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Highcourt: बाल विवाह निषेध तो कैसे हुई नाबालिग की शादी... पुजारी को फटकार, पुलिस को जांच के आदेश

Sat, 07 Oct 2023 01:54 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 07 Oct 2023 01:54 PM IST
सार

हाईकोर्ट ने कहा कि सितंबर 2020 में हाईकोर्ट ने विवाह को लेकर कुछ दिशा निर्देश जारी किए थे। इन दिशा निर्देशों के खिलाफ जाकर इस मामले में पंडित ने विवाह करवाया है। रिकॉर्ड को देखने से पता चलता है कि सभी औपचारिकताएं भी पूरी नहीं की गई जो गंभीर मामला है।

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Punjab-Haryana High Court reprimanded priest in case of minor girl marriage
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : File Photo

विस्तार

नाबालिग लड़की की शादी करवाने के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए पुजारी को फटकार लगाई है। इसके साथ ही पंचकूला पुलिस आयुक्त को इस मामले की जांच कर उचित कदम उठाने का आदेश दिया है। 
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गुरदासपुर निवासी याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट को बताया कि उसकी नाबालिग बेटी को बहला फुसला कर 27 वर्षीय लड़के ने उससे विवाह कर लिया। 20 अगस्त को विवाह करते हुए याची की बेटी के आधार कार्ड से छेड़छाड़ की गई ताकि उसे विवाह योग्य उम्र का दिखाया जा सके। याची ने कहा कि विवाह करते हुए याची की बेटी की उम्र छिपाई गई। इसके साथ ही हाईकोर्ट में सुरक्षा से जुड़ी याचिका दाखिल करते हुए भी दस्तावेजों से छेड़छाड़ हुई है, जो सीधे तौर पर न्यायालय की अवमानना का मामला बनता है। ऐसे में याची ने हाईकोर्ट से अपील की कि उसकी बेटी की कस्टडी उसे सौंपी जाए।

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हाईकोर्ट ने कहा कि सितंबर 2020 में हाईकोर्ट ने विवाह को लेकर कुछ दिशा निर्देश जारी किए थे। इन दिशा निर्देशों के खिलाफ जाकर इस मामले में पंडित ने विवाह करवाया है। रिकॉर्ड को देखने से पता चलता है कि सभी औपचारिकताएं भी पूरी नहीं की गई जो गंभीर मामला है। विवाह करवाने वाले पंडित के पास भी याची की बेटी की उम्र से जुड़े दस्तावेज नहीं मिले जो लापरवाही दर्शाते हैं। ऐसे में हाईकोर्ट ने अब याचिकाकर्ता को उसकी बेटी की कस्टडी सौंप दी है। पंचकूला के पुलिस आयुक्त को इस मामले में जांच करवाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि पुलिस आयुक्त देखें कि बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत प्रतिबंधित होने के बावजूद कैसे ऐसी शादियां की जा रही हैं।

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