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Chandigarh News: पंजाब का मिनी गांव बना मेला ग्राउंड, किसानों के पक्का मोर्चा की लिखित मंजूरी नहीं

Wed, 04 Sep 2024 07:07 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 04 Sep 2024 07:07 AM IST
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Punjab's mini village becomes a fair ground, no written approval for permanent front of farmers
चंडीगढ़। किसानों ने सेक्टर-34 के मेला ग्राउंड को पंजाब का मिनी गांव बना दिया है। किसान तीन महीने का राशन लेकर धरने पर बैठ गए हैं, जिसका खामियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ रहा है। प्रशासन ने किसानों को मेला ग्राउंड में पक्का मोर्चा लगाने के लिए कोई लिखित अनुमति नहीं दी है बल्कि मौखिक तौर पर पंजाब विधानसभा चलने (4 सितंबर) तक यहां रुकने के लिए कहा है। धरने पर बैठे किसान सरकारी बिजली का भी इस्तेमाल कर रहे हैं।
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दरअसल, पंजाब खेत-मजदूर यूनियन व भारत किसान यूनियन उगराहां ने चंडीगढ़ प्रशासन से पंजाब सीएम आवास या फिर सेक्टर-17 ग्राउंड में धरना लगाने के लिए अनुमति मांगी थी। प्रशासन ने अनुमति देने से इन्कार कर दिया था। हालांकि, बाद प्रशासन ने मौखिक तौर पर किसानों को सेक्टर-34 मेला ग्राउंड में धरना देने की अनुमति दे दी। पंजाब खेत-मजदूर यूनियन के ब्लॉक प्रधान जोरा सिंह नसराली ने बताया कि चंडीगढ़ प्रशासन ने पक्का मोर्चा लगाने के लिए लिखित में कोई पत्र या आदेश नहीं दिए हैं, उन्हें केवल मौखिक तौर पर सेक्टर-34 ग्राउंड में धरना लगाने के लिए कहा गया है। जोरा सिंह ने कहा कि पंजाब विधानसभा सत्र के दो दिन बीत चुके हैं। उनकी मांगों को लेकर विधानसभा में सरकार ने अभी कोई बातचीत नहीं की है इसलिए वह बुधवार शाम 4 बजे तक पंजाब सरकार का इंतजार करेंगे कि वह उनकी मांगों को लेकर विधानसभा में क्या करते हैं। अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं तो दोनों जत्थेबंदियां बैठक करेंगी।
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खादी के कुर्ता-पायजामा के सज गए कई स्टाल : मेला ग्राउंड में किसानों के लिए कुर्ता पायजामा बेचने के भी कई स्टॉल लग गए हैं। कई किसान जिनके कपड़े गंदे हो गए हैं, वे यहां से नए खरीद रहे हैं। यहां कॉटन से लेकर सूती व खादी के कुर्ता-पायजामा बेचे जा रहे हैं। इसके साथ ही यहां अलग-अलग प्रकार के खाने-पीने के स्टाॅल लगे हैं। वहीं, आंदोलन में दूर-दूराज से आए किसान पूरा दिन मेला ग्राउंड में विभिन्न गतिविधियों के साथ समय व्यतीत कर रहे हैं। कुछ किसानों ने पेड़ों की छाया के नीचे चारपाई लगाई हुई है तो कुछ ने ट्रालियों के सहारे टेंट बना रखे हैं। इन टेंटों में किसानों ने गर्मी के चलते कूलर व पंखे भी लगा रखे हैं। किसानों के टेंटों में बिजली सरकारी खर्चे पर चल रही है।
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दो राज्यों के अलावा रिजर्व बटालियन के कंधों पर सुरक्षा का जिम्मा : मेला ग्राउंड में किसानों की सुरक्षा या किसी भी तरह की स्थिति से निपटने यहां 5 सितंबर तक 700 से 800 जवानों को तैनात किया गया है। इसमें चंडीगढ़ पुलिस के अलावा सैकड़ों रैपिड फोर्स के जवानों को भी तैनात किया गया हैं। इसके अलावा पंजाब के पुलिस के जवानों सहित डीएसपी स्तर के अधिकारियों को तैनात किया गया है। यूटी पुलिस के 20 से अधिक इंस्पेक्टर व आधा दर्जन डीएसपी भी लगाए गए हैं।
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