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बेमिसालः कुछ बनना ही है तो इस लड़की के जैसा बनो, सलाम करेगी दुनिया
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 10 Apr 2017 09:04 AM IST
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मैराथन रनर स्मृति कठैत
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अगर कुछ बनना ही है तो इस लड़की के जैसा बनो। देश और पूरी दुनिया सलाम करेगी और जिंदगी भी आगे बढ़ने के कई मौके देगी। दरअसल, पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में कानून की पढ़ाई कर रही स्मृति कठैत ने 17 घंटे लगातार दौड़कर नासिक टु ठाणे की अल्ट्रा मैराथन में तीसरा स्थान हासिल किया है। शाम चार बजे से मैराथन शुरू हुई थी, जो अगले दिन सुबह नौ बजे खत्म हुई।
इस दौरान स्मृति को गर्मी और हाईवे में चलने वाले ट्रैफिक ने खूब परेशान किया, लेकिन वे इससे डरी नहीं बल्कि जूझते हुए 100 किलोमीटर लंबे अल्ट्रा मैराथन को पूरा किया। स्मृति खिताब जीतने के बाद चंडीगढ़ वापस लौट आईं हैं। इस दौरान उन्होंने अमर उजाला से बातचीत करते हुए कहा कि वे बहुत खुश हैं कि उनकी मैराथन पूरी हो गई। चंडीगढ़ के मुकाबले मुंबई का तापमान काफी अधिक था।
43 से 45 डिग्री के तापमान में दौड़ना आसान बात नहीं थी। रात के वक्त हाइवे पूरी तरह से खाली था। इस दौरान अकेली लड़की का दौड़ना बहुत मुश्किल लक्ष्य था, लेकिन आंखों के सामने मैराथन का टारगेट पूरी तरह से स्पष्ट था। इसलिए न तो डर लगा और न ही गर्मी से थकान। अच्छी प्रैक्टिस होने के कारण उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं आई।
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इस दौरान स्मृति को गर्मी और हाईवे में चलने वाले ट्रैफिक ने खूब परेशान किया, लेकिन वे इससे डरी नहीं बल्कि जूझते हुए 100 किलोमीटर लंबे अल्ट्रा मैराथन को पूरा किया। स्मृति खिताब जीतने के बाद चंडीगढ़ वापस लौट आईं हैं। इस दौरान उन्होंने अमर उजाला से बातचीत करते हुए कहा कि वे बहुत खुश हैं कि उनकी मैराथन पूरी हो गई। चंडीगढ़ के मुकाबले मुंबई का तापमान काफी अधिक था।
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43 से 45 डिग्री के तापमान में दौड़ना आसान बात नहीं थी। रात के वक्त हाइवे पूरी तरह से खाली था। इस दौरान अकेली लड़की का दौड़ना बहुत मुश्किल लक्ष्य था, लेकिन आंखों के सामने मैराथन का टारगेट पूरी तरह से स्पष्ट था। इसलिए न तो डर लगा और न ही गर्मी से थकान। अच्छी प्रैक्टिस होने के कारण उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं आई।
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धूप में 150 किमी दौड़कर प्रैक्टिस की
मैराथन जीतने के लिए स्मृति ने जी तोड़ प्रैक्टिस की थी। इसके लिए वह कड़ी धूप में दौड़ती थी, ताकि उन्हें मुंबई के भीषण गर्मी में दौड़ने में कोई परेशानी न आए। वे हर हफ्ते 150 किमी का रन पूरा करती थी। डाइट पूरा ध्यान देती थी। अब वे रविवार को चंडीगढ़ में होने वाली मैराथन में भी हिस्सा लेंगी।
पहले भी कई मैराथन में हिस्सा ले चुकी हैं
उत्तराखंड के पौढ़ी गढ़वाल की रहने वाली स्मृति ने बताया कि वह शरीर को फिट रखने और शौक के कारण दौड़ती हैं। इससे पहले भी वे कई मैराथन में हिस्सा ले चुकी हैं और खिताब को अपने नाम किया। छह हाफ मैराथन, छह फुल मैराथन, 12 घंटे का स्टेडियम रन सहित कई मैराथन में अपना नाम रोशन कर चुकी हैं। उन्होंने बताया कि वे रेग्युलर 10-15 किमी दौड़ती हैं।
पहले भी कई मैराथन में हिस्सा ले चुकी हैं
उत्तराखंड के पौढ़ी गढ़वाल की रहने वाली स्मृति ने बताया कि वह शरीर को फिट रखने और शौक के कारण दौड़ती हैं। इससे पहले भी वे कई मैराथन में हिस्सा ले चुकी हैं और खिताब को अपने नाम किया। छह हाफ मैराथन, छह फुल मैराथन, 12 घंटे का स्टेडियम रन सहित कई मैराथन में अपना नाम रोशन कर चुकी हैं। उन्होंने बताया कि वे रेग्युलर 10-15 किमी दौड़ती हैं।