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इन दो बेटियों का लेटर पढ़कर हिल जाएगा PMO, आप कहेंगे- कुछ कीजिए मोदी जी

Mon, 12 Mar 2018 05:54 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बठिंडा(पंजाब)
ब्यूरो/अमर उजाला, बठिंडा(पंजाब) Updated Mon, 12 Mar 2018 05:54 PM IST
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Punjab Village Two Girls Life in Danger, Father Wrote Letter to PM Modi
प्रधानमंत्री मोदी को लिखा पत्र
दो बेटियों ने प्रधानमंत्री के नाम एक ऐसा लेटर लिखा है, जिसे पढ़कर पीएमओ हिल जाएगा। आप भी पढ़ेंगे तो कहेंगे, मोदी जी कुछ कीजिए इनके लिए।
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मामला पंजाब के बठिंडा का है। सरकारें गरीबों की हितैषी होने और उनके लिए तमाम योजनाएं चलाने का दावा करती हैं। योजनाओं की जमीनी हकीकत इससे कोसों दूर है। इसकी बानगी है जिले के गांव कोठा गुरु निवासी बाबू सिंह। बाबू की बेटी सुखदीप कौर के दोनों गुर्दे खराब हैं।

बेटी का इलाज कराने में बाबू का घर तक बिक चुका है। इसके बाद भी बेटी ठीक नहीं हो सकी। हालात यह है कि गरीब की बेटी सुखदीप कौर पिछले तीन माह से बिस्तर पर जिंदगी और मौत से जूझ रही है। मजबूर पिता बेटी के इलाज के लिए सरकारों की ओर निहार रहा है। गांव कोठा गुरु निवासी बाबू सिंह मजदूरी कर अपना परिवार पालता है।
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बड़ी बेटी सुखदीप कौर आईटीआई पास है और छोटी बेटी पढ़ रही है। मजदूरी का काम करने वाले बाबू सिंह ने बताया कि तीन माह पहले जब उसकी बेटी सुखदीप कौर के शरीर में ब्लड की कमी आ गई। इस पर वह डॉक्टर के पास गए। डॉक्टर ने बेटी के सभी टेस्ट फरीदकोट मेडिकल अस्पताल से करवाने के लिए कहा।
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प्राइवेट हस्पताल में भी ठीक नहीं हो पाई सुखदीप

Punjab Village Two Girls Life in Danger, Father Wrote Letter to PM Modi
doctor
टेस्ट कराने के बाद पता चला कि बेटी के दोनों गुर्दे खराब हैं तो बाबू सिंह ने बेटी को बठिंडा के एक प्राइवेट अस्पताल में दाखिल कराया। वहां करीब एक लाख रुपये खर्च आया। इसके बाद भी उसकी बेटी ठीक नही हो पाई।

बाबू सिंह ने बताया कि डॉक्टरों के अनुसार परिवार का कोई सदस्य या अन्य व्यक्ति अपना गुर्दा लड़की को देता है तो वह बच सकती है, जिस पर करीब तीन से चार लाख रूपए खर्च आएगा। उसने बेटी का इलाज कराने में गांव में बना छोटा घर तक बेच दिया। बेटी फिर भी ठीक नहीं हुई।

बाबू सिंह ने बताया कि गरीब होने के चलते वह अपनी बेटी का उपचार करवाने में असमर्थ है। उसने कहा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ मुहिम तो केंद्र सरकार ने शुरू कर दी है पर उसकी बेटी को बचाने के लिए न तो प्रशासन आगे आ रहा और न ही कोई केंद्रीय मंत्री सहायता कर रहा है।

उसने कहा कि केंद्रीय फूड प्रोसेसिंग मंत्री हरसिमरत कौर बादल नन्ही छांव मुहिम के तहत बच्चियों के बारे में टी वी पर विज्ञापन दे रही हैं और उसकी बेटी को बचाने के लिए कोई आगे नहीं आ रहा है। शिअद के मीडिया सचिव ओम प्रकाश शर्मा ने कहा कि सुखदीप कौर की सहायता करने के लिए वह केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल के ध्यान में लाएंगे।

उन्होंने कहा कि जल्द ही सुखदीप कौर का इलाज कराने का प्रयास किया जाएगा।

लिवर की बीमारी से पीड़ित है 2 महीने की बेटी, बचा लीजिए

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Baby
पावर हाऊस रोड स्थित एक दिव्यांग पिता ने अपनी दो माह की बच्ची के उपचार में सहायता करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शनिवार पत्र भेजा है। प्रधानमंत्री से पीड़ित ने बेटी की हालत नाजुक होने का हवाला देते हुए जल्द बेटी का उपचार करवाने की गुहार लगाई है।

बातचीत के दौरान दो माह की बेटी के एक हाथ से अपाहिज पिता राहुल शर्मा ने बताया कि दो माह पहले बेटी पैदा हुई थी। जन्म से कुछ दिन बाद ही उसकी बेटी के लिवर ने पूरा काम करना बंद कर दिया, जिसके चलते उसकी हालत नाजुक हो गई थी। जिसको उपचार के लिए एक निजी अस्पताल में ले जाया गया, जहां पर डाक्टरों ने बताया कि उसकी बेटी का लिवर 30 प्रतिशत काम करता है।

उसने बताया कि वह खुद बेरोजगार है और उसके दादा की पेंशन से घर का खर्च चलता है। उसने बताया कि अब उसकी बेटी की हालत बहुत चिंताजनक हो गई है। जिस के चलते अब उसे अपनी बेटी को बचाने का एक ही जरिया नजर आ रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी उसकी सहायता कर सकते हैं।
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