Punjab: मुल्लांपुर दाखा से तस्कर काबू, पांच करोड़ की ड्रग मनी, फर्जी नंबर प्लेट बरामद, देर रात पहुंची पुलिस
पकड़ा गया तस्कर मंजीत सिंह नवांशहर के कस्बा बंगा का रहने वाला है। एक साल पहले ही वह मोहल्ला दशमेश नगर में किराये पर रहने आया था। ये कोठी मुल्लांपुर गांव की मौजूदा सरपंच कमलजीत कौर की थी जो उन्होंने इसी वर्ष जून में आईटीबीपी के अधिकारी राकेश कुमार सोनी को बेच दी थी।
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मुल्लांपुर दाखा के मोहल्ला दशमेश नगर में मंगलवार रात करीब 11 बजे जम्मू कश्मीर पुलिस के एंटी नारकोटिक्स स्पेशल दस्ते ने लुधियाना काउंटर इंटेलीजेंस पुलिस टीम को साथ लेकर एक कोठी में छापामारी की। रेड से पहले कोठी के चारों तरफ भारी सुरक्षा बल की तैनाती कर दी गई थी।
मोहल्ले को जाते सभी रास्ते सील कर दिए गए थे। पुलिस ने कोठी में दाखिल होकर मंजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान कोठी में छिपा कर रखे पांच करोड़ की ड्रग मनी, एक .32 बोर रिवाल्वर, वाहनों की 38 फर्जी नंबर प्लेट, पैसे गिनने वाली मशीन और विभिन्न विभागों के फर्जी पहचान पत्र बरामद किए गए। डीजीपी ने खुद इस बारे में ट्वीट करके जानकारी दी।
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रेड में जम्मू कश्मीर पुलिस के साथ लुधियाना काउंटर इंटेलीजेंस के एआईजी सिमृतपाल सिंह और जिला ग्रामीण पुलिस लुधियाना के एसएसपी नवनीत सिंह बैंस भी शामिल थे। इसके अलावा डीएसपी दाखा अमनदीप सिंह और कई थानों के प्रभारी और अधिकारी पुलिस मुलाजिमों की अगुवाई कर रहे थे। मोहल्ले में रात 11 बजे मंजीत सिंह के घर इतनी पुलिस फोर्स के पहुंचने और करोड़ों रुपये की बरामदगी से हर कोई सकते में है।
जानकारी के अनुसार जम्मू कश्मीर पुलिस के एंटी नारकोटिक्स स्पेशल दस्ते ने 21 सितंबर को थाना रामगण इलाके से 30 किलो कोकीन के साथ कुछ लोगों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में आरोपियों के तार मंजीत सिंह के साथ जुड़े। जम्मू कश्मीर पुलिस ने जानकारी पंजाब पुलिस के साथ सांझा की जिसके बाद मंगलवार रात संयुक्त ऑपरेशन चलाकर मंजीत सिंह को ड्रग मनी, रिवाल्वर और फर्जी नंबर प्लेट्स के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। मंजीत सिंह ने विभिन्न विभागों के फर्जी पहचान पत्र भी बनवा रखे थे जिन्हें दिखा कर वह आसपास के लोगों पर प्रभाव बनाता था।
आईटीबीपी के अधिकारी की है कोठी
नवांशहर के कस्बा बंगा का रहने वाला मंजीत सिंह एक साल पहले ही मोहल्ला दशमेश नगर में किराये पर रहने आया था। ये कोठी मुल्लांपुर गांव की मौजूदा सरपंच कमलजीत कौर की थी जो उन्होंने इसी वर्ष जून में आईटीबीपी के अधिकारी राकेश कुमार सोनी को बेच दी थी।
सोनी लुधियाना की बद्दोवाल छावनी स्थित आईटीबीपी सेंटर में तैनात हैं। राजस्थान के रहने वाले राकेश कुमार सोनी ने ये कोठी मुल्लांपुर दाखा के प्रॉपर्टी डीलर के माध्यम से खरीदी थी। सरपंच कमलजीत के पति बलबीर सिंह ने बताया कि उन्होंने जून में कोठी राकेश कुमार सोनी को बेच दी थी और पिछले 4-5 महीने से कोठी का किराया सोनी ही ले रहा है। उससे पहले 8 महीने उन्होंने किराया वसूल किया था।
पूरे परिवार के साथ रहता था मंजीत सिंह
मंजीत सिंह पिछले एक साल से मोहल्ला दशमेश नगर में अपनी पत्नी, बेटे और पूरे परिवार के साथ रह रहा था। वह खुद को बड़ा अधिकारी बताता था। मंजीत सुबह जल्दी तैयार होकर निकल जाता था जिसके चलते मोहल्ला वासियों को लगता था कि वह ड्यूटी पर जा रहा है।