पंजाब में अब 300 शिक्षकों के तबादले पर दो मंत्रियों में ठनी, एक ने दी मंजूरी तो दूसरे ने लगाई रोक
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पंजाब के कैबिनेट मंत्री ओपी सोनी एक तरफ तो शिक्षा विभाग छिन जाने से काफी आहत हैं। वहीं उन्हें दूसरा झटका प्रदेश के नए शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला ने दिया है। सोनी ने विभाग बदले जाने से पहले करीब 300 टीचरों के तबादले की सिफारिश कर दी थी लेकिन सिंगला ने पद संभालते ही उनके द्वारा की गई सिफारिश को यह कहते हुए रोक दिया है कि यह सरकार की नीति के विपरीत है।
सिंगला के इस तौर तरीके से सोनी नाराज हो गए हैं। उन्हें मुख्यमंत्री ने अब मेडिकल शिक्षा विभाग सौंपा है, जिससे नाराज होकर उन्होंने अब तक विभाग का कामकाज ही नहीं संभाला। सिंगला का यह भी कहना है कि सोनी ने तबादलों की सिफारिश 6 जून को भेजी, जिस दिन मुख्यमंत्री ने कैबिनेट की बैठक के बाद मंत्रियों के विभाग बदल दिए थे।
वहीं सोनी दावा कर रहे हैं कि उन्होंने टीचरों के तबादले की सूची 4 जून को भेजी थी, जिस पर डायरी नंबर 6 जून का दिखाया जा रहा है। उनका यह भी कहना है कि ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के नोटिफिकेशन की फाइल 6 जून से पहले पास कर दी गई थी इसलिए नोटिफिकेशन पर अब सवाल उठाना गलत है। सोनी का कहना है कि शिक्षा विभाग के अफसरों की मनमानी के कारण यह सारी गड़बड़ हुई है।
उन्होंने कहा कि सिंगला ने अभी-अभी कामकाज संभाला है और उन्हें शिक्षा विभाग के अफसरों की मनमानी का पता नहीं है। इस मामले में भी अफसरों ने 4 जून को दिए गए आदेशों की फाइल 6 जून को नए मंत्री के सामने रखकर उस पर रोक लगवाई है।
उधर, सिंगला का कहना है कि उन्होंने सोनी द्वारा की गई तबादलों की सिफारिश वाली फाइल मुख्यमंत्री के पास भेज दी है। फिलहाल तबादलों की इस सिफारिश पर रोक लगा दी गई है। सिंगला का कहना है कि ऑनलाइन तबादलों की पॉलिसी स्वयं सोनी ही लेकर आए थे, इसलिए अब आखिरी फैसला मुख्यमंत्री ही लेंगे।