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पंजाब में ' आप' को मिले भारी जनसमर्थन से बड़े दल सकते में
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 17 Jan 2016 03:33 PM IST
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आम आदमी पार्टी को माघी मेले में मिले भारी जनसमर्थन से पंजाब के दोनों प्रमुख बड़े दल कांग्रेस और शिअद सकते में हैं। दोनों के रणनीतिकार अब नए सिरे से चुनावी तैयारी में जुट गए हैं। दोनों ही दलों का फोकस अब बूथ स्तर पर होगा।
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पिछले दिनों प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा था कि आप का गुब्बारा कभी भी फट जाएगा। आप का पंजाब में कोई आधार नहीं है। दिल्ली में फेल होने के बाद पंजाब में उसे कोई नहीं पूछेगा। वहीं, शिअद सुप्रीमो सुखबीर बादल ने भी कहा था कि आप का पंजाब में कोई वजूद नहीं है।
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विधानसभा चुनाव में अकाली दल का मुकाबला कांग्रेस से ही होगा। इसके विपरीत मुक्तसर में माघी मेले के दौरान हुई सियासी कांफ्रेंस ने सारे समीकरण बदल दिए। आप की कांफ्रेंस में राष्ट्रीय कन्वीनर अरविंद केजरीवाल की मौजूदगी में सबसे ज्यादा भीड़ जुटी। लोग सिर्फ पहुंचे ही नहीं, वे बड़े मुखर और समर्पित थे।
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गेहूं के खेत में गीली दरियों पर बैठकर उन्होंने केजरीवाल के भाषण का इंतजार किया और पूरा भाषण सुना। आप को मिले जन-समर्थन को देखते हुए कांग्रेस और शिअद ने माघी मेले में ही अपनी रणनीति बदल ली। कैप्टन अमरिंदर हों या सीएम प्रकाश सिंह बादल और डिप्टी सीएम सुखबीर बादल, सभी के निशाने पर आप और अरविंद केजरीवाल थे।
माघी मेले के बाद अब दोनों ही दल अंदरखाते नए सिरे मंथन में जुट गई हैं। दोनों दलों के रणनीतिकारों का मानना है कि अब बूथ स्तर पर खास ध्यान देने की जरूरत है। बड़ी रैलियों के बजाय बूथ स्तर पर सबसे पहले संगठन मजबूत किया जाए। फिर लोगों को पार्टी से जोड़ा जाएगा।
कैप्टन अमरिंदर ने सभी विधायकों, पूर्व विधायकों व जिला प्रधानों से कहा है कि वे अपने-अपने इलाकों में निचले स्तर तक संगठन मजबूत करें। हर बूथ पर कांग्रेस की मजबूत टीम बनाई जाए। उसके बाद नेता लोगों के बीच जाएं। अकाली दल ने भी संगठन को मजबूत करने पर जोर लगा दिया है।