फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Puppet Theatre Artist in Chandigarh

पपेट से इतना प्यार कि ऑफिस तक किया बंक

Fri, 30 May 2014 03:43 PM IST
शंकर सिंह/अमर उजाला, चंडीगढ़
शंकर सिंह/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 30 May 2014 03:43 PM IST
विज्ञापन
Puppet Theatre Artist in Chandigarh

कोलकाता में बचपन बीता और चंडीगढ़ ने जीने की राह दिखाई और प्लेटफार्म दिया। बदले में शहर को उन्होंने दिया पपेट थिएटर। बड़े और क्रिएटिव पपेट के साथ थिएटर करने वाले यह हैं शुभाशीष।

विज्ञापन


पिछले 25 वर्षों से शहर में पपेट थिएटर कर रहे शुभाशीष की कहानी भी किसी पपेट शो जैसी ही है, जिसमें पपेट थिएटर के लिए स्कूल से लेकर ऑफिस से बंक भी शामिल है। सोमवार को अमर उजाला से खास बातचीत में शुभाशीष ने पपेट थिएटर कलाकार बनने तक के अपने सफर के कुछ पल साझा किए।
विज्ञापन


चौथी क्लास से ही जुट गए थे थिएटर में
शुभाशीष मूल रूप से कोलकाता से हैं। उनके पिता सिविल इंजीनियर थे और मां आर्ट क्षेत्र से जुड़ी हुईं टीचर। शुभाशीष ने बताया कि कोलकाता के न्यू अलीपुर मल्टीपर्पस स्कूल में पढ़ाई के  दौरान उन्हें सिर्फ थिएटर में प्रोक्सी के रूप में लिया जाता था, लेकिन थिएटर के प्रति प्यार ऐसा था कि उन्होंने इसी में कुछ बनने का सपना देखा। चौथी कक्षा में उन्होंने बच्चों के  लिए नाटक निर्देशित किया, जिसका नाम पड़ीबानु था। इस दौरान उन्होंने प्रसिद्ध कलाकार योगेश दत्ता के साथ माइम की ट्रेनिंग ली।
विज्ञापन
विज्ञापन


जिम्मेदारी ने बनाया परिपक्व  

90 के दशक में पिता की मृत्यु के बाद शुभाशीष पर परिवार की जिम्मेदारी आई। इसके बाद वह परिवार के  साथ चंडीगढ़ आ बसे। एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी शुरू की। घर परिवार चलने लगा तो साथ ही थिएटर जारी रखा। कई नाटकों का निर्देशन किया।

वर्कशॉप के लिए ऑफिस बंक
2002 में उन्हें शहर में दादी पुदुमजी के आने की खबर मिली। दादी पुदुमजी देश के जाने माने पपेट थिएटर आर्टिस्ट हैं। दादी ने तीन दिन की वर्कशाप का ऐलान किया तो शुभाशीष हिस्सा लेने के लिए तैयार हो गए, लेकिन उसका समय सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक का था। उन्होंने वर्कशाप के लिए ऑफिस से तीन दिन लगातार बंक किया। वर्कशाप के बाद उन्हें बच्चों के लिए पपेट शो करने की दिल में आई, लेकिन इसके  लिए कई तामझाम की जरूरत पढ़ने वाली थी।

वेस्ट मैटिरियल से बनाए पपेट
शुभाशीष को जब पपेट थिएटर का आइडिया आया तो वह बहुत खुश थे, लेकिन इस पर आने वाली लागत सुनकर वह एक बार सोच में पड़ गए। इसी दौरान उनके  दिमाग में पपेट को एक नए एलीमेंट से बनाने का आइडिया आया। उन्होंने घर में पड़े कई वेस्ट पदार्थों से पपेट का निर्माण किया।

जॉन बेरी को कर चुके हैं असिस्ट
कुछ साल पहले शुभाशीष को जॉन बैरी को असिस्ट करने के लिए कॉल आई। पहले तो लगा किसी ने मजाक किया है, लेकिन जब उन्हें पता लगा कि सच में उन्हें बैरी के साथ काम करना है तो उन्हें बहुत खुशी हुई।
 
देशभर में कर चुके  हैं पपेट शो
शुभाशीष देशभर में पपेट शो में हिस्सा ले चुके हैं। पपेट शो करने में सबसे बड़ी दिक्कत ट्रैवलिंग के दौरान आती है। कई बार पपेट छह से सात फीट के  होते हैं। ट्रेन में सफर के  दौरान उनके टूटने का डर रहता है। इसलिए वह शो करने जब भी बाहर जाते हैं तो सेकंड क्लास में ट्रेवल नहीं कर पाते, जबकि उन्हें खर्चा सेकंड क्लास का ही मिलता है।  
बच्चों को नई सोच देता है पपेट
हाल ही में शुभाशीष ने शहर में बच्चों के साथ एक वर्कशाप की। इसमें उन्होंने बच्चों को सब्जियों से पपेट बनाकर दिखाए। बच्चों ने इस वर्कशाप में सब्जियों को एक नए रूप में देखा। पहले जो सिर्फ करेले को एक कड़वी सब्जी के रूप में देखते थे, वह अब उसके  बटन से दो आंखें लगाकर, टूथ पिक से उसके  बाल बनाकर एक एलियन की तरह देखते हैं। शुभाशीष ने कहा कि आजकल का बचपन हाई तकनीक से घिर गया है, जिसकी वजह से अब वह बादल की शेप में बने भालू को नहीं पहचान पाते हैं और कम क्रिएटिव हो गए हैं। पपेट उन्हें मौका देता है अपनी सोच को ज्यादा से ज्यादा बढ़ाने का है।

 
एनीमेशन और इलस्ट्रेशन का भी कर रहे काम
शुभाशिष इन दिनों एनसीआरटी के साथ मिलकर किताबों के लिए इलस्ट्रेशन का काम भी कर रहे हैं। साथ ही रात को ऑनलाइन टू डी एनीमेशन वीडियो मेकिंग भी कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed