फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab Police alerted by central intelligence agencies about RPG attack on Sarhali police station

Punjab RPG Attack: एक साल में पंजाब पुलिस छह बड़े अलर्ट भांपने में असफल, हर घटनाक्रम में रही नाकाम

Sat, 10 Dec 2022 10:48 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 10 Dec 2022 10:48 PM IST
सार

9 मई 2022 को मोहाली स्थित पुलिस के खुफिया मुख्यालय पर आरपीजी हमले के बारे में भी खुफिया एजेंसियों ने पहले से इनपुट दे दिया था, लेकिन उस समय भी राज्य पुलिस चूक गई और पाकिस्तान में छिपे आतंकियों ने स्थानीय गैंगस्टरों की मदद से हमले के अंजाम दे दिया। 

विज्ञापन
Punjab Police alerted by central intelligence agencies about RPG attack on Sarhali police station
तरनतारन में हमला - फोटो : संवाद

विस्तार

तरनतारन के सरहाली पुलिस थाने पर आरपीजी हमले के बारे में केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने पिछले हफ्ते ही पंजाब पुलिस को अलर्ट भेजा था, लेकिन इसके बावजूद पुलिस हमले को रोकने में नाकामयाब साबित हुई। यह पहली बार नहीं है, जब खुफिया इनपुट आया हो और पुलिस उसे भुनाने में कामयाब रही हो। बीते सप्ताह खुफिया एजेंसियों ने पंजाब पुलिस को भेजे इनपुट में कहा था कि राज्य में माहौल खराब करने के उद्देश्य से विदेश में छिपे भारत विरोधी तत्व पुलिस थानों और सरकारी इमारतों को निशाना बना सकते हैं। इस मामले में मुख्य राजमार्गों पर स्थित ऐसे भवनों की सुरक्षा बढ़ाने की हिदायत दी गई थी। 

विज्ञापन


इस इनपुट को मिले पांच दिन ही बीते थे कि शुक्रवार रात सरहाली थाने में हमला हो गया। इससे साफ है कि एजेंसियों द्वारा पंजाब पुलिस को भेजा गया इनपुट पूरी तरह स्पष्ट था, जिस पर राज्य पुलिस समय रहते अलर्ट नहीं हुई। सरहाली थाने के हमले को मिलाकर पंजाब पुलिस एक साल में छह बड़े अलर्ट को भांपने में पंजाब पुलिस असफल रही है। 
विज्ञापन


इन अलर्ट पर भी चूकी पुलिस 
बीते साल 23 दिसंबर को लुधियाना जिला कोर्ट में आईईडी ब्लास्ट हुआ था। इस ब्लास्ट से ठीक पहले 23 दिसंबर और नौ दिसंबर को खुफिया एजेंसियों ने पंजाब पुलिस को आतंकी हमले का अलर्ट भेजा था। इस ब्लास्ट में एक की मौत हुई थी और छह लोग घायल हुए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
इसी साल फरवरी में खुफिया एजेंसियों ने तत्कालीन चरणजीत चन्नी सरकार को खालिस्तान समर्थकों की गतिविधियों के बारे में अलर्ट भेजा। इसमें कहा गया कि विदेश में बैठे खालिस्तान समर्थक और धर्म की आड़ में कुछ नेता गुपचुप तरीके से पंजाब में युवाओं को लामबंद कर रहे हैं। इसके डेढ़ महीने बाद 29 अप्रैल को पटियाला में काली माता मंदिर के बाहर हिंदू-सिख संगठन के लोग भिड़ गए थे। हमले में कई लोग घायल हुए थे। उसके बाद पूरे पटियाला में कर्फ्यू लगा दिया गया था।

9 मई 2022 को मोहाली स्थित पुलिस के खुफिया मुख्यालय पर आरपीजी हमले के बारे में भी खुफिया एजेंसियों ने पहले से इनपुट दे दिया था, लेकिन उस समय भी राज्य पुलिस चूक गई और पाकिस्तान में छिपे आतंकियों ने स्थानीय गैंगस्टरों की मदद से हमले के अंजाम दे दिया। 

सिद्धू मूसेवाला की हत्या से ठीक पहले दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने लॉरेंस गैंग के गैंगस्टर पकड़े थे, जिन्होंने पूछताछ में बताया था कि उन्होंने मूसेवाला के घर की रेकी कर उसकी हत्या की प्लानिंग की थी। मूसेवाला की सुरक्षा में एके 47 से लैस पुलिसकर्मियों को देखकर शाहरुख नाम के गैंगस्टर ने हत्या का इरादा टाल दिया था। इस बारे में दिल्ली पुलिस ने पंजाब पुलिस को इनपुट भेजा था, लेकिन फिर भी पंजाब पुलिस हत्या को नहीं रोक पाई थी। 

खुफिया एजेंसियों ने पंजाब में सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने के उद्देश्य से हिंदू नेताओं की हत्या के बारे में भी राज्य पुलिस को अलर्ट भेजा था। इसके आधार पर अमृतसर में शिवसेना नेता सुधीर सूरी की हत्या से एक हफ्ता पहले पंजाब पुलिस ने स्टेट स्पेशल आपरेशन सेल के थाने में दस लोगों को नामजद करते हुए एक एफआईआर भी दर्ज की थी। इसके बावजूद पुलिस ने हलके में लिया और पुलिस के सामने सूरी की गोली मारकर हत्या कर दी गई।

ये भी जारी हुए थे अलर्ट
मई में ही खुफिया एजेंसियों ने अलर्ट जारी किया कि आईएसआई ने आतंकियों को एकजुट कर लश्कर-ए-खालसा ग्रुप बना दिया है, जिसका काम पंजाब में स्थानीय अपराधियों और धर्म के नाम पर सिख युवकों को फुसलाकर हथियार व अन्य आपत्तिजनक सामग्री की सप्लाई चेन बनाना है।

अगस्त माह के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने पंजाब में 10 राजनेताओं पर हमले का अलर्ट जारी किया। एजेंसियों ने इस अलर्ट में पंजाब पुलिस को उन नेताओं के नाम भी दिए, जिन्हें ज्यादा खतरा था और उनकी सुरक्षा बढ़ाने की सलाह भी दी थी। इनमें चार नेता कांग्रेस के थे।

अगस्त में ही खुफिया एजेंसियों ने मोहाली और चंडीगढ़ में पाकिस्तानी आईएसआई द्वारा आतंकी हमले का अलर्ट जारी किया था, जिसमें बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों पर चौकसी बढ़ाने को कहा गया है।


राज्य में गैंगस्टरों की गतिविधियों पर खुफिया एजेंसियों ने इस साल अब तक पंजाब पुलिस को चार इनपुट भेजे। इनमें गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद बंबीहा और लारेंस बिश्नोई गैंग के बीच गैंगवार छिड़ने के संकेत देते हुए इन गैंग से जुड़े गुर्गों, सहयोगी गैंग पर नकेल कसने का सुझाव दिया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed