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पीयू पेंशन गबन: पुलिस ने पेश किया सप्लीमेंटरी चालान
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Updated Fri, 12 Aug 2016 12:28 AM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) पेंशन सेल में 2.8 करोड़ रुपये के गबन मामले में वीरवार को आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने पेंशन सेल के सुपरिंटेंडेंट नरेश सभ्रवाल के खिलाफ सप्लीमेंटरी चालान पेश किया। यूटी पुलिस ने यह सप्लीमेंटरी चालान यूनिवर्सिटी की सीनेट की ओर से प्रोसीक्यूशन सैंक्शन होने और वाइस चांसलर की ओर से मंजूरी मिलने के बाद दायर किया।
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सप्लीमेंटरी चालान में पुलिस ने नरेश सभ्रवाल के पीयू में क्लर्क के तौर पर वर्ष 1983 में ज्वाइनिंग लेटर, सीआरपीसी 161 के तहत दर्ज बयान समेत अन्य दस्तावेज संलग्न किए हैं। साथ ही शिकायतकर्ता जितेंद्र ग्रोवर, गवाह के तौर
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पर ऑफिस सुपरिंटेंडेंट संजय भसीन, ईओडब्ल्यू में तैनात रहे इंस्पेक्टर सुखविंदर सिंह और इंस्पेक्टर रामबीर सिंह को बतौर गवाह पेश किया है। बता दें कि 6 सितंबर 2015 को सेक्टर-11 थाना पुलिस ने आपराधिक स्तर पर
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विश्वासघात करने, धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश रचने की धाराओं में केस दर्ज किया था। इसमें मुख्य आरोपी पूजा बग्गा, सुपरिंटेंडेंट नरेश सभ्रवाल, बग्गा का पति जतिंदर सिंह, देवर बलजिंदर सिंह, ननद परमजीत
कौर, उसका पति रवि कु मार, पिता संपूर्ण सिंह और मां सरिता देवी को आरोपी बनाया गया था।
पीयू से जून में मिली केस चलाने की स्वीकृति
पुलिस ने सप्लीमेंटरी चालान में बताया कि नरेश सभ्रवाल पंजाब यूनिवर्सिटी में क्लास वन अफसर थे। इसलिए उनके खिलाफ केस चलाने के लिए पीयू से प्रोसीक्यूशन सैंक्शन मांगी गई थी। हालांकि शुरुआत में यूनिवर्सिटी ने सैंक्शन
जारी नहीं की। यूनिवर्सिटी की पिछले साल दिसंबर में हुई सीनेट में सभ्रवाल के खिलाफ केस में प्रोसीक्यूशन सैंक्शन का मुद्दा उठा था। इसके बाद जून में हुई सीनेट में इसकी स्वीकृति दी गई। इसके बाद 23 जून को पीयू के वाइस
चांसलर प्रोफेसर अरुण कुमार ग्रोवर ने सैंक्शन जारी की।
ये है मामला
पूजा बग्गा 2009 से पंजाब यूनिवर्सिटी में काम कर रही थी। पूजा पर चेक में जालसाजी कर 2.8 करोड़ के गबन का आरोप था। उसके खिलाफ पीयू सिक्योरिटी अफसर जितेंद्र ग्रोवर की ओर से सेक्टर-11 थाने में केस दर्ज कराया
गया था। गबन का खुलासा होने के बाद पूजा को निलंबित कर दिया गया है। वहीं पीयू प्रशासन ने सुपरिंटेंडेंट नरेश सभ्रवाल और गिरिश गुलाटी को भी ट्रांसफर कर दिया था। पंजाब यूनिवर्सिटी के अनुसार अप्रैल 2015 के बाद के
खातों में उन्होंने पाया कि 92 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई है।
पुराना रिकार्ड टटोलने के बाद उन्हें 71 लाख रुपये की अतिरिक्त धोखाधड़ी का पता चला। ऐसे में कुल धोखाधड़ी 1.63 करोड़ रुपये की हुई। पीयू ने संबंधित धोखाधड़ी की जांच को लेकर एक 5 सदस्यी कमेटी का गठन किया था। इसके बाद जांच में सामने आया कि पेंशन सेल से कुल 2.8 करोड़ रुपये का घपला हुआ है। संबंधित केस में पूजा बग्गा का नाम सामने आने के बाद बीती 6 सितंबर को उसके खिलाफ केस दर्ज कराया गया था। 21 सिंतबर को पुलिस ने पूजा, उसके पति जतिंदर सिंह और देवर बलजिंदर को गिरफ्तार किया था। पूजा से पूछताछ और उसके बयान के आधार पर पुलिस ने 25 सिंतबर को सुपरिंटेंडेंट नरेश सभ्रवाल को गिरफ्तार किया था।