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सूख रही सुखना को बचाने को हाईकोर्ट को आया एक आइडिया, मांगी जानकारी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 23 Jul 2017 12:03 PM IST
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Sukhna Lake, Chandigarh
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सूख रही सुखना लेक को बचाने के लिए हाईकोर्ट को एक आइडिया आया है, जिसके बारे नगर निगम और प्रशासन से जानकारी मांगी गई है। साथ ही पूछा है कि शहर के पार्कों और अन्य ग्रीन बेल्ट्स की तुलना में चंडीगढ़ गोल्फ क्लब की 61 एकड़ ग्रीन बेल्ट को हरा-भरा रखने के लिए निगम कितना टर्शरी वाटर दे रहा है। क्या पानी की कमी से जूझ रही सुखना लेक के जल संकट को खत्म करने के लिए भी टर्शरी वाटर इस्तेमाल हो सकता है या नहीं।
अगर यह पानी लेक के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है तो उसका कारण बताया जाए। यह जानकारी दिए जाने के लिए हाईकोर्ट से समय मांगा गया है। चीफ जस्टिस एसजे वजीफदार व जस्टिस हरिंदर सिंह सिद्धू की खंडपीठ ने प्रशासन और निगम को समय देते हुए याचिका पर सुनवाई 21 अगस्त तक स्थगित कर दी है। हाईकोर्ट ने यह आदेश चंडीगढ़ गोल्फ चलब के लीज रेंट के विवाद को लेकर हाईकोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए हैं।
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अगर यह पानी लेक के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है तो उसका कारण बताया जाए। यह जानकारी दिए जाने के लिए हाईकोर्ट से समय मांगा गया है। चीफ जस्टिस एसजे वजीफदार व जस्टिस हरिंदर सिंह सिद्धू की खंडपीठ ने प्रशासन और निगम को समय देते हुए याचिका पर सुनवाई 21 अगस्त तक स्थगित कर दी है। हाईकोर्ट ने यह आदेश चंडीगढ़ गोल्फ चलब के लीज रेंट के विवाद को लेकर हाईकोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए हैं।
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गोल्फ क्लब ने हाईकोर्ट को दी थी ये जानकारी
Sukhna Lake, Chandigarh
गोल्फ क्लब ने हाईकोर्ट को बताया था कि गोल्फ क्लब को 132 एकड़ जमीन लीज पर दी हुई है। जिसमें से 61 एकड़ जमीन फारेस्ट लैंड है और बाकी की जमीन ग्रीन बेल्ट है। इसमें से कुछ थोड़े से हिस्से पर कुछ निर्माण भी किया है। इस ग्रीन बेल्ट को हरा-भरा रखने और पानी देने के लिए टर्शरी वाटर का इस्तेमाल किया जाता है।
इस जानकारी पर हाईकोर्ट ने अब प्रशासन और निगम से पूछा है कि शहर में कितना टर्शरी वाटर बनाया जा रहा है और इसमें से कितना पानी गोल्फ क्लब, शहर के सभी पार्कों और ग्रीन बेल्ट को दिया जा रहा है। हाईकोर्ट ने इस मामले में सूखती जा रही सुखना लेक का भी मुद्दा उठाया है। प्रशासन से पूछा है कि क्या यह टर्शरी वाटर लेक के जलस्तर को बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है या नहीं। बता दें कि, हाईकोर्ट ने यह आदेश गोल्फ क्लब के लीज रेंट के मामले में सुनवाई के दौरान दिए हैं।
इस मामले में गोल्फ क्लब ने हाईकोर्ट को बताया कि इस विवाद पर अथॉरिटी से बात चल रही है। इसका जल्द ही कोई हल निकाल लिया जाएगा।
इस जानकारी पर हाईकोर्ट ने अब प्रशासन और निगम से पूछा है कि शहर में कितना टर्शरी वाटर बनाया जा रहा है और इसमें से कितना पानी गोल्फ क्लब, शहर के सभी पार्कों और ग्रीन बेल्ट को दिया जा रहा है। हाईकोर्ट ने इस मामले में सूखती जा रही सुखना लेक का भी मुद्दा उठाया है। प्रशासन से पूछा है कि क्या यह टर्शरी वाटर लेक के जलस्तर को बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है या नहीं। बता दें कि, हाईकोर्ट ने यह आदेश गोल्फ क्लब के लीज रेंट के मामले में सुनवाई के दौरान दिए हैं।
इस मामले में गोल्फ क्लब ने हाईकोर्ट को बताया कि इस विवाद पर अथॉरिटी से बात चल रही है। इसका जल्द ही कोई हल निकाल लिया जाएगा।