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Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab-Haryana High Court upheld the life sentence of man convicted of misdeed with four year old child 

दुष्कर्म मामले में हाईकोर्ट की टिप्पणी: केवल बच्ची की गवाही आरोपी को दोषी करार देने के लिए पर्याप्त, उम्रकैद की सजा बरकरार

Thu, 10 Feb 2022 10:17 AM IST
निवेदिता वर्मा विवेक शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
विवेक शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 10 Feb 2022 10:17 AM IST
सार

हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले पर मुहर लगाते हुए कहा कि यदि बच्ची सवालों को समझ रही है और सही जवाब दे रही है तो उसका बयान ही आरोपी को दोषी करार देने के लिए पर्याप्त है।

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Punjab-Haryana High Court upheld the life sentence of man convicted of misdeed with four year old child 
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चार साल की बच्ची से दुष्कर्म के दोषी की उम्रकैद की सजा को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने बरकरार रखा है। हाईकोर्ट ने आदेश में कहा, केवल बच्ची की गवाही उसे दोषी करार देने के लिए पर्याप्त है। इसके साथ ही फरीदाबाद की सेशन कोर्ट द्वारा सुनाई उम्रकैद की सजा को चुनौती देने वाली अपील को सिरे से खारिज कर दिया। 

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फरीदाबाद में दुकानदार संजय ने दही लेने आई चार साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। बच्ची ने इस बारे में परिजनों को बताया। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज करके संजय को गिरफ्तार कर लिया था। ट्रायल चला तो परिजनों ने संजय को पहचानने से इनकार कर दिया, लेकिन बच्ची ने बताया कि संजय ने उसके साथ गलत काम किया है। इस बयान को आधार बनाकर ट्रायल कोर्ट ने संजय को उम्रकैद की सजा सुना दी। 
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इस सजा के खिलाफ उसने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की और बताया कि बच्ची की गवाही के अतिरिक्त उसके खिलाफ कोई सुबूत या गवाह नहीं है। इसके विरोध में हरियाणा सरकार ने कहा कि मेडिकल जांच में सामने आया है कि बच्ची से दुष्कर्म की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। याची को किसी भी प्रकार की राहत नहीं दी जानी चाहिए। हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले पर मुहर लगाते हुए कहा कि यदि बच्ची सवालों को समझ रही है और सही जवाब दे रही है तो उसका बयान ही आरोपी को दोषी करार देने के लिए पर्याप्त है। इस टिप्पणी के साथ ही हाईकोर्ट ने अपील को सिरे से खारिज करते हुए सजा बरकरार रखी है। 

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