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सुखना लेक के लिए पानी रिजर्व करने का इंतजाम करे हरियाणा: हाईकोर्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 29 Nov 2017 04:27 PM IST
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Sukhna Lake, Chandigarh
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गिरते जलस्तर की याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सुखना के लिए हरियाणा सरकार को पानी रिजर्व करने का इंतजाम करने के आदेश दिए हैं। इसके लिए चेकडैम के माध्यम से पंचकूला में पानी को रोका जाएगा और जब सुखना सूखने लगेगी तो यह पानी उसमें छोड़ा जाएगा। हरियाणा सरकार को हाईकोर्ट में अगली सुनवाई पर इसको लेकर जवाब दाखिल करना होगा। मामले की सुनवाई आरंभ होते ही हाईकोर्ट ने बीते दिनों सुखना के कैचमेंट की विजिट के दौरान उठाए गए मुद्दों पर जवाब मांगा।
हरियाणा सरकार ने बताया कि सुखना में सकेतड़ी की ओर से पानी न आए इसके लिए उन्होंने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने का प्रस्ताव अथॉरिटी को भेजा है। इसके साथ ही यह भी बताया गया कि पानी को रोकने और इससे सिल्ट निकालकर आवश्यकता के समय इस पानी को सुखना में छोड़ने हेतू अपनाई जाने वाली तकनीक के बारे में जवाब देने के लिए समय दिए जाने की अपील की। इस दौरान कोर्ट ने यूटी प्रशासन से सुखना में सीवरेज का पानी न जाए, इसके लिए उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी।
इस पर प्रशासन की ओर से उनके प्रस्ताव के बारे में बताया गया, जिसे नाकाफी मानकर कोर्ट ने अभी तक उठाए गए सभी कदमों का ब्योरा तलब कर लिया है। कोर्ट को एक समाचार के बारे में बताया गया जिसके अनुसार किशनगढ़ में प्रशासन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने जा रहा है। एमिकस क्यूरी ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि सीवरेज का पानी ट्रीट करने के बाद भी सुखना में नहीं डाला जाना चाहिए। इस पर हाईकोर्ट ने प्रशासन से जवाब मांगा।
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प्रशासन की ओर से कहा गया कि पहले इस प्लांट को बनकर तैयार हो जाने दिया जाए ताकि आगे यह पानी सुखना में डालने लायक है या नहीं यह निर्धारित हो सके। इस पर हाईकोर्ट ने प्रशासन को आदेश दिए कि चाहे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनकर तैयार हो जाए पंरतु इससे सुखना में पानी तब तक न डाला जाए जब तक हाईकोर्ट इससे संतुष्ट न हो।
जज करेंगे सुखना का दौरा
अब पिछला दौरा हुए दो माह से भी अधिक समय बीत जाने के चलते जस्टिस एके मित्तल और जस्टिस अमित रावल अगले 15 दिनों के भीतर सुखना का फिर से दौरा करेंगे। इस दौरे में वे देखेंगे कि वायदों के अनुसार क्या काम पूरा किया गया है और क्या काम है जो अभी भी लंबित पड़ा है। इससे पहले भी लगातार कुछ अंतराल पर यह खंडपीठ सुखना का निरीक्षण करने के लिए जाती रही है।
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हरियाणा सरकार ने बताया कि सुखना में सकेतड़ी की ओर से पानी न आए इसके लिए उन्होंने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने का प्रस्ताव अथॉरिटी को भेजा है। इसके साथ ही यह भी बताया गया कि पानी को रोकने और इससे सिल्ट निकालकर आवश्यकता के समय इस पानी को सुखना में छोड़ने हेतू अपनाई जाने वाली तकनीक के बारे में जवाब देने के लिए समय दिए जाने की अपील की। इस दौरान कोर्ट ने यूटी प्रशासन से सुखना में सीवरेज का पानी न जाए, इसके लिए उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी।
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इस पर प्रशासन की ओर से उनके प्रस्ताव के बारे में बताया गया, जिसे नाकाफी मानकर कोर्ट ने अभी तक उठाए गए सभी कदमों का ब्योरा तलब कर लिया है। कोर्ट को एक समाचार के बारे में बताया गया जिसके अनुसार किशनगढ़ में प्रशासन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने जा रहा है। एमिकस क्यूरी ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि सीवरेज का पानी ट्रीट करने के बाद भी सुखना में नहीं डाला जाना चाहिए। इस पर हाईकोर्ट ने प्रशासन से जवाब मांगा।
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प्रशासन की ओर से कहा गया कि पहले इस प्लांट को बनकर तैयार हो जाने दिया जाए ताकि आगे यह पानी सुखना में डालने लायक है या नहीं यह निर्धारित हो सके। इस पर हाईकोर्ट ने प्रशासन को आदेश दिए कि चाहे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनकर तैयार हो जाए पंरतु इससे सुखना में पानी तब तक न डाला जाए जब तक हाईकोर्ट इससे संतुष्ट न हो।
जज करेंगे सुखना का दौरा
अब पिछला दौरा हुए दो माह से भी अधिक समय बीत जाने के चलते जस्टिस एके मित्तल और जस्टिस अमित रावल अगले 15 दिनों के भीतर सुखना का फिर से दौरा करेंगे। इस दौरे में वे देखेंगे कि वायदों के अनुसार क्या काम पूरा किया गया है और क्या काम है जो अभी भी लंबित पड़ा है। इससे पहले भी लगातार कुछ अंतराल पर यह खंडपीठ सुखना का निरीक्षण करने के लिए जाती रही है।