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हाईकोर्ट ने लगाई फटकार- हर कोई अपने बारे सोच रहा, देश की सुरक्षा की किसी को परवाह नहीं

Wed, 04 Mar 2020 10:08 AM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Wed, 04 Mar 2020 10:08 AM IST
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Punjab Haryana High Court Statement on Illegal Constructions Nearby International Airport
इंटरनेशनल एयरपोर्ट चंडीगढ़ - फोटो : अमर उजाला
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एयरफोर्स स्टेशन और चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट की 100 मीटर की परिधि में बने निर्माणों को चार माह में न गिराने पर हैरानी जताई है। हाईकोर्ट ने कहा कि लगता है कि कोई पारलौकिक शक्ति ही उन्हें बचा रही है। कोर्ट ने कहा कि कोई भी देश की सुरक्षा और देशहित की नहीं सोचता। हर कोई कोई अपने हितों के लिए कानून तोड़ने को तैयार है और फिर भी कोर्ट से राहत की उम्मीद रखते हैं।
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हाईकोर्ट ने अगस्त माह में चार माह के भीतर ऐसे निर्माण गिराने के आदेश दिए थे। लेकिन निर्माण अब भी मौजूद हैं। इससे नाराज हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसा इसलिए हो रहा है कि पंजाब सरकार निर्माण गिराने की मंशा नहीं रखती है। सरकार कार्रवाई करना ही नहीं चाहती है और ऊपर से अब स्थानीय निवासी सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं। फिलहाल वहां से भी राहत नहीं मिली और सुप्रीम कोर्ट ने मामले को वापस हाईकोर्ट भेज दिया है।
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चीफ जस्टिस रवि शंकर झा ने कहा कि वह कैसे अपने ही दिए आदेशों को वापस ले लें। वे आदेश वापस नहीं ले सकते हैं। याचिकाकर्ताओं और पंजाब सरकार की ओर से दी गई दलीलों और विभिन्न  हाईकोर्ट के फैसलों की जानकारी दिए जाने के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि अब सुप्रीम कोर्ट में 6 मार्च को इस पर सुनवाई होनी है। ऐसे में अब सुप्रीम कोर्ट ही इस पर निर्णय कर सकता है।
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कैट-3 और साउदर्न टैक्सी ट्रैक मामले में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ ले निर्णय

चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कैट-3 इंस्टॉल करने में देरी और लटके पड़े साउदर्न टैक्सी ट्रैक के मामले में हाईकोर्ट ने अब चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ को सभी पक्षों के साथ बैठक कर निर्णय लेने के आदेश दिए हैं। केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साउदर्न टैक्सी ट्रैक को रक्षा मंत्रालय ने 28 फरवरी को अपनी स्वीकृति दे दी है।

कैट-3 बी इंस्टॉल करने के लिए कुछ ढांचे हटाने पड़ेंगे जो एयरफोर्स सुरक्षा कारणों के संभव नहीं है। एयरफोर्स ने कहा कि पूरे वर्ष में 10 से 15 दिनों के बीच ही कैट-3 आईएलएस की जरूरत पड़ेगी और वह इन दिनों में महज 2 से 3 घंटों के बीच। ऐसे में अब इसे फेस्ड मैनर में किए जाने का निर्णय लिया गया है।
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