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Highcourt: कूड़ा डालने के लिए हुआ जगह का इस्तेमाल... केवल इस आधार पर नहीं छीना जा सकता मालिकाना अधिकार
Wed, 11 Oct 2023 02:34 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 11 Oct 2023 02:34 PM IST
सार
हाईकोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ताओं के पास 2007-08 की जमाबंदी मौजूद है जिसमें संपत्ति उनके नाम है। लुधियाना नगर निगम के पास संपत्ति के मालिकाना हक से जुड़ा कोई दस्तावेज नहीं है। न तो संपत्ति का अधिग्रहण किया गया और न ही इसके लिए मुआवजा दिया गया।
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Punjab And Haryana Highcourt Chandigarh
- फोटो : File Photo
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विस्तार
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि कई साल से किसी स्थान पर कूड़ा डाला जा रहा है यह दलील देकर भूमि मालिक से मालिकाना अधिकर नहीं छीना जा सकता। बिना भूमि का अधिग्रहण किए वहां कचरा निपटाने का संयंत्र लगाने की प्रक्रिया पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने भूमि स्वामित्व विवाद का निपटारा होने तक रोक लगाते हुए भूमि के स्वामित्व का दावा करने वालों की याचिका का निपटारा कर दिया।
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याचिका दाखिल करते हुए लुधियाना निवासी बिपनदीप कौर और अन्य ने हाईकोर्ट को बताया कि उनकी संपत्ति पर नगर निगम ने कचरा निपटाने का संयंत्र लगाना आरंभ किया था। इस बारे में निचली अदालत में याचिका दाखिल की गई जो खारिज हो गई। इसके बाद सेशन कोर्ट में अपील दाखिल की गई जिसमें याचिकाकर्ताओं को कोई राहत नहीं मिली। हाईकोर्ट में नगर निगम की ओर से कहा गया कि इस भूमि का इस्तेमाल पिछले कई साल से कचरा डालने के लिए किया जा रहा है। इस संपत्ति के मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेज भी याचिकाकर्ताओं के पास नहीं हैं।
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हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद कहा कि याचिकाकर्ताओं के पास 2007-08 की जमाबंदी मौजूद है जिसमें संपत्ति उनके नाम दर्ज है। नगर निगम के पास संपत्ति के मालिकाना हक से जुड़ा कोई दस्तावेज मौजूद नहीं है। न तो संपत्ति का अधिग्रहण किया गया और न ही इसके लिए मुआवजा दिया गया। ऐसे में भूमि के इस्तेमाल को बिना स्वामित्व को लेकर लंबित याचिका का निपटारा होने तक नहीं बदला जा सकता। लोग इस भूमि पर कचरा फेंकते हैं यह दलील भूमि के मालिकाना हक का दावा करने वालों के अधिकार को समाप्त नहीं कर सकती।