पर्ल्स घोटाला: पंजाब विजिलेंस का बड़ा एक्शन, पूर्व निदेशक धरमिंदर सिंह संधू को किया गिरफ्तार
विजिलेंस के मुताबिक पीएसीएल की एक्सट्रा ऑर्डिनेरी जनरल बॉडी मीटिंग (ईओजीएम) एक जनवरी 2022 को जयपुर (राजस्थान) में कंपनी के रजिस्टर्ड दफ्तर में हुई थी जबकि यह दफ्तर 7-8 साल से बंद है। इसके अलावा ईओजीएम की फर्जी प्रोसीडिंग के आधार पर पीएसीएल के तीन नए निदेशकों ह्रदयपाल सिंह ढिल्लों, संदीप सिंह माहल और धरमिंदर सिंह संधू की नियुक्ति की गई।
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पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने 50 हजार करोड़ रुपये के पर्ल्स एग्रोटेक कॉरपोरेशन लिमिटेड (PACL) घोटाले में बड़ी कार्रवाई की है। विजिलेंस ने कंपनी के गैर-कानूनी तौर पर नियुक्त निदेशकों में से एक धरमिंदर सिंह संधू निवासी रामा मंडी को मंगलवार को गिरफ्तार किया है। संधू के खिलाफ फरवरी में मोहाली स्थित स्टेट क्राइम पुलिस थाने में धोखाधड़ी, दस्तावेजों से छेड़छाड़ करने समेत कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था। विजिलेंस मामले की पड़ताल कर रही है। उधर, कंपनी मामलों के मंत्रालय (एमसीए) की वेबसाइट से कंपनी निदेशकों की सूची से ह्रदयपाल सिंह ढिल्लों, संदीप सिंह माहल और धरमिंदर सिंह संधू के नाम को हटा दिया गया है।
दस्तावेजों में फर्जी मीटिंग दिखाकर बने थे निदेशक
विजिलेंस के मुताबिक पीएसीएल की एक्सट्रा ऑर्डिनेरी जनरल बॉडी मीटिंग (ईओजीएम) एक जनवरी 2022 को जयपुर (राजस्थान) में कंपनी के रजिस्टर्ड दफ्तर में हुई थी जबकि यह दफ्तर 7-8 साल से बंद है। इसके अलावा ईओजीएम की फर्जी प्रोसीडिंग के आधार पर पीएसीएल के तीन नए निदेशकों ह्रदयपाल सिंह ढिल्लों, संदीप सिंह माहल और धरमिंदर सिंह संधू की नियुक्ति की गई जबकि वास्तव में यह मीटिंग कभी हुई ही नहीं थी।
आरोपियों ने लुधियाना के चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) जसविंदर सिंह डांग द्वारा रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज जयपुर के पास अपने जाली दस्तावेज जमा करवाए और कंपनी मामलों के मंत्रालय (एमसीए) की वेबसाइट पर पीएसीएल लिमिटेड के निदेशकों के तौर पर अपने नाम दर्ज करवाए। इस मामले में संदीप सिंह माहल और सीए जसविंदर सिंह डांग को पहले ही चार्जशीट किया जा चुका है और वह न्यायिक हिरासत में हैं।
नोटिस जारी कर वसूलने लगे थे पैसे
गैर-कानूनी तौर पर नियुक्त इन तीनों निदेशकों ने जस्टिस (सेवानिवृत्त) आरएम लोढा की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की कमेटी की इजाजत के बगैर पीएसीएल लिमिटेड की संपत्ति खरीदने वाले अलग-अलग व्यक्तियों को संदीप सिंह माहल के हस्ताक्षरों वाला नोटिस जारी किया और उनसे पैसे वसूलना शुरू कर दिया। बता दें कि पीएसीएल की संपत्तियों को बेचने और बिक्री से होने वाली कमाई पर्ल्स के निवेशकों को वापस करने की खातिर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जस्टिस आरएम लोढा की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया था।