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लुधियाना में ठंड ने तोड़ा 25 साल का रिकॉर्ड, गेहूं को फायदा, आलू पर पड़ेगी कोहरे की मार
Wed, 16 Dec 2020 11:21 PM IST
ajay kumar
अमर उजाला/संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना/अबोहर (पंजाब)
अमर उजाला/संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना/अबोहर (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 16 Dec 2020 11:21 PM IST
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लुधियाना में मौसम ने तोड़ा 25 साल का रिकॉर्ड।
- फोटो : अमर उजाला
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बीते दो दिन से शुरू हुई कड़ाके की ठंड ने 25 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। बुधवार को लुधियाना में अधिकतम तापमान 9.6 डिग्री दर्ज किया गया है। बीते 25 साल में दिसंबर के महीने में इतना कम तापमान कभी नहीं रहा है। पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (पीएयू) के मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 19 दिसंबर तक ठंड से कोई राहत मिलती दिखाई नहीं दे रही है।
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इस दौरान तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। ऐसे में आम लोग ठंड से अपना बचाव जरूर करें। पीएयू के मौसम वैज्ञानिक डॉ. केके गिल ने बताया कि बुधवार को लुधियाना में न्यूनतम तापमान पांच डिग्री तो अधिकतम तापमान 9.6 डिग्री दर्ज किया गया है। बीते 25 साल के दौरान पहली बार दिसंबर में अधिकतम तापमान में इतनी गिरावट हुई है।
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फिलहाल 19 दिसंबर तक मौसम का मिजाज कुछ इसी तरह का रहने वाला है। इसके आगे के मौसम का हाल उसके बाद ही पता चल सकेगा। उन्होंने बताया कि कड़ाके की ठंड गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद साबित होगी। कोहरे का आलू की फसल पर विपरीत असर देखने को मिल सकता है। वहीं इस मौसम में सब्जी की फसलों का भी विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।
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अबोहर : कड़ाके की ठंड में अलाव का सहारा
बुधवार की सुबह गहरी धुंध और कड़ाके की ठंड से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। ठंड से बचाव के लिए जगह-जगह पर लोग अलाव सेंकते दिखाई दिए। हालांकि धुंध और ठंड गेहूं व किन्नू की फसल के लिए फायदेमंद बताई जा रही है। पिछले दो दिन से ठंड ने विकराल रूप धारण करना शुरू कर दिया है।
बुधवार की सुबह से घनी धुंध पड़ी। धुंध के कारण दृश्यता कम होने से वाहनों की गति भी कम हो गई। वहीं लंबी दूरी की रात्रिकालीन बस सेवाएं प्रभावित हुई। हालांकि रेल यातायात पर इसका कोई असर देखने को नहीं मिला। कड़ाके की ठंड से बाजारों में जगह-जगह अलाव जलाकर लोग चारों ओर बैठे रहे।
कृषि विभाग के अनुसार धुंध और कड़ाके की सर्दी गेहूं की फसल के लिए बेहद ही फायदेमंद है। ठंड से किन्नू का रंग पीला और रस की बढ़ोत्तरी होगी। मौसम विभाग के अनुसार 20 दिसंबर के आसपास बादल छाए रहने और हल्की बूंदाबांदी की भी संभावना है। जिसका सरसों, चना, पीला सरसों की फसल को बड़ा फायदा होगा।