फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   punjab haryana highcourt important decision in 3581 guest teachers issue

3581 गेस्ट टीचर्स की नौकरी से छुट्टी, 12 हजार की दांव पर

Sat, 14 May 2016 12:30 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 14 May 2016 12:30 PM IST
विज्ञापन
punjab haryana highcourt important decision in 3581 guest teachers issue
अतिथि शिक्षक - फोटो : AmarUjala
हरियाणा के स्कूलों में कार्यरत 3581 गेस्ट टीचर्स की नौकरी छूट गई है। वहीं, 12 हजार की नौकरी दांव पर लग गई है। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने इनकी ओर से उन्हें सरप्लस बताए जाने को गलत करार देते हुए नौकरी में बनाए रखने की मांग खारिज कर दी है। हाईकोर्ट ने इस मामले में जो आदेश दिया है, उसके हिसाब से नवंबर तक प्रदेश के 12 हजार अन्य गेस्ट टीचर्स भी नौकरी से बाहर होंगे।
विज्ञापन


हाईकोर्ट ने नियमित भर्ती करने का निर्देश दिया है, भर्ती के बाद यह गेस्ट टीचर्स नौकरी में नहीं रह पाएंगे।सरकार ने एक मामले में हाईकोर्ट में रिपोर्ट दी थी कि करीब 4200 गेस्ट टीचर्स को सरप्लस बताया था। इनमें से केवल 3581 ही नौकरी में थे।
विज्ञापन


हाईकोर्ट ने सरप्लस गेस्ट टीचर्स को हटाने का निर्देश दिया था, लेकिन एकल बेंच के फैसले के खिलाफ सरप्लस गेस्ट टीचर्स ने याचिका दायर की थी और डिवीजन बेंच ने 31 मार्च 2016 तक इन सरप्लस गेस्ट टीचर्स को स्टॉप गैप अरेंजमेंट के आधार पर रखने की अनुमति दी थी। इनकी सेवाएं उस वक्त समाप्त हो चुकी थीं, लेकिन उनकी ओर से दायर याचिका अभी विचाराधीन थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

12 हजार टीचर्स के मामले में रिपोर्ट तलब की

punjab haryana highcourt important decision in 3581 guest teachers issue
पौड़ी में आयोजित बैठक में प्रतिभाग करने पहुंचे विभिन्न ब्लॉकों के अतिथि शिक्षक। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
याचिका में दलील थी कि सरकार एक ओर कह रही है कि प्रदेश में शिक्षकों की कमी है तो ऐसे में उन्हें सरप्लस कैसे माना जा रहा है। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद इन गेस्ट टीचर्स की याचिकाएं खारिज कर दी हैं। इसी मामले में हाईकोर्ट ने सरकार से 11 नवंबर तक नियमित भर्ती करके अन्य 12 हजार गेस्ट टीचर्स को बाहर करने की अनुपालन रिपोर्ट तलब की है।

मामले में बड़ी बात यह निकली है कि सरकार ने इस मामले में स्वयं कह डाला कि 2015-16 शिक्षा सत्र में प्रदेश में 18 लाख दाखिले हुए, जबकि वर्ष 2014-15 में दाखिलों की संख्या 22 लाख थी। बेंच को बताया गया कि आधार से लिंक करते वक्त यह गड़बड़ी सामने आई, यानि चार लाख दाखिले फर्जी निकले। इसी पर पूछा है कि यह गैप क्यों पड़ा और फर्जी दाखिले किसने किए, इसके पीछे जिम्मेवारी अफसरों को ढूंढ कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed