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पादरी के घर से साढ़े छह करोड़ गायब होना पुलिस के गले की फांस बना, मुखबिर ने आरोपों को नकारा
Wed, 17 Apr 2019 12:40 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर(पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर(पंजाब)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 17 Apr 2019 12:40 PM IST
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जालंधर के प्रतापपुरा में पादरी के घर में छापेमारी के दौरान वहां से छह करोड़ रुपये गायब होने का मामला पंजाब पुलिस के गले की फांस बन गया है। पुलिस की ओर से अब तक जिस मुखबिर को मामले में मुख्य अभियुक्त बताया जा रहा था, उसने मीडिया के सामने सभी आरोपों से इंकार कर दिया है।
एक चैनल को दिए बयान में पुलिस मुखबिर हरिंदर बब्बू उर्फ बब्बू ने कहा है की वह केवल चिट्टा पकड़वाने के लिए पुलिस की मुखबिरी करता है। पादरी के घर में रुपये होने के बारे में न तो उसे कोई सूचना थी और न ही उसने पुलिस को कोई जानकारी दी थी।
बब्बू का कहना है कि वह छापेमारी के दिन न तो उस टीम के साथ था और न ही मोगा, पटियाला या जालंधर में कहीं मौजूद था। बब्बू का कहना है कि पैसा गायब होने के मामले से उसका कोई लेना देना नहीं है और जहां तक पुलिस द्वारा उसे तलाशने की बात है, वह इतने दिन से अपने घर पर ही मौजूद है।
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उल्लेखनीय है कि पुलिस ने इस मामले में दो एएसआई और एक मुखबिर को आरोपी बनाया है। डीजीपी दिनकर गुप्ता द्वारा कराई गई जांच के आधार पर तीनों के खिलाफ केस भी दर्ज कर लिया गया है। खास बात यह है कि पुलिस इस मामले में मुखबिर की भूमिका को सबसे अहम बताती रही है। पुलिस का यह भी कहना था कि मुखबिर ने इस मामले में शामिल होने की बात कबूल ली है । लेकिन मुखबिर के अचानक सामने आकर बयान देने से पूरा मामला पलट गया है।
एसआईटी ने तीनों आरोपियों से अब तक नहीं की है पूछताछ
राज्य पुलिस द्वारा मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी तीनों आरोपियों से अभी पूछताछ नहीं कर सकी है। राज्य पुलिस द्वारा अब तक की गई जांच में यह कहा जा रहा था कि पादरी के घर रेड करने वाली 17 सदस्यीय टीम के मोबाइल फोन की काल डिटेल खंगालने पर आरोपी मुखबिर की, घटना के तुरंत बाद महतपुर से जगरांव से लुधियाना से खन्ना तक आवागमन की जानकारी मिली है। यह भी कहा जा रहा था कि गायब किए गए रुपयों को बदलवाने में मुखबिर ने अहम भूमिका निभाई थी।
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एक चैनल को दिए बयान में पुलिस मुखबिर हरिंदर बब्बू उर्फ बब्बू ने कहा है की वह केवल चिट्टा पकड़वाने के लिए पुलिस की मुखबिरी करता है। पादरी के घर में रुपये होने के बारे में न तो उसे कोई सूचना थी और न ही उसने पुलिस को कोई जानकारी दी थी।
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बब्बू का कहना है कि वह छापेमारी के दिन न तो उस टीम के साथ था और न ही मोगा, पटियाला या जालंधर में कहीं मौजूद था। बब्बू का कहना है कि पैसा गायब होने के मामले से उसका कोई लेना देना नहीं है और जहां तक पुलिस द्वारा उसे तलाशने की बात है, वह इतने दिन से अपने घर पर ही मौजूद है।
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उल्लेखनीय है कि पुलिस ने इस मामले में दो एएसआई और एक मुखबिर को आरोपी बनाया है। डीजीपी दिनकर गुप्ता द्वारा कराई गई जांच के आधार पर तीनों के खिलाफ केस भी दर्ज कर लिया गया है। खास बात यह है कि पुलिस इस मामले में मुखबिर की भूमिका को सबसे अहम बताती रही है। पुलिस का यह भी कहना था कि मुखबिर ने इस मामले में शामिल होने की बात कबूल ली है । लेकिन मुखबिर के अचानक सामने आकर बयान देने से पूरा मामला पलट गया है।
एसआईटी ने तीनों आरोपियों से अब तक नहीं की है पूछताछ
राज्य पुलिस द्वारा मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी तीनों आरोपियों से अभी पूछताछ नहीं कर सकी है। राज्य पुलिस द्वारा अब तक की गई जांच में यह कहा जा रहा था कि पादरी के घर रेड करने वाली 17 सदस्यीय टीम के मोबाइल फोन की काल डिटेल खंगालने पर आरोपी मुखबिर की, घटना के तुरंत बाद महतपुर से जगरांव से लुधियाना से खन्ना तक आवागमन की जानकारी मिली है। यह भी कहा जा रहा था कि गायब किए गए रुपयों को बदलवाने में मुखबिर ने अहम भूमिका निभाई थी।