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हरियाणाः 4600 से अधिक टीचर्स की नौकरी पर लटकी तलवार, जानिए क्या मामला है
विवेक शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 17 Apr 2018 03:39 PM IST
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हरियाणा में 4600 से ज्यादा टीचर्स की नौकरी पर तलवार लटक गई है। पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए सरकार को तलब किया है। नॉन एचटेट पीजीटी को हटाने के लिए एचटेट पास शिक्षकों की याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को फटकार लगाते हुए पूछा है कि पात्रता परीक्षा पास करने में नाकामयाब रहे शिक्षकों को हटाया क्यों नहीं गया है। साथ ही यह भी पूछा कि कैसे अपात्र शिक्षकों को स्कूलों में पढ़ाने की अनुमति दी जा सकती है।
हाईकोर्ट में दाखिल इस याचिका के चलते हरियाणा के स्कूलों में शिक्षण कर रहे 4600 से अधिक नॉन एचटेट शिक्षकों की नौकरी पर तलवार लटक गई है। काबिलेगौर है कि इन शिक्षकों को नौकरी बचाने के लिए 1 अप्रैल तक हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करनी थी। एचटेट पास उम्मीदवारों सुधीर सिंह व अन्य द्वारा याचिका दाखिल करते हुए कहा गया था कि वर्ष 2012 में 14216 पीजीटी पदों का विज्ञापन जारी हुआ था। तत्कालीन हुड्डा सरकार ने अतिथि अध्यापकों को भर्ती में आवेदन करने का मौका दिया था।
इसके तहत सरकारी व गैर-सरकारी विद्यालयों में 4 साल का शिक्षण अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को भर्ती में शामिल किया गया। भर्ती में शामिल किए जाने की शर्त यह थी कि चयनित होने पर उम्मीदवारों को 1 अप्रैल 2015 तक अध्यापक पात्रता परीक्षा पास करनी होगी तथा बीएड की डिग्री हासिल करनी होगी। बहुत से उम्मीदवार इस छूट का सहारा लेकर पीजीटी चयनित हो गए लेकिन 1 अप्रैल 2015 तक वे अध्यापक पात्रता परीक्षा पास करने में विफल रहे।
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विफल रहने पर उन्होंने सरकार पर दबाव बनाया कि उन्हें और समय दिया जाए। तत्कालीन हुड्डा सरकार ने ऐसे पीजीटी शिक्षकों को एक मौका और देते हुए उन्हें 1 अप्रैल 2018 तक अध्यापक पात्रता परीक्षा पास करने का समय प्रदान कर दिया लेकिन 6 साल बीतने पर व गत वर्षों में अनेक बार आयोजित हुई अध्यापक पात्रता परीक्षा को पास करने में ये पीजीटी असफल सिद्ध हुए। 1 अप्रैल 2018 तक अध्यापक पात्रता परीक्षा पास करने में विफल रहने पर इन पीजीटी शिक्षकों ने एक बार फिर से सरकार व शिक्षा विभाग पर दबाव बनाया कि उन्हें अध्यापक पात्रता परीक्षा पास करने के लिए 3-4 साल का समय और दिया जाए।
शिक्षामंत्री ने उन्हें और समय देने की घोषणा भी कर दी जबकि इस बारे में कानूनन कोई नोटिफिकेशन अभी तक भी जारी नहीं हुआ और न ही कोई विभागीय निर्देश हैं। ऐसे में अध्यापक पात्रता परीक्षा पास उम्मीदवारों सुधीर सिंह व अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर ऐसे पीजीटी शिक्षकों को तुरंत हटाने व उनका वेतन जारी न करने की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि पिछले 6 साल से जिस पाठ्यक्रम को ये नॉन-एचटेट पीजीटी पढ़ा रहे हैं। याचिकाकर्ता उम्मीदवारों ने एचटेट परीक्षा को अपनी काबिलियत व मेहनत के बल पर 3-3 बार पास किया हुआ है। इन नॉन-एचटेट उम्मीदवारों की वजह से ही याचिकाकर्ताओं को भर्ती के समय शॉर्टलिस्ट करके भर्ती प्रक्त्रिस्या से बाहर कर दिया गया था।
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हाईकोर्ट में दाखिल इस याचिका के चलते हरियाणा के स्कूलों में शिक्षण कर रहे 4600 से अधिक नॉन एचटेट शिक्षकों की नौकरी पर तलवार लटक गई है। काबिलेगौर है कि इन शिक्षकों को नौकरी बचाने के लिए 1 अप्रैल तक हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करनी थी। एचटेट पास उम्मीदवारों सुधीर सिंह व अन्य द्वारा याचिका दाखिल करते हुए कहा गया था कि वर्ष 2012 में 14216 पीजीटी पदों का विज्ञापन जारी हुआ था। तत्कालीन हुड्डा सरकार ने अतिथि अध्यापकों को भर्ती में आवेदन करने का मौका दिया था।
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इसके तहत सरकारी व गैर-सरकारी विद्यालयों में 4 साल का शिक्षण अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को भर्ती में शामिल किया गया। भर्ती में शामिल किए जाने की शर्त यह थी कि चयनित होने पर उम्मीदवारों को 1 अप्रैल 2015 तक अध्यापक पात्रता परीक्षा पास करनी होगी तथा बीएड की डिग्री हासिल करनी होगी। बहुत से उम्मीदवार इस छूट का सहारा लेकर पीजीटी चयनित हो गए लेकिन 1 अप्रैल 2015 तक वे अध्यापक पात्रता परीक्षा पास करने में विफल रहे।
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विफल रहने पर उन्होंने सरकार पर दबाव बनाया कि उन्हें और समय दिया जाए। तत्कालीन हुड्डा सरकार ने ऐसे पीजीटी शिक्षकों को एक मौका और देते हुए उन्हें 1 अप्रैल 2018 तक अध्यापक पात्रता परीक्षा पास करने का समय प्रदान कर दिया लेकिन 6 साल बीतने पर व गत वर्षों में अनेक बार आयोजित हुई अध्यापक पात्रता परीक्षा को पास करने में ये पीजीटी असफल सिद्ध हुए। 1 अप्रैल 2018 तक अध्यापक पात्रता परीक्षा पास करने में विफल रहने पर इन पीजीटी शिक्षकों ने एक बार फिर से सरकार व शिक्षा विभाग पर दबाव बनाया कि उन्हें अध्यापक पात्रता परीक्षा पास करने के लिए 3-4 साल का समय और दिया जाए।
शिक्षामंत्री ने उन्हें और समय देने की घोषणा भी कर दी जबकि इस बारे में कानूनन कोई नोटिफिकेशन अभी तक भी जारी नहीं हुआ और न ही कोई विभागीय निर्देश हैं। ऐसे में अध्यापक पात्रता परीक्षा पास उम्मीदवारों सुधीर सिंह व अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर ऐसे पीजीटी शिक्षकों को तुरंत हटाने व उनका वेतन जारी न करने की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि पिछले 6 साल से जिस पाठ्यक्रम को ये नॉन-एचटेट पीजीटी पढ़ा रहे हैं। याचिकाकर्ता उम्मीदवारों ने एचटेट परीक्षा को अपनी काबिलियत व मेहनत के बल पर 3-3 बार पास किया हुआ है। इन नॉन-एचटेट उम्मीदवारों की वजह से ही याचिकाकर्ताओं को भर्ती के समय शॉर्टलिस्ट करके भर्ती प्रक्त्रिस्या से बाहर कर दिया गया था।