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6 हजार पदों के लिए 6 लाख लोगों ने एग्जाम दिया, रिजल्ट से पहले सपने टूटे
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 28 Jul 2017 09:28 AM IST
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हाईकोर्ट ने रिजल्ट पर रोक लगाई
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छह हजार पदों के लिए 6 लाख लोगों ने अप्लाई किया। एग्जाम भी दिया, लेकिन अब रिजल्ट से पहले उनके सपने टूट गए हैं। दरअसल, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार और क्लर्क की भर्ती के लिए आवेदन करने वाले करीब 6 लाख आवेदकों को झटका देते हुए भर्ती का परिणाम जारी करने पर रोक लगा दी है।
इसके साथ ही हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले में रोहतक निवासी मुकेश ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा गत वर्ष 6 हजार से अधिक क्लर्कों की भर्ती के लिए आवेदन मांगे गए थे।
इन पदों के लिए 7 लाख आवेदन प्राप्त हुए थे और 6 लाख ने लिखित परीक्षा दी थी। 13 नवंबर से लेकर 11 दिसंबर तक यह लिखित परीक्षा का आयोजित की गई, लेकिन दिसंबर माह में जब परीक्षा हुई तो कुछ सेंटरों से पेपर लीक की शिकायत आई थी।
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इसके साथ ही हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले में रोहतक निवासी मुकेश ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा गत वर्ष 6 हजार से अधिक क्लर्कों की भर्ती के लिए आवेदन मांगे गए थे।
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इन पदों के लिए 7 लाख आवेदन प्राप्त हुए थे और 6 लाख ने लिखित परीक्षा दी थी। 13 नवंबर से लेकर 11 दिसंबर तक यह लिखित परीक्षा का आयोजित की गई, लेकिन दिसंबर माह में जब परीक्षा हुई तो कुछ सेंटरों से पेपर लीक की शिकायत आई थी।
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याची ने समाचार पत्रों की कॉपी हाईकोर्ट को दिखाई
हाईकोर्ट ने रिजल्ट पर रोक लगाई
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में उस समय के समाचार पत्रों की कापी कोर्ट को दिखाई थी। इसके साथ ही याची ने हाईकोर्ट में हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन का अखबार में प्रकाशित वह बयान पेश किया जिसमें उन्होने पेपर लीक मामले की जांच के लिए कहा था।
याची का पक्ष सुनने के बाद हाइकोर्ट ने याची से सवाल किया कि उसकी याचिका का आधार केवल समाचार पत्र है, ऐसे में यह ठोस आधार नहीं है। इसके साथ ही कोर्ट ने पेपर लीक के सात महीने बाद याचिका दायर करने पर भी सवाल उठाया।
याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि सुप्रीम कोर्ट की एक जजमेंट के अनुसार साफ किया गया है कि अगर किसी परीक्षा का पेपर लीक हो जाता है तो पेपर दोबारा आयोजित करवाया जाए। इस पर हाईकोर्ट ने हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को नोटिस जारी कर जवाब तलब करते हुए कहा कि अगर इस परीक्षा का रिजल्ट घोषित नही किया गया तो आगमी आदेश तक घोषित न किया जाए।
याची का पक्ष सुनने के बाद हाइकोर्ट ने याची से सवाल किया कि उसकी याचिका का आधार केवल समाचार पत्र है, ऐसे में यह ठोस आधार नहीं है। इसके साथ ही कोर्ट ने पेपर लीक के सात महीने बाद याचिका दायर करने पर भी सवाल उठाया।
याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि सुप्रीम कोर्ट की एक जजमेंट के अनुसार साफ किया गया है कि अगर किसी परीक्षा का पेपर लीक हो जाता है तो पेपर दोबारा आयोजित करवाया जाए। इस पर हाईकोर्ट ने हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को नोटिस जारी कर जवाब तलब करते हुए कहा कि अगर इस परीक्षा का रिजल्ट घोषित नही किया गया तो आगमी आदेश तक घोषित न किया जाए।