना पीड़ित शिक्षकों को वोट देने का अधिकार मिलेगा। उनके लिए कोई ऐसी व्यवस्था नहीं की गई कि वह अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
चुनाव के लिए इंग्लिश व इवनिंग ऑडिटोरियम का प्रयोग किया जाएगा। पहले दिन लगभग 500 शिक्षक वोट डालेंगे जबकि दूसरे दिन 125। हर विभाग को वोट डालने के अलग-अलग समय दिया गया है। डीसी को भेजे पत्र में बताया गया है कि चुनाव के दौरान गृह मंत्रालय की एसओपी का पालन किया जाएगा। हर व्यक्ति को मास्क लगाने के लिए कहा गया है। बाहर शिक्षक एक साथ समूह में नहीं खड़े हो सकेंगे। हर शिक्षक को बैलेट पेपर पर टिक लगाने के लिए अपना पेन लाने को कहा गया है। समय-समय पर सैनिटाइजेशन का कार्य भी करवाया जाएगा। खाद्य पदार्थ आदि का वितरण नहीं किया जाएगा। इसके अलावा कई अन्य चीजों के बारे में भी डीसी को जानकारी दी गई है।
खालिद-सिद्धू ग्रुप ने जताई नाराजगी
खालिद-सिद्धू ग्रुप ने इस बात पर आपत्ति जताई है कि उन्हें बिना बताए चुनाव की नई तारीखों की घोषणा कर दी गई। साथ ही कहा कि कोरोना संक्रमित शिक्षकों के लिए भी वोट देने के रास्ते निकाले जाएं। वहीं, ग्रुप ने यह भी कहा कि चुनाव की तिथि इतने पास है कि प्रशासन अपनी तैयारी पूरी नहीं कर पाएगा। प्रशासन को सभी तथ्यों की जांच के लिए कुछ दिन का समय और दिया जाना चाहिए था। जब प्रशासन की जांच पूरी नहीं होगी तो फिर से चुनाव स्थगित करने की नौबत आ सकती है।
विज्ञापन
यह भी कहा है कि उनसे इसको लेकर न राय ली गई और न ही कोई जानकारी दी गई जबकि हमने सुबह ही चुनाव अधिकारी को लिखित में अवगत कराया था कि एक पक्ष से ही बात करना, जानकारी देना व उन्हीं का साथ लेना सही नहीं है। इससे शिक्षकों में गलत संदेश जाता है। इसलिए उनसे भी चुनाव को लेकर राय-मशविरा करें। खालिद-सिद्धू ग्रुप ने चुनाव अधिकारी को लिखे पत्र में यह कहा है कि डीसी को जो पत्र चुनाव अनुमति के लिए भेजा गया था उसमें अधूरी जानकारी थी जबकि शिक्षक होने के नाते सभी जानकारी पहले देनी चाहिए थी। अधूरी जानकारी देने से गलत संदेश जाता है।
विज्ञापन
चुनाव के लिए इंग्लिश व इवनिंग ऑडिटोरियम का प्रयोग किया जाएगा। पहले दिन लगभग 500 शिक्षक वोट डालेंगे जबकि दूसरे दिन 125। हर विभाग को वोट डालने के अलग-अलग समय दिया गया है। डीसी को भेजे पत्र में बताया गया है कि चुनाव के दौरान गृह मंत्रालय की एसओपी का पालन किया जाएगा। हर व्यक्ति को मास्क लगाने के लिए कहा गया है। बाहर शिक्षक एक साथ समूह में नहीं खड़े हो सकेंगे। हर शिक्षक को बैलेट पेपर पर टिक लगाने के लिए अपना पेन लाने को कहा गया है। समय-समय पर सैनिटाइजेशन का कार्य भी करवाया जाएगा। खाद्य पदार्थ आदि का वितरण नहीं किया जाएगा। इसके अलावा कई अन्य चीजों के बारे में भी डीसी को जानकारी दी गई है।
विज्ञापन
खालिद-सिद्धू ग्रुप ने जताई नाराजगी
खालिद-सिद्धू ग्रुप ने इस बात पर आपत्ति जताई है कि उन्हें बिना बताए चुनाव की नई तारीखों की घोषणा कर दी गई। साथ ही कहा कि कोरोना संक्रमित शिक्षकों के लिए भी वोट देने के रास्ते निकाले जाएं। वहीं, ग्रुप ने यह भी कहा कि चुनाव की तिथि इतने पास है कि प्रशासन अपनी तैयारी पूरी नहीं कर पाएगा। प्रशासन को सभी तथ्यों की जांच के लिए कुछ दिन का समय और दिया जाना चाहिए था। जब प्रशासन की जांच पूरी नहीं होगी तो फिर से चुनाव स्थगित करने की नौबत आ सकती है।
विज्ञापन
यह भी कहा है कि उनसे इसको लेकर न राय ली गई और न ही कोई जानकारी दी गई जबकि हमने सुबह ही चुनाव अधिकारी को लिखित में अवगत कराया था कि एक पक्ष से ही बात करना, जानकारी देना व उन्हीं का साथ लेना सही नहीं है। इससे शिक्षकों में गलत संदेश जाता है। इसलिए उनसे भी चुनाव को लेकर राय-मशविरा करें। खालिद-सिद्धू ग्रुप ने चुनाव अधिकारी को लिखे पत्र में यह कहा है कि डीसी को जो पत्र चुनाव अनुमति के लिए भेजा गया था उसमें अधूरी जानकारी थी जबकि शिक्षक होने के नाते सभी जानकारी पहले देनी चाहिए थी। अधूरी जानकारी देने से गलत संदेश जाता है।