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हाईकोर्ट ने चंडीगढ़, पंजाब-हरियाणा से पूछा- कब तक बन जाएंगे मकान, जवाब दें बजट भी बताएं

Thu, 21 May 2020 12:34 PM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Thu, 21 May 2020 12:34 PM IST
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Punjab Haryana High Court Raised Question on Government Scheme to provide Houses to People
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
केंद्र सरकार ने मजदूरों और झोपड़ पट्टियों में रह रहे गरीबों को कम किराए के मकान देने की जो घोषणा की है, उस पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया। हाईकोर्ट ने मामले में चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा से जवाब मांग लिया है। कोर्ट ने पूछा कि तीनों राज्य बताएं कि इसके लिए कितना बजट रखा गया है और कब तक यह मकान बन कर तैयार हो जाएंगे। पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट की जस्टिस ऋतु बाहरी ने यह आदेश एक मामले की सुनवाई के दौरान दिए हैं।
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कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार ने गरीबों, मजदूरों और झोपड़ पट्टियों में रहे लोगों के लिए कम किराए के मकान बनाने का एलान किया है। इसे कैसे अंजाम दिया जाएगा। हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन सहित पंजाब और हरियाणा को इन कम किराए के मकानों के लिए तय की जा रही जगह, इस पर कितना खर्च आएगा और इन्हें कैसे बनाया जाएगा इसकी पूरी जानकारी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर देने के आदेश दिए हैं। इसके साथ भी हाईकोर्ट ने मनरेगा के लिए जारी किए जाने वाले बजट की भी जानकारी मांग ली है।
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नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट को लागू किया जाना बेहद जरुरी
हाईकोर्ट ने कहा कि मौजूदा समय में नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट को लागू करना बेहद जरूरी है। कोर्ट ने तीनों राज्यों से कहा कि जहां आंगनबाड़ी केंद्र हैं वहां तो बच्चों और महिलाओं को मिड डे मील दिया जा रहा है, लेकिन जहां आंगनबाड़ी केंद्र नहीं हैं वहां भी बच्चों और महिलाओं को मिड डे मील दिया जाए। हाईकोर्ट ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रत्येक नागरिक को सम्मान से जीने का अधिकार दिया गया है। ऐसे में प्रत्येक तक भोजन पहुंचाना सरकार की जिम्मेदारी है।
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गरीब महिलाओं को पेपर और कपड़े के बैग बनाने की ट्रेनिंग दें
हाईकोर्ट ने आदेश दिए हैं कि वह झोपड़ पट्टियों रहने वाली और गरीब महिलाओं को पेपर और कपड़े के बैग बनाने की ट्रेनिंग दें ताकि वे आत्मनिर्भर हो सकें। यह पर्यावरण के लिए भी काफी बेहतर होगा। मौजूदा हालत में जब गरीबों के समक्ष रोजगार का संकट खड़ा हो गया है तो ऐसा करने से रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे।
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