बेअदबी मामला: एसआईटी ने दी डेरे में दबिश, नहीं मिले विपाशना और नैन तो प्रबंधन सदस्यों से की पूछताछ
पंजाब के बुर्ज जवाहर सिंह वाला में एक जुलाई 2015 को श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का पावन स्वरूप चोरी हुआ था। 12 अक्तूबर 2015 को गांव बुर्ज जवाहर सिंह की गलियों में पावन स्वरूप के अंग बिखरे हुए थे।
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श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी मामले में जांच करने के लिए पंजाब पुलिस की एसआईटी ने सोमवार को सिरसा डेरे में दबिश दी। स्थानीय पुलिस भी साथ रही। तीन नोटिस के बावजूद जांच में शामिल न होने पर डेरे की चेयरपर्सन विपासना इंसा और वाइस चेयरपर्सन डॉ. पीआर नैन से पूछताछ करने एसआईटी आई लेकिन दोनों ही वहां नहीं मिले। इस पर टीम सदस्यों ने करीब एक घंटे तक डेरे परिसर में सर्च ऑपरेशन चलाया और कागजात खंगाले। वे जगह भी देखी जहां आरोपी रहते हैं।
डेरे के वकील ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया और पंजाब चुनाव के दौरान दबाव बनाने के भी आरोप लगाए। एसआईटी प्रभारी लुधियाना रेंज के आईजी सतिंद्रपाल सिंह ने बताया कि डेरा चेयरपर्सन और वाइस चेयरमैन को तीन बार नोटिस भेज चुके हैं लेकिन दोनों ही जांच में शामिल नहीं हो रहे।
दोनों ने मेडिकल पेश कर दिया। वे डेरे के अंदर ही थे। इसलिए एसआईटी ने डेरे का निरीक्षण किया है और रिकॉर्ड भी खंगाला है। सभी पक्षों से पूछताछ के बाद फाइनल रिपोर्ट बनाई जाएगी, उसमें अभी समय लगेगा। डेरे की ओर से आश्वासन दिया गया है कि एक हफ्ते के भीतर दोनों जांच में शामिल होंगे। यदि ऐसा नहीं हुआ तो एसआईटी आगे की कार्रवाई करेगी।
इस पर टीम ने तीनों उद्घोषित अपराधियों के रहने की जगह देखी। इस दौरान न्यायालय की ओर से घोषित उद्घोषित अपराधियों को ढूंढने के लिए सर्च ऑपरेशन भी चलाया। हालांकि विपासना इंसा डेरे के भीतर ही मौजूद थी लेकिन जांच में शामिल नहीं हुई। इसके बाद एसआईटी वापस लौट गई।
ये है पूरा मामला
बुर्ज जवाहर सिंह वाला से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की चोरी का मामला एक जुलाई 2015 को सामने आया। फरीदकोट जिले में बरगाड़ी से करीब पांच किलोमीटर दूर गांव बुर्ज जवाहर सिंहवाला के गुरुद्वारे से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का पावन स्वरूप चोरी हो गया था। इसके बाद 24 नवंबर 2015 को बरगाड़ी में गुरुद्वारे के पास हाथ से लिखे दो पोस्टर मिले। आरोप था कि उन पोस्टर में अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया और इस घटना में डेरा सच्चा सौदा का हाथ था। 12 अक्तूबर 2015 को पावन स्वरूप के कुछ अंग बिखरे मिले थे। इसके बाद फायरिंग भी हुई और 14 अक्तूबर की घटना के दिन दो लोगों की मौत भी हुई। इससे पहले इस मामले में सीबीआई भी जांच कर रही है और अब एसआईटी जांच कर रही है।
डेरा के वकील बोले- आरोप बेबुनियाद, पंजाब चुनाव के कारण बनाया जा रहा दबाव
एसआईटी ने बेअदबी मामले में समन किया था। मेडिकल कारण से वे जा नहीं पाए, इसलिए टीम आई थी। उन्होंने प्रबंधन के सदस्यों से पूछताछ की है। इतना ही नहीं इलाज कर रहे डॉक्टरों से भी बातचीत की है। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी करना तो दूर, सोचना भी पाप है। पंजाब में चुनाव है, इसलिए ऊपर वालों को खुश करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है और डेरे को फंसाने के लिए राजनीतिक साजिश चल रही है। - केवल सिंह, वकील, डेरा सच्चा सौदा।
डेरा चेयरपर्सन और वाइस चेयरपर्सन जांच में शामिल नहीं हुए। हालांकि वे डेरे के अंदर ही थे। इसलिए हमने डेरे का निरीक्षण किया है और रिकॉर्ड भी खंगाला है। सभी पक्षों से पूछताछ के बाद फाइनल रिपोर्ट बनाएंगे, उसमें अभी समय लगेगा। हालांकि डेरे की ओर से हमें कहा गया है कि एक हफ्ते के भीतर जांच में शामिल होंगे। यदि शामिल नहीं होंगे तो आगे की कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ी तो दोबारा जांच के लिए आएंगे। - एसपीएस परमार, आईजी, इंचार्ज एसआईटी।