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श्री हरमंदिर साहिब में दिव्यांगों को प्रवेश करने में परेशानी, हाईकोर्ट ने एसजीपीसी को दिया आदेश
Fri, 22 Nov 2019 10:15 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 22 Nov 2019 10:15 AM IST
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फाइल फोटो
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अमृतसर स्थित गोल्डन टेंपल में दिव्यांगों को होने वाली परेशानी के चलते उनके लिए विशेष प्रावधान करने से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एसजीपीसी को याची की रिप्रेजेंटेशