फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab Lok Sabha Election 2024 Hoshiarpur Constituency Farmer Challenges Bjp Victory Bjp vs Congress

Ground Report: किसी के लिए हैट्रिक की लड़ाई तो किसी को खाता खुलने का इंतजार...भाजपा की राह में दीवार बने किसान

Tue, 28 May 2024 11:13 AM IST
शाहरुख खान प्रदीप अवस्थी, अमर उजाला, होशियारपुर
प्रदीप अवस्थी, अमर उजाला, होशियारपुर Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 28 May 2024 11:13 AM IST
सार

यहां किसी के लिए हैट्रिक की लड़ाई तो किसी को खाता खुलने का इंतजार है। भाजपा की हैट्रिक की राह में किसान दीवार बने हैं। कांग्रेस के जिताऊ नेता को आप ले आई। शिअद को शहरी क्षेत्र में जनाधार की तलाश है।
 

विज्ञापन
Punjab Lok Sabha Election 2024 Hoshiarpur Constituency Farmer Challenges Bjp Victory Bjp vs Congress
Punjab Lok Sabha Election 2024 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लखबीर सिंह लक्खा की आवाज में मां चिंतपूर्णी के भजन दुकानों, गलियों और बाजारों में गूंजते हैं तो पंजाब का होशियारपुर शहर उत्तर प्रदेश के किसी मझोले शहर सा लगता है। पहाड़ों में बादलों की जरा भी अठखेलियां शुरू होती हैं तो ऊना और कांगड़ा से सटा यह जिला हिमाचली होने को मचल उठता है। बैसाखी, लोहड़ी और तीज में यहां पंजाबियत हिलोरे मारती है। जैसा माहौल, उसी में रम जाना ही होशियारपुर की होशियारी है।
विज्ञापन


फिलहाल शहर के बाजारों और पॉश इलाकों में इक्का-दुक्का जगह लहराते भगवा झंडे यह बताते हैं कि यहां चुनावी रंग चढ़ गया है। 40 किलोमीटर दूर पहाड़ों में चिंतपूर्णी माता के मंदिर की ओर भी ऐसा ही माहौल है। इसकी वजह ये भी हो सकती है कि पंजाब की बहुसंख्यक आबादी भले सिखों की हो, पर होशियारपुर में हिंदू (63%), सिख आबादी (34%) के मुकाबले लगभग दोगुने हैं। 
विज्ञापन


यहां का धार्मिक माहौल और ध्रुवीकरण बीते एक दशक से भाजपा की जीत का आधार रहा है। हालांकि, वर्ष 2014 से यहां पर सांसदी का सुख उठा रही भाजपा की नींद इस बार किसान आंदोलन की वजह से उड़ी है। भाजपा प्रत्याशी अनिता सोम प्रकाश को गांवों में प्रचार के दौरान किसानों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


17 में से 10 बार कांग्रेस
होशियारपुर सीट कांग्रेस का गढ़ रही है। यहां 17 बार हुए लोकसभा चुनाव में 10 बार कांग्रेस और पांच बार भाजपा ने जीत हासिल की। पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह यहां से सांसद रह चुके हैं। कांग्रेस के समर्थन से बसपा के कांशीराम भी एक बार जीत चुके हैं। संस्थापक कांशीराम और वर्तमान सुप्रीमो मायावती की कर्मभूमि होने की वजह से बसपा अन्य दलों का समीकरण बिगाड़ने में पूरी महारत रखती है।
 

हिमाचल में मिलाने की मांग
होशियारपुर की तहसील रही ऊना को हिमाचल प्रदेश का जिला बनाए जाने के बाद से मांग उठ रही है कि पूरे होशियारपुर को हिमाचल में शामिल कर दिया जाए। घंटाघर बाजार के व्यापारियों का कहना है कि वे इसके लिए भाजपा और कांग्रेस के सांसदों से मिल चुके हैं। कपड़ा कारोबारी गुरसिमरन सिंह ने कहा कि बाजारों में पार्किंग न होने से ग्राहक छिटक रहे हैं।

