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Punjab : हाईकोर्ट ने कहा- शहीद सैनिकों को पुलिसकर्मियों से नीचे का दर्जा अस्वीकार्य, भेदभाव पर सरकार को फटकार

Fri, 29 Dec 2023 05:19 AM IST
दुष्यंत शर्मा विवेक शर्मा, चंडीगढ़
विवेक शर्मा, चंडीगढ़ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 29 Dec 2023 05:19 AM IST
सार

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि शहीद सैनिक को पुलिसकर्मियों से नीचे का दर्जा देना स्वीकार नहीं किया जा सकता।

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Punjab High Court said- giving martyred soldiers lower status than policemen is unacceptable.
पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

श्रीलंका में 1989 के ऑपरेशन पवन के दौरान शहीद हुए दविंदर सिंह सिद्धू के भतीजे को डीएसपी नियुक्त करने का पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि शहीद सैनिक को पुलिसकर्मियों से नीचे का दर्जा देना स्वीकार नहीं किया जा सकता।

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याचिका दाखिल करते हुए बठिंडा निवासी सर्बजीत सिंह सिद्धू ने हाईकोर्ट को बताया कि उनका बेटा दविंदर सिंह सिद्धू नेवी में लेफ्टिनेंट पायलट था। 1989 में भारत सरकार के श्रीलंका में किए गए ऑपरेशन पवन के दौरान वह शहीद हो गया था। याचिकाकर्ता के परिवार में अब केवल उसका पोता अर्शदीप सिंह सिद्धू ही मौजूद है जो परिवार का सहारा है। अर्शदीप शहीद दविंदर सिंह सिद्धू का भतीजा है।
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पंजाब सरकार की ऑनर एंड ग्रेटीट्यूट पॉलिसी के तहत डीएसपी पद पर नियुक्ति के लिए याची के पोते ने आवेदन किया था लेकिन इसे मंजूर नहीं किया गया। पंजाब सरकार ने बताया कि नौकरी के लिए 30 आवेदन मिले थे और 27 का चयन किया गया है। इस नीति के तहत शहीद पुलिसवालों के भतीजों को नौकरी दी गई है, लेकिन शहीद सैनिकों के मामले में ऐसा नहीं किया गया। हाईकोर्ट ने कहा कि सेना का रक्षा कर्मी जिसने राष्ट्र के लिए अपना जीवन दे दिया, उसे पुलिस बल में रहते हुए शहीद होने वालों से निचले स्तर पर नहीं रखा जा सकता।
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सेना के शहीद जवान के आश्रितों के दावे को शहीद पुलिसकर्मियों के आश्रितों से कम महत्व नहीं दिया जा सकता। सरकार शहीद पुलिसकर्मियों के आश्रितों के लिए सम्मान व पुनर्वास करना चाहती है जिसमें कोई बुराई नहीं है, लेकिन शहीद सैनिकों के मामले में अलग मानदंड नहीं रखे जा सकते। ऐसे में हाईकोर्ट ने 3 महीने के भीतर याची के पोते को डीएसपी बनाने पर फैसला लेने का आदेश दिया है। साथ ही याची के पोते को आदेश दिया है कि वह अंडरटेकिंग देगा कि नौकरी मिलने के बाद परिवार का ख्याल रखेगा।

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