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HCS पेपर लीक: भगोड़ों को पकड़ने में चंडीगढ़ पुलिस अब तक नाकाम, हाईकोर्ट ने लगाई फटकार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 20 Sep 2018 10:06 AM IST
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : File Photo
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एचसीएस जूडीशियल पेपर लीक मामले में यूटी पुलिस अभी तक भगोड़ों को पकड़ने में नाकाम रही है। पुलिस ने अपनी नाकामी के लिए व्हाट्स एप कॉलिंग को जिम्मेदार बताया। हाईकोर्ट ने दलीलों पर यूटी पुलिस को फटकार लगाते हुए जल्द से जल्द भगोड़ों को गिरफ्तार करने के आदेश दिए हैं।
डेढ़ करोड़ में एचसीएस जूडीशियल का पेपर बेचने के मामले में चंडीगढ़ पुलिस की एसआईटी ने बुधवार को अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट के समक्ष सौंपी। एसआईटी ने बताया कि अभी तक भगोड़ों को पकड़ने में कामयाबी नहीं मिली है। सफाई देते हुए यूटी पुलिस ने कहा कि भगोड़ों को पकड़ने के लिए उनकी कॉल ट्रेस की जा रही है लेकिन वे इतने शातिर हैं कि बार-बार नंबर बदल रहे हैं। वे नॉर्मल कॉलिंग के स्थान पर व्हाट्स एप पर कॉलिंग कर रहे हैं जिसके कारण उन्हें ट्रेस करना मुश्किल हो गया है। जिन्हें भगोड़ा घोषित किया गया है उन पर पुलिस ने इनाम भी रखा है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
आरोपियों की धर पकड़ के लिए यूटी पुलिस ने हरियाणा और दिल्ली पुलिस से भी संपर्क किया है। जांच जारी है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच को अंजाम तक पहुंचा दिया जाएगा। हाईकोर्ट ने जांच और गिरफ्तारी में हो रही देरी पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच को जल्द से जल्द पूरा करने का प्रयास किया जाए। इस दौरान कुछ आरोपियों की जमानत याचिका पर भी सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने फिलहाल किसी को राहत देने से इनकार करते हुए सुनवाई स्थगित कर दी है।
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यह है मामला
पंचकूला के पिंजौर की निवासी सुमन ने एडवोकेट मंजीत सिंह के जरिये याचिका दायर कर कहा था कि हरियाणा ने एचसीएस जूडीशियल के 109 पदों के लिए आवेदन मांगे थे जिसके लिए याची ने भी अप्लाई किया था। परीक्षा की तैयारी के लिए एक कोचिंग सेंटर भी ज्वाइन किया। इस दौरान उसकी दोस्ती एक लड़की सुशीला से हो गई जिसने गलती से याची को एक ऐसी ऑडियो क्लिप भेज दी जिसमें वह अन्य लड़की से डेढ़ करोड़ में नियुक्ति की बात कर रही थी।
जब याची ने सुशीला से पूछा तो सुशीला ने वो ऑडियो क्लिप डिलीट कर दी। जब जोर देकर पूछा गया तो पेपर लीक होने की बात पता चली। याची ने कहा उसे विश्वास नहीं हुआ इस स्तर की परीक्षा का पेपर लीक हो सकता है। सुशीला ने याचिकाकर्ता को 6 सवाल भी बताए जो परीक्षा में आने थे। जब 16 जुलाई को परीक्षा हुई तो जो सवाल उसे बताये गए थे वे परीक्षा में आए थे।
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डेढ़ करोड़ में एचसीएस जूडीशियल का पेपर बेचने के मामले में चंडीगढ़ पुलिस की एसआईटी ने बुधवार को अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट के समक्ष सौंपी। एसआईटी ने बताया कि अभी तक भगोड़ों को पकड़ने में कामयाबी नहीं मिली है। सफाई देते हुए यूटी पुलिस ने कहा कि भगोड़ों को पकड़ने के लिए उनकी कॉल ट्रेस की जा रही है लेकिन वे इतने शातिर हैं कि बार-बार नंबर बदल रहे हैं। वे नॉर्मल कॉलिंग के स्थान पर व्हाट्स एप पर कॉलिंग कर रहे हैं जिसके कारण उन्हें ट्रेस करना मुश्किल हो गया है। जिन्हें भगोड़ा घोषित किया गया है उन पर पुलिस ने इनाम भी रखा है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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आरोपियों की धर पकड़ के लिए यूटी पुलिस ने हरियाणा और दिल्ली पुलिस से भी संपर्क किया है। जांच जारी है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच को अंजाम तक पहुंचा दिया जाएगा। हाईकोर्ट ने जांच और गिरफ्तारी में हो रही देरी पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच को जल्द से जल्द पूरा करने का प्रयास किया जाए। इस दौरान कुछ आरोपियों की जमानत याचिका पर भी सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने फिलहाल किसी को राहत देने से इनकार करते हुए सुनवाई स्थगित कर दी है।
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यह है मामला
पंचकूला के पिंजौर की निवासी सुमन ने एडवोकेट मंजीत सिंह के जरिये याचिका दायर कर कहा था कि हरियाणा ने एचसीएस जूडीशियल के 109 पदों के लिए आवेदन मांगे थे जिसके लिए याची ने भी अप्लाई किया था। परीक्षा की तैयारी के लिए एक कोचिंग सेंटर भी ज्वाइन किया। इस दौरान उसकी दोस्ती एक लड़की सुशीला से हो गई जिसने गलती से याची को एक ऐसी ऑडियो क्लिप भेज दी जिसमें वह अन्य लड़की से डेढ़ करोड़ में नियुक्ति की बात कर रही थी।
जब याची ने सुशीला से पूछा तो सुशीला ने वो ऑडियो क्लिप डिलीट कर दी। जब जोर देकर पूछा गया तो पेपर लीक होने की बात पता चली। याची ने कहा उसे विश्वास नहीं हुआ इस स्तर की परीक्षा का पेपर लीक हो सकता है। सुशीला ने याचिकाकर्ता को 6 सवाल भी बताए जो परीक्षा में आने थे। जब 16 जुलाई को परीक्षा हुई तो जो सवाल उसे बताये गए थे वे परीक्षा में आए थे।