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पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट की दो टूक: झूठी आन के लिए बेटी की हत्या करवाने की आरोपी मां रहम की हकदार नहीं
Sun, 20 Mar 2022 10:09 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sun, 20 Mar 2022 10:09 AM IST
सार
हाईकोर्ट ने दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि याची और जिन्होंने लड़की को गोद लिया है वे आपस में रिश्तेदार हैं। लड़की को गोद लेने वाले माता-पिता ने याची के साथ मिलकर यह साजिश रची है, इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अपनी कोख से जिस बेटी को जन्म दिया, झूठी आन के लिए उसकी हत्या करवाने की आरोपी मां की नियमित जमानत की मांग वाली याचिका को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सिरे से खारिज कर दिया। एफआईआर के अनुसार 8 अगस्त 2018 को याची सविता की बेटी ममता को नारी निकेतन करनाल से जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड रोहतक के समक्ष पेश करने के लिए शिकायतकर्ता लेकर आई थी। शिकायतकर्ता स्वयं एक कांस्टेबल थी और उसके साथ एसआई नरिंदर मौजूद था।
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जब ममता को कोर्ट में पेश करने के बाद लौट रहे थे तो उसको गोद लेने वाले माता-पिता ने कोर्ट परिसर में दो लड़कों को इशारे से बताया कि यही उसकी बेटी है। जब कोर्ट से बाहर सड़क पर पहुंचे तो दो युवक मोटर साइकिल से आए और गोलियां चलानी शुरू कर दीं। इस दौरान ममता और एसआई नरिंदर की मौत हो गई। याची ने कहा कि वह अपनी बेटी को गोद दे चुकी है ऐसे में उसका ममता से कोई लेना-देना नहीं है। ममता ने जाति से बाहर जाकर शादी की, इससे उसके मान से कोई समझौता नहीं हुआ।
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हाईकोर्ट ने दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि याची और जिन्होंने लड़की को गोद लिया है वे आपस में रिश्तेदार हैं। लड़की को गोद लेने वाले माता-पिता ने याची के साथ मिलकर यह साजिश रची है, इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में इस प्रकार के कृत्य की स्थिति में याची हाईकोर्ट से किसी भी प्रकार के रहम की हकदार नहीं है। हाईकोर्ट ने इन टिप्पणियों के साथ याचिका को खारिज कर दिया।
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