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हाईकोर्ट ने उठाए सवाल, पूछा- होंद चिल्लर में 32 लोगों को जिंदा जलाने के मामले में कार्रवाई क्या हुई
Sat, 31 Aug 2019 09:45 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 31 Aug 2019 09:45 AM IST
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फाइल फोटो
वर्ष 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद रेवाड़ी के होंद चिल्लर गांव में दंगे और आगजनी के दौरान 32 लोगों को उनके घरों में जिंदा जला दिया गया था। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने इस मामले में आगे क्या कार्रवाई की जा रही है इसकी जानकारी हरियाणा सरकार से मांग ली है।
सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार ने बताया कि इस मामले में जाटूसाना पुलिस थाने में 3 नवंबर 1984 में एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच के के बाद किसी भी आरोपी की पहचान नहीं की जा सकी तो पुलिस 1 अप्रैल 1987 अनट्रेस रिपोर्ट दाखिल कर दी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया था।
इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसे कैसे हो सकता है कि कोई भी आरोपी नहीं पकड़ा गया। अनट्रेस रिपोर्ट के बाद सरकार ने इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई की है, इसकी जानकारी दी जाए। इस पर हरियाणा के सरकारी वकील ने हाईकोर्ट से कुछ समय दिए जाने की मांग की जिसे कोर्ट ने स्वीकार करते हुए 15 जनवरी तक सुनवाई स्थगित कर दी।
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अगली सुनवाई पर सरकार को बताना होगा कि आगे क्या करवाई की जा रही है।
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सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार ने बताया कि इस मामले में जाटूसाना पुलिस थाने में 3 नवंबर 1984 में एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच के के बाद किसी भी आरोपी की पहचान नहीं की जा सकी तो पुलिस 1 अप्रैल 1987 अनट्रेस रिपोर्ट दाखिल कर दी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया था।
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इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसे कैसे हो सकता है कि कोई भी आरोपी नहीं पकड़ा गया। अनट्रेस रिपोर्ट के बाद सरकार ने इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई की है, इसकी जानकारी दी जाए। इस पर हरियाणा के सरकारी वकील ने हाईकोर्ट से कुछ समय दिए जाने की मांग की जिसे कोर्ट ने स्वीकार करते हुए 15 जनवरी तक सुनवाई स्थगित कर दी।
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अगली सुनवाई पर सरकार को बताना होगा कि आगे क्या करवाई की जा रही है।