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Highcourt: सरकार की गलती से अतिरिक्त भुगतान तो वसूली वैध नहीं, हाईकोर्ट ने रद्द किया 22 साल पुराना आदेश

Sun, 03 Sep 2023 02:14 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sun, 03 Sep 2023 02:14 PM IST
सार

हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि याचिकाकर्ता इस स्थिति में नहीं है कि वह इस राशि को लौटा सकें। अतिरिक्त भुगतान किसी धोखाधड़ी का नतीजा नहीं है बल्कि गलती से हुआ है और ऐसे में इस राशि को वसूल करने का आदेश वैध नहीं माना जा सकता।

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Punjab-Haryana High Court says mistakenly made extra payment in pension amount cannot be recover by govt
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : File Photo

विस्तार

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए स्पष्ट कर दिया कि यदि पेंशन की राशि में सरकार की गलती से अतिरिक्त भुगतान किया गया है तो इसकी रिकवरी का उन्हें अधिकार नहीं है। हाईकोर्ट ने मृतक कर्मियों के जीवनसाथियों की ओर से दाखिल याचिका को मंजूर करते हुए यह आदेश जारी किया है।
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हरमनजीत कौर व अन्य ने हाईकोर्ट को बताया था कि उनके जीवनसाथी पंजाब सरकार में कर्मचारी थे। उनकी मृत्यु की स्थिति में याचिकाकर्ताओं को पेंशन राशि का भुगतान किया जा रहा था। इसके बाद उनके आश्रितों को अनुकंपा के आधार नौकरी का लाभ जारी किया गया। 
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इस दौरान याचिकाकर्ताओं को 2001 में सरकार ने नोटिस भेज कर बताया कि उन्हें पेंशन में पंजाब सरकार की ओर से डीए की राशि का अतिरिक्त भुगतान किया गया था। नोटिस के माध्यम से उन्हें रिकवरी की जानकारी दी गई थी। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि उन्होंने किसी फर्जी दावे या धोखाधड़ी से यह राशि प्राप्त नहीं की थी। ऐसे में इस राशि की रिकवरी पर रोक लगाई जाए।

हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि याचिकाकर्ता इस स्थिति में नहीं है कि वह इस राशि को लौटा सकें। अतिरिक्त भुगतान किसी धोखाधड़ी का नतीजा नहीं है बल्कि गलती से हुआ है और ऐसे में इस राशि को वसूल करने का आदेश वैध नहीं माना जा सकता। हाईकोर्ट ने इन टिप्पणियों के साथ ही याचिका को मंजूर करते हुए रिकवरी के आदेश को रद्द कर दिया है। साथ ही यह भी आदेश दिया कि जिन याचिकाकर्ताओं से वसूली की जा चुकी है उन्हें यह राशि वापिस की जाए।
 
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