फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab Haryana highcourt strict on illegal mining in Ropar of Punjab

Highcourt: पंजाब में अवैध खनन पर पुलिस गंभीर नहीं, हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणी-क्या सीबीआई को सौंप दें जांच

Fri, 15 Sep 2023 10:29 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 15 Sep 2023 10:29 AM IST
सार

हाईकोर्ट ने कहा कि अवैध खनन के मामलों में 15 हजार कमाने वाले ड्राइवरों पर शिकंजा कसा जा रहा है जो जमानत के लिए 50 हजार का वकील करने को मजबूर होते हैं। खनन माफिया पुलिस की पहुंच से दूर रहता है और मजे लूट रहा है।
 

विज्ञापन
Punjab Haryana highcourt strict on illegal mining in Ropar of Punjab
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : File Photo

विस्तार

रोपड़ में अवैध खनन पर कड़ा रुख अपनाते हुए केवल गरीब लोगों की गिरफ्तारी और माइनिंग माफिया के पुलिस के शिकंजे से बाहर होने पर हाईकोर्ट ने पंजाब पुलिस को फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है पंजाब पुलिस इस मामले में गंभीर नहीं है। क्यों न इन अवैध खनन की 14 एफआईआर में जांच सीबीआई को सौंप दी जाए। 

विज्ञापन


रोपड़ के नंगल पुलिस स्टेशन में अवैध खनन को लेकर 27 जुलाई को एफआईआर दर्ज की गई थी। इस मामले में अग्रिम जमानत की मांग को लेकर आरोपी आजमदीन ने याचिका दायर की थी। बेंच के सामने याची के वकील ने इस मामले में कोई भूमिका न होने का तर्क दिया था। वह केवल एक टिप्पर चालक है और मौके से वह गिरफ्तार भी नहीं हुआ था। बेंच ने कहा कि केवल गरीब व्यक्ति जो जेसीबी और टिप्पर के ड्राइवर हैं को आरोपी बनाया जाता है, यह एक खेदजनक स्थिति है। पुलिस असली दोषियों को बचाने की पूरी कोशिश कर रही है, जिनके इशारे पर अवैध खनन कार्य किया जा रहा था।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: अमर जवान: बलिदान के कुछ घंटे पहले पत्नी से कर्नल मनप्रीत की आखिरी बात, मैं एक मिशन पर हूं...अब बची सिर्फ याद
विज्ञापन
विज्ञापन


हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई पर स्थानीय एसएचओ को पेश होने का आदेश दिया था। वीरवार को वह पेश हुए और स्टेटस रिपोर्ट दी। सुनवाई के दौरान पंजाब पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कोर्ट ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस खनन माफिया से मिलकर काम कर रही है। केवल गरीब लोग निशाना बनाए जाते हैं और खनन माफिया पुलिस के शिकंजे से दूर है। 

कोर्ट ने कहा कि तहसीलदार से डिमार्केशन रिपोर्ट समय से न मिलने के कारण पुलिस की जांच में देरी हुई। खनन विभाग के अधिकारियों की सही निगरानी न होने के कारण अवैध खनन जारी रहा और एसएसपी ने इस मामले में ध्यान नहीं दिया। हाईकोर्ट ने एसएसपी, नंगल के तहसीलदार, माइनिंग और ड्रेनेज विभाग के एक्सईएन को तलब कर लिया है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि तीनों पेश नहीं हुए तो उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिए जाएंगे।


15 हजार कमाने वाले 50 हजार का वकील करने को मजबूर, माफिया मजे लूट रहा
हाईकोर्ट ने कहा कि अवैध खनन के मामलों में 15 हजार कमाने वाले ड्राइवरों पर शिकंजा कसा जा रहा है जो जमानत के लिए 50 हजार का वकील करने को मजबूर होते हैं। खनन माफिया पुलिस की पहुंच से दूर रहता है और मजे लूट रहा है। इस प्रकार की प्रथा को बंद करने की जरूरत है।

बच्चों से पूछ लेते जमीन के मालिक का नाम तो वे भी बता देते
पंजाब सरकार ने बताया कि जिस जमीन पर अवैध खनन हो रहा था उसका मालिक कौन था यह पता करने में सरकार को एक माह का समय लग गया। हाईकोर्ट ने इस पर हैरानी जताते हुए कहा कि हरियाणा-पंजाब में अगर यह सवाल बच्चों से भी पूछ लेते तो वह भी बता देते कि जमीन का मालिक कौन है। कोर्ट ने सरकार की जांच पर सवालिया निशान लगाते हुए यह टिप्पणियां की है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed