Operation Amritpal: अमृतपाल का मुख्य साथी जोगा सिंह सरहिंद से गिरफ्तार, पीलीभीत में दी थी पनाह
जोगा सिंह सरहिंद के रास्ते हरियाणा जाने की फिराक में था। वह पैदल ही जा रहा था। उसके पास न तो कोई हथियार था और न ही मोबाइल। अमृतसर और होशियारपुर पुलिस ने साझा कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
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पुलिस ने जालंधर से सरबजीत सिंह, होशियारपुर से करनैल सिंह उर्फ गोगा और नकोदर से ओंकार नाथ को गिरफ्तार किया है। इन लोगों पर अमृतपाल को शरण देने और भगाने में मदद करने का आरोप है। अदालत ने ओंकार नाथ को न्यायिक हिरासत में और बाकी तीन को चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा। पुलिस ने शुक्रवार को ही अमृतपाल से जुड़े एक वकील राजदीप को भी गिरफ्तार किया था।
पंजाब पुलिस के डीआईजी बार्डर रेंज नरिंदर भार्गव ने बताया कि शनिवार दोपहर सूचना मिली कि जोगा सिंह सरहिंद के रास्ते हरियाणा जाने की फिराक में था। वह पैदल ही जा रहा था। उसके पास न तो कोई हथियार था और न ही मोबाइल। अमृतसर और होशियारपुर पुलिस ने साझा कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। जोगा सिंह मूल रूप से लुधियाना का रहने वाला है और पीलीभीत में एक डेरा साहिब में सेवादार का काम करता था
जोगा सिंह ने ही अमृतपाल को पंजाब से बाहर भागने में मदद की थी। 28 मार्च तक वह अमृतपाल, पपलप्रीत व ड्राइवर गुरवंत सिंह के साथ रहा। उसके बाद सभी अलग हो गए थे। चारों के खिलाफ होशियारपुर में भी एक केस दर्ज हुआ था। डीआईजी भार्गव ने बताया कि जोगा सिंह पहला व्यक्ति है, जो अमृतपाल के साथ लगातार सीधे संपर्क में था।
वकील और उसके साथी ने अमृतपाल को होशियारपुर से भगाया
अमृतपाल को होशियारपुर से भगाने में गिरफ्तार कपूरथला के वकील राजदीप सिंह और सरबजीत सिंह को अदालत ने चार दिन के रिमांड पर भेज दिया है। अमृतपाल सिंह गांव मरनाइयां से इनोवा कार से निकल कर भागने के बाद गांव राजपुर भाइयां पहुंचा। वहां उसकी मदद दो भाइयों कुलदीप सिंह व हरदीप सिंह ने की, जिन्हें पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
सूत्रों के अनुसार गांव राजपुर भाइयां में रहने के दौरान अमृतपाल ने प्रवासी भारतीय गुरजाप सिंह से संपर्क किया। गुरजाप ने अमृतपाल को गांव से निकालने की जिम्मेदारी अपने भाई एडवोकेट राजदीप सिंह को दी। इसके लिए राजदीप ने अपने दोस्त सरबजीत सिंह उर्फ साबी से संपर्क किया। सरबजीत इंडेवर गाड़ी लाया और रात में ही अमृतपाल को वहां से निकालकर ले गया।
सूत्रों ने बताया कि गांव राजपुर भाइयां से निकलने के बाद अमृतपाल कुछ दिन हिमाचल में भी रहा है। फिलहाल पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है। वहीं, अन्य मददगार करनैल सिंह उर्फ गोगा को भी अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
अमृतपाल अब तक फरार, नौ गुर्गे हो चुके हैं गिरफ्तार
अमृतपाल सिंह को फरार हुए पूरे एक महीने होने वाले हैं, लेकिन अब तक पुलिस उस तक नहीं पहुंच पाई है। खालिस्तान समर्थक 18 मार्च को जालंधर से भाग निकला था। इस दौरान उसके हरियाणा, यूपी, दिल्ली और नेपाल में छिपे जाने की सूचनाएं मिलती रही। पंजाब पुलिस ने जगह-जगह पोस्टर भी लगाए। नाकेबंदी की। कई करीबियों को गिरफ्तार किया, लेकिन अब तक पुलिस मुख्य आरोपी तक नहीं पहुंच पाई। पुलिस अब तक अमृतपाल के नौ करीबियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिसमें उसका खास सहयोगी पपलप्रीत सिंह भी शामिल है।
इसके अलावा पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें दलजीत सिंह कलसी, भगवंत सिंह उर्फ बाजेके, गुरमीत सिंह बुक्कनवाल, बसंत सिंह दौलतपुरा, हरजीत सिंह, वरिंदर सिंह उर्फ फौजी, वरिंदर सिंह, गुरिंदर पाल सिंह से शामिल हैं। ये सभी फिलहाल असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं। इन आरोपियों को पुलिस ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत गिरफ्तार किया है। पंजाब पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस को अमृतपाल के संबंध में काफी सुराग लगे हैं। उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।