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Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab Haryana Highcourt order for Final debate in matter of making sadhus impotent on April 21

आदेश: साधुओं को नपुंसक बनाने के मामले में 21 अप्रैल को होगी अंतिम बहस, हाईकोर्ट ने सीबीआई की अर्जी पर की सुनवाई

Tue, 29 Mar 2022 02:44 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 29 Mar 2022 02:44 PM IST
सार

सीबीआई ने अर्जी में बताया कि उन्होंने 2019 में हाईकोर्ट में याचिका दायर कर केस डायरी को सभी आरोपियों को सौंपने के पंचकूला ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी।

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Punjab Haryana Highcourt order for Final debate in matter of making sadhus impotent on April 21
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

साधुओं को नपुंसक बनाने के मामले का ट्रायल लटकने के चलते सीबीआई ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल करते हुए इसका ट्रायल जल्द से जल्द शुरू करने की मांग की है। अर्जी पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने अब 21 अप्रैल को सभी पक्षों को अंतिम बहस में शामिल होने का आदेश दिया है।

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सीबीआई ने अर्जी में बताया कि उन्होंने 2019 में हाईकोर्ट में याचिका दायर कर केस डायरी को सभी आरोपियों को सौंपने के पंचकूला ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने सीबीआई की याचिका पर राम रहीम व अन्य आरोपियों को नोटिस जारी किया था। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को आदेश दिया था कि इस याचिका पर फिलहाल सुनवाई न करे। 
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अब सीबीआई ने अर्जी दायर कर बताया है कि हाईकोर्ट में याचिका लंबित रहते तब से अब तक इस केस में सुनवाई नहीं हो सकी है। ऐसे में इस केस के जल्द निपटारे के लिए जल्द से जल्द सुनवाई का आदेश दिया जाए। सीबीआई द्वारा की गई इस मांग पर अब हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को आदेश दिया है कि वह 21 अप्रैल को इस मामले में अंतिम बहस करे व सभी पक्ष अपनी दलीलें उसी दिन रखें।

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पंजाब: 15 से 18 फरवरी के बीच पंजाब में माननीयों पर दर्ज हुईं आठ एफआईआर

पूर्व और मौजूदा सांसदों व विधायकों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों के जल्द निपटारे को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा लिए गए संज्ञान मामले में पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट में जवाब सौंपा। पंजाब सरकार ने बताया कि 15 से 18 फरवरी के बीच आठ माननीयों पर चुनाव प्रचार के दौरान डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट का उल्लंघन करने पर एफआईआर दर्ज की गई है।

पंजाब ब्यूरो ऑफ इनवेस्टिगेशन के आईजी गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने बताया कि पंजाब के पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी, अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया, सिमरजीत सिंह बैंस, फतेहजंग बाजवा, सुच्चा सिंह छोटेपुर, हरिंदरपाल सिंह चंदूमाजरा, विरसा सिंह वल्टोहा और सुखपाल सिंह भुल्लर पर एफआईआर दर्ज की गई है। इन सभी के खिलाफ दर्ज एफआईआर में जांच जारी है। इन एफआईआर में जांच अधिकारियों को जल्द से जल्द जांच को पूरा करने का निर्देश दिया जा चुका है। हाईकोर्ट ने इस जानकारी को रिकॉर्ड में लेते हुए सुनवाई 5 अप्रैल तक स्थगित कर दी।

पिछली सुनवाई पर पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट को बताया था कि पंजाब के पूर्व और मौजूदा सांसदों/विधायकों के खिलाफ सिर्फ 7 एफआईआर हैं, जिसमें जांच जारी है। इनमें बिक्रम सिंह मजीठिया, पूर्व विधायक अनिल जोशी, पूर्व विधायक मलकीत सिंह, विधायक पवन कुमार टीनू, विधायक गुरप्रताप सिंह वडाला, बलदेव सिंह खैहरा और पूर्व विधायक अजित सिंह कोहाड़, सिमरजीत बैंस, बलविंदर सिंह व विरसा सिंह वल्टोहा आरोपी हैं।

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