कोटकपूरा गोलीकांड: आईजी परमराज सिंह उमरानंगल गिरफ्तार, कल फरीदकोट में होगी पेशी
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बरगाड़ी बेअदबी मामले से संबंधित बहिबल कलां और कोटकपूरा गोलीकांड की घटनाओं की जांच कर रही एसआईटी ने सोमवार को चंडीगढ़ से तत्कालीन लुधियाना पुलिस कमिश्नर और आईजी परमराज सिंह उमरानंगल को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद एसआईटी आईजी से चंडीगढ़ से फरीदकोट लेकर आ रही है। इस बीच उमरानंगल की पत्नी भी चंडीगढ़ पहुंचीं और उन्होंने डीजीपी दिनकर गुप्ता से मुलाकात कर अपने पति को बेकसूर बताया। डीजीपी ने उन्हें आश्वासन दिया कि जो भी कार्रवाई हो रही है वह कानून के दायरे में है।
सोमवार रात आईजी को थाना सदर में रखा जाएगा और मंगलवार सुबह फरीदकोट अदालत में पेश करके रिमांड पर लिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार एसआईटी ने परमराज सिंह उमरानंगल को फिलहाल कोटकपूरा गोलीकांड में नामजद करके गिरफ्तार किया गया है, जबकि बाद में बहिबल कलां गोलीकांड में भी नामजद किए जाने की प्रबल संभावना है। कोटकपूरा गोलीकांड में यह पहली गिरफ्तारी की गई है।
जानकारी के अनुसार बहिबल कलां व कोटकपूरा गोलीकांड की घटनाएं 14 अक्तूबर 2015 को हुई थीं। इससे दो दिन पहले 12 अक्तूबर 2015 को बरगाड़ी में पावन ग्रंथ की बेअदबी का मामला सामने आया था, जिसके विरोध में सिख संगत द्वारा जगह- जगह रोष धरने दिए जा रहे थे। 14 अक्तूबर को कोटकपूरा के मुख्य चौक पर चल रहे सिख जत्थेबंदियों के रोष धरने को बल प्रयोग करके खत्म करवाया गया।
इस दौरान पुलिस के लाठीचार्ज और फायरिंग के कारण सिख जत्थेबंदियों के कई कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस मामले में पुलिस की तरफ से घटना वाले दिन प्रदर्शनकारियों पर इरादा-ए-कत्ल का केस दर्ज किया था, जबकि पुलिस के बल उपयोग से घायलों की कोई सुध नहीं ली गई। कांग्रेस सरकार द्वारा गठित जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस ने कोटकपूरा गोलीकांड में घायल एक नौजवान अजीत सिंह के बयान पर सात अगस्त 2018 को थाना सिटी कोटकपूरा में अज्ञात पुलिस पार्टी पर धारा 307, 148, 149 का मामला दर्ज किया था।
ये है मामला
इसमें पिछले माह एसआईटी ने धारा 148, 149 हटा दी है और धारा 201, 218, 120 बी व 34 को जोड़ दिया था। इसी मामले में सोमवार को आईजी परमराज सिंह उमरानंगल की पहली गिरफ्तारी की गई है। एसआईटी के सदस्य और आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने बताया कि आईजी उमरानंगल को कोटकपूरा गोलीकांड मामले में गिरफ्तार किया गया है और उन्हें फरीदकोट अदालत में पेश करके पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया जाएगा।
रणजीत सिंह आयोग में सामने आया था नाम
सूत्रों के मुताबिक जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट में कोटकपूरा और बहिबल कलां गोलीकांड की घटनाओं में आईजी परमराज सिंह उमरानंगल की भूमिका संदिग्ध थी। आयोग के पास पीड़ित व्यक्तियों और गवाहों ने आईजी उमरानंगल की भूमिका पर सवाल खड़े किए थे। आयोग में नाम सामने आने पर उनकी भूमिका को लेकर एसआईटी द्वारा उन्हें पड़ताल के लिए कई बार बुलाया गया लेकिन वह एसआईटी को इस बात के लिए ही संतुष्ट नहीं कर पाए कि आखिरकार वह किसके कहने पर घटना वाले दिन कोटकपूरा पहुंचे थे।
उन्होंने एसआईटी के पास दावा किया था कि वह उस दिन धरनाकारियों से बातचीत के लिए कोटकपूरा गए थे, लेकिन जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट में सामने आया था कि वह कोटकपूरा व बहिबल कलां में धरनाकारियों को उठाने के लिए कार्रवाई करवाने वाली पुलिस अधिकारियों की टीम में प्रमुख रूप से शामिल थे। जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया था कि घटना वाले दिन उनकी उस समय के डीजीपी पंजाब सुमेध सिंह सैनी के साथ भी बातचीत हुई थी।
फरीदकोट के एसएसपी रहे हैं उमरानंगल
कोटकपूरा गोलीकांड मामले में गिरफ्तार आईजी परमराज सिंह उमरानंगल, फरीदकोट के एसएसपी भी रहे हैं। तैनाती के समय फरीदकोट में भी वह काफी विवादों से घिरे रहे।