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राम रहीम को एक बार बेटी की शादी के लिए पैरोल दे दी तो बेटियों की संख्या बढ़ती जाएगी: हाईकोर्ट

Sat, 11 May 2019 12:13 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Sat, 11 May 2019 12:13 PM IST
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Punjab Haryana High Court Rejected Guransh Insan Petition for Parol to Ram Rahim
गुरमीत राम रहीम
गोद ली बेटी गुरांश इंसा द्वारा की गई राम रहीम को उसकी शादी में शामिल होने के लिए एक माह की सजा निलंबित करने की अपील पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। हाईकोर्ट ने कहा कि राम रहीम की और भी गोद ली गई बेटियां हैं। अगर एक बार राहत दे दी गई तो बेटियों और उनकी शादियों की तादाद बढ़ती चली जाएगी।
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इससे पहले हाईकोर्ट डेरामुखी की शादी में शामिल होने की मांग खारिज कर चुका है। जस्टिस कुलदीप सिंह ने डेरामुखी की इसी गोद ली बेटी की याचिका सिरे से खारिज करते हुए कहा कि डेरामुखी को किसी भी सूरत में पैरोल नहीं दी जा सकती या सजा निलंबित नहीं की जा सकती।
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अगर बेटी चाहती है कि डेरामुखी उसकी शादी में शामिल हो तो वह सुनारिया जेल अथॉरिटी को अर्जी दे सकती है तो डेरामुखी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए शादी देख सकते हैं। इससे ज्यादा और कोई भी राहत नहीं दी सकती है।
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बार-बार ऐसी मांग न की जाए

जस्टिस कुलदीप सिंह ने सख्त निर्देश दिए हैं कि डेरामुखी की और भी गोद ली गई बेटियां है और इसी आधार पर बार बार हाईकोर्ट से इस तरह की मांग न की जाए। अगर एक बार इस तरह की मांग स्वीकार कर ली गई तो इन बेटियों की संख्या बढ़ती ही जाएगी और इससे कोर्ट का समय बर्बाद होगा।

हाईकोर्ट ने कहा कि डेरामुखी पहले ही दो मामलों में दोषी करार दिया जा चुका है, जिनमे से एक मामले में डेरामुखी को 20 वर्ष और दूसरे मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है। इसके अलावा डेरामुखी के खिलाफ कुछ मामले अभी लंबित हैं। ऐसे में डेरामुखी को किसी भी सूरत में राहत नहीं दी जानी चाहिए। हरियाणा सरकार ने कहा कि डेरामुखी की सजा अगर निलंबित की गई तो उसको दोबारा गिरफ्तार करना बहुत मुश्किल होगा, जिससे कानून व्यवस्था खतरे में पड़ जाएगी।
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