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हनीप्रीत को नहीं मिली हाईकोर्ट से कोई राहत, बेंच ने केस पर सुनवाई करने से कर दिया इनकार

Tue, 27 Aug 2019 02:52 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंचकूला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंचकूला Published by: खुशबू गोयल Updated Tue, 27 Aug 2019 02:52 PM IST
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Punjab Haryana High Court Rejected Honeypreet Bail Petition
हनीप्रीत
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की करीबी प्रियंका तनेजा उर्फ हनीप्रीत की नियमित जमानत की मांग वाली याचिका पर जस्टिस सुरेंद्र गुप्ता ने सुनवाई से इनकार कर दिया। उन्होंने केस के लिए नई बेंच निर्धारित करने हेतु इसे चीफ जस्टिस को रेफर कर दिया है। हनीप्रीत ने नियमित जमानत की मांग वाली याचिका में कहा है कि 25 अगस्त 2017 को पंचकूला सीबीआई अदालत ने डेरा मुखी गुरमीत सिंह राम-रहीम को साध्वी यौन शोषण के मामले में दोषी करार दिया था।
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इसके बाद पंचकूला में हुए दंगों की साजिश रचने का याची पर आरोप लगाया गया जबकि जिस समय दंगे हुए वह डेरा मुखी के साथ थी और उन्ही के साथ वह पंचकूला से सीधे रोहतक की सुनारिया जेल चली गई थी। उसे इन दंगों के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। बावजूद इसके उसे इन दंगों की साजिश का आरोप बना दिया गया। हनीप्रीत ने कहा कि दंगों की साजिश रचे जाने को लेकर 27 अगस्त 2017 को शिकायत दर्ज करवाई गई थी। तब शिकायत सिर्फ आदित्य इंसा और सुरिंदर धीमान के खिलाफ ही दर्ज की गई थी।
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इसके बाद 7 सितंबर को डेरा मुखी के गनमैन कांस्टेबल विकास कुमार के बयान दर्ज किए गए जिसमे पहली बार याचिकाकर्ता का नाम आया। याची को आरोपी बनाते हुए विकास के बयान के आधार पर कहा गया कि उसने आदित्य इंसा सहित अन्य के साथ 17 अगस्त 2017 को डेरे में बैठक की थी कि अगर 25 अगस्त को सीबीआई कोर्ट डेरा मुखी के खिलाफ कोई भी फैसला सुनाती है तो दंगे करवा इन दंगों की आड़ में डेरा मुखी को वहां से निकालने में मदद की जाए।
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याचिकाकर्ता के अनुसार इसके बाद 3 अक्तूबर 2017 को उसने पुलिस के समक्ष समर्पण कर दिया था तभी से वह न्यायिक हिरासत में है। इस मामले में उसे फंसाया गया है और वह पिछले डेढ़ वर्ष से जेल में है। इस केस के 52 गवाही बनाये गए हैं, इस केस का ट्रायल काफी लम्बा चल सकता है ऐसे में उसे तब तक जेल में न रखा जाये और उसे जमानत दी जाए।

 
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