उद्योग न होने से बेरोजगारी पहले से है, अब दुकानें भी न चलें, तो कहां जाएं। सरकार में काबिज आप का निशान भले ही झाड़ू है, लेकिन शहर में गंदगी पसरी रहती है। गृहिणी रेनू ने खराब कानून-व्यवस्था और नशाखोरी का मुद्दा उठाया। बोलीं- आप सरकार ने शराब ठेकों की संख्या बढ़ा दी है। नशे में घर लौटे बेटों को देखने की तकलीफ कोई यहां की मांओं से पूछे। फगवाड़ा में छात्र दलप्रीत ने कहा कि सरकारें लुधियाना और जालंधर पर ज्यादा ध्यान देती हैं। लोग जिले को पिछड़ा बोलने लगे हैं।
 

शिअद के लिए अस्तित्व की लड़ाई
भाजपा से अलग होने के बाद शिरोमणि अकाली दल (शिअद) शहरी क्षेत्र में जनाधार तलाश रहा है। भाजपा के साथ रहते अकालियों की शहर में पैठ नहीं हो पाई। यही उनकी राह का सबसे बड़ा रोड़ा है। पंजाब में अस्तित्व बचाने के लिए शिअद के लिए यह चुनाव बेहद महत्वपूर्ण है। इसी बात को ध्यान में रखकर शिअद ने चार बार के विधायक व पूर्व मंत्री सोहन सिंह ठंडल पर भरोसा जताया है। ठंडल ने ग्राम प्रधानी से राजनीतिक सफर शुरू किया था। उनकी ग्रामीण मतदाताओं में अच्छी पकड़ है।

पत्नी की जीत के लिए रूठों को मना रहे सोम प्रकाश
होशियारपुर में भाजपा के साथ ही, मौजूदा सांसद और केंद्रीय मंत्री सोम प्रकाश की प्रतिष्ठा भी दांव पर है। भाजपा ने वर्ष 2014 में सांसद बने पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला को नाराज कर सोम प्रकाश की पत्नी अनिता को टिकट दिया है। सांपला के शिरोमणि अकाली दल से चुनाव लड़ने की चर्चा उठी थी। हालांकि शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें तो मना लिया, पर उनके करीबी अब भी बिदके हुए हैं। किसानों को साधने से बचा समय सोम प्रकाश और उनकी पत्नी को पार्टी के रूठे नेताओं को मनाने में लगाना पड़ रहा है। हालांकि, शहरी क्षेत्रों में लहराते भगवा झंडे और मंदिरों में जय श्रीराम के उद्घोष उनकी चिंता को थोड़ा कम जरूर करते हैं।

आप व कांग्रेस ने एक-दूसरे के नेताओं पर खेला दांव
आप यहां मजबूत स्थिति में दिख रही है। विधानसभा चुनाव में होशियारपुर की नौ में से चार सीट जीती थी। तीन सीट कांग्रेस के हिस्से आई। दिलचस्प यह है कि आप व कांग्रेस ने एक-दूसरे के जिताऊ नेताओं को तोड़कर उन्हें मैदान में उतार दिया है। 2014 में आप से चुनाव लड़ीं यामिनी गोमर कांग्रेस से, जबकि 2019 का लोकसभा चुनाव कांग्रेस से लड़े दलित नेता डॉ. राजकुमार चब्बेवाल अब आप के टिकट पर मैदान में हैं। 
 

पिछले दो चुनावों का हाल
2019
उम्मीदवार दल     मत%
सोम प्रकाश भाजपा  42.50   
डॉ. राजकुमार कांग्रेस  37.63
खुशीराम बसपा  12.98  

2014
उम्मीदवार दल   मत%
विजय सांपला     भाजपा     36.10
मोहिंदर केपी     कांग्रेस     34.70
यामिनी गोमर     आप     22.20



 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed