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हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को लगाई फटकार, कहा- डीजीपी स्तर के अधिकारी से क्लर्क जैसा बर्ताव क्यों
Fri, 01 Nov 2019 11:59 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 01 Nov 2019 11:59 AM IST
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सुखपाल सिंह फर्जी एनकाउंटर मामले की जांच के लिए डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय को सुविधाएं न देने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को जमकर फटकार लगाई। कोर्ट को बताया गया कि सुविधा के नाम पर सचिवालय में छोटा सा कमरा और दो पुलिसकर्मी दिए गए हैं।
हाईकोर्ट ने कहा कैसे पंजाब सरकार डीजीपी स्तर केअधिकारी से क्लर्क जैसा बर्ताव कर सकती है। हाईकोर्ट ने 6 नवंबर तक चट्टोपाध्याय को सभी सुविधाएं मुहैया करवा रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए हैं। इससे पहले डीजीपी सिद्घार्थ चट्टोपाध्याय की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन कर जांच के आदेश जारी किए गए थे।
एसआईटी में उनके साथ एडीजीपी गुरप्रीत कौर दिओ और आईजीपी बी चंद्रशेखर को शामिल किया गया था। बाद में सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय ने हाईकोर्ट में अर्जी दायर कर बताया था कि वह इस समय पीएसपीसीएल में डीजीपी पद पर तैनात हैं। उन्हें न तो स्टाफ दिया गया है न दफ्तर और न ही अन्य सुविधाएं । ऐसे में वह जांच नहीं कर सकते।
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हाईकोर्ट ने कहा कैसे पंजाब सरकार डीजीपी स्तर केअधिकारी से क्लर्क जैसा बर्ताव कर सकती है। हाईकोर्ट ने 6 नवंबर तक चट्टोपाध्याय को सभी सुविधाएं मुहैया करवा रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए हैं। इससे पहले डीजीपी सिद्घार्थ चट्टोपाध्याय की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन कर जांच के आदेश जारी किए गए थे।
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एसआईटी में उनके साथ एडीजीपी गुरप्रीत कौर दिओ और आईजीपी बी चंद्रशेखर को शामिल किया गया था। बाद में सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय ने हाईकोर्ट में अर्जी दायर कर बताया था कि वह इस समय पीएसपीसीएल में डीजीपी पद पर तैनात हैं। उन्हें न तो स्टाफ दिया गया है न दफ्तर और न ही अन्य सुविधाएं । ऐसे में वह जांच नहीं कर सकते।
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पंजाब के एडवोकेट जनरल अतुल नंदा ने कहा था कि एसआईटी की एक अन्य सदस्य एडीजीपी गुरप्रीत कौर दिओ पहले ही ड्रग्स के कारोबार के मामले की जांच के लिए गठित एसटीएफ की सदस्य हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में कई इश्यू हैं जिन्हें वह सबके सामने बताना नहीं चाहते हैं।
हालांकि इसके बावजूद डीजीपी को सुविधाएं मुहैया करवाने के आदेश जारी किए गए थे। इस पर भी सुविधाएं न मिलने पर पंजाब सरकार को जमकर फटकार लगाते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि एसआईटी हाईकोर्ट के आदेश पर बनी है पंजाब सरकार के आदेश पर नहीं। ऐसे में डीजीपी को सभी आवश्यक सुविधाएं मुहैया करवाई जाएं जो डीजीपी स्तर के अधिकारी को मुहैया करवाई जाती हैं।
क्या था मामला
निलंबित आईजी परमराज उमरानंगल पर सुखपाल सिंह नामक एक व्यक्ति के फर्जी एनकाउंटर का आरोप है। मृतक सुखपाल की पत्नी दलबीर कौर ने एडवोकेट आर कार्तिकेय के जरिये हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बताया है कि 1994 में रोपड़ के तत्कालीन डीएसपी परमराज उमरानंगल ने सुखपाल सिंह का फेक एनकाउंटर किया था। परमराज उमरानंगल ने आतंकवादी गुरनाम सिंह बन्दाला की जगह सुखपाल का इनकाउंटर किया था। परिवार द्वारा परमराज उमरानंगल द्वारा किए फेक एनकाउंटर से जुड़ा एक हलफनामा भी हाईकोर्ट में दायर किया गया था।
हालांकि इसके बावजूद डीजीपी को सुविधाएं मुहैया करवाने के आदेश जारी किए गए थे। इस पर भी सुविधाएं न मिलने पर पंजाब सरकार को जमकर फटकार लगाते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि एसआईटी हाईकोर्ट के आदेश पर बनी है पंजाब सरकार के आदेश पर नहीं। ऐसे में डीजीपी को सभी आवश्यक सुविधाएं मुहैया करवाई जाएं जो डीजीपी स्तर के अधिकारी को मुहैया करवाई जाती हैं।
क्या था मामला
निलंबित आईजी परमराज उमरानंगल पर सुखपाल सिंह नामक एक व्यक्ति के फर्जी एनकाउंटर का आरोप है। मृतक सुखपाल की पत्नी दलबीर कौर ने एडवोकेट आर कार्तिकेय के जरिये हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बताया है कि 1994 में रोपड़ के तत्कालीन डीएसपी परमराज उमरानंगल ने सुखपाल सिंह का फेक एनकाउंटर किया था। परमराज उमरानंगल ने आतंकवादी गुरनाम सिंह बन्दाला की जगह सुखपाल का इनकाउंटर किया था। परिवार द्वारा परमराज उमरानंगल द्वारा किए फेक एनकाउंटर से जुड़ा एक हलफनामा भी हाईकोर्ट में दायर किया गया था।