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पेट में पल रहा है बच्चा और उसे जन्म नहीं देना चाहती मां, अब होगा ये काम
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 26 Mar 2018 09:58 AM IST
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लड़की के पेट में बच्चा पल रहा है, लेकिन वह उसे जन्म नहीं देना चाहती। इसलिए अब वह ये काम करेगी, इसके लिए मंजूरी भी मिल गई है। एचआईवी पीड़ित महिला द्वारा गर्भपात की मंजूरी के लिए दाखिल याचिका को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मंजूरी दे दी है। अपनी तरह का यह अलग मामला है जिसमें एचआईवी के कारण गर्भपात की अनुमति मांगी गई हो।
हाईकोर्ट ने पीड़िता को प्री व पोस्ट ट्रीटमेंट दवा व सुविधाएं मुहैया करवाने के भी आदेश दिए हैं। महिला द्वारा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए कहा गया कि महिला एचआईवी पीड़ित है और इसी के चलते उसका पति भी उसे मां-बाप के भरोसे छोड़ चुका है। यदि इस हाल में वह बच्चे को जन्म देती है तो इससे उसकी शारीरिक व मानसिक हालत पर बुरा प्रभाव पड़ेगा।
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हाईकोर्ट ने पीड़िता को प्री व पोस्ट ट्रीटमेंट दवा व सुविधाएं मुहैया करवाने के भी आदेश दिए हैं। महिला द्वारा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए कहा गया कि महिला एचआईवी पीड़ित है और इसी के चलते उसका पति भी उसे मां-बाप के भरोसे छोड़ चुका है। यदि इस हाल में वह बच्चे को जन्म देती है तो इससे उसकी शारीरिक व मानसिक हालत पर बुरा प्रभाव पड़ेगा।
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महिला को 18 महीने का गर्भ हो चुका है
pregnant women
हाईकोर्ट ने याचिका पर अपना फैसला सुनाते हुए महिला को 18 सप्ताह के गर्भ को गिराने की अनुमति दे दी। इस मामले में कोर्ट ने महिला को पटियाला के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज तथा अस्पताल में जाने के आदेश दिए हैं।
साथ ही डाक्टरों को आदेश दिए हैं कि महिला की शारीरिक और मानसिक स्थिति को मद्देनजर उसकी प्रेगनेंसी टर्मिनेशन की दिशा में आगे बढ़ें और इस दौरान उसे प्री और पोस्ट ट्रीटमेंट दवाएं व सुविधाएं मुहैया करवाई जाए। कोर्ट ने कहा कि यह बहुत जरूरी है क्योंकि जिस पति पर उसकी जिम्मेदारी थी वह उसे उसके मां-बाप के भरोसे छोड़ गया है।
साथ ही डाक्टरों को आदेश दिए हैं कि महिला की शारीरिक और मानसिक स्थिति को मद्देनजर उसकी प्रेगनेंसी टर्मिनेशन की दिशा में आगे बढ़ें और इस दौरान उसे प्री और पोस्ट ट्रीटमेंट दवाएं व सुविधाएं मुहैया करवाई जाए। कोर्ट ने कहा कि यह बहुत जरूरी है क्योंकि जिस पति पर उसकी जिम्मेदारी थी वह उसे उसके मां-बाप के भरोसे छोड़ गया है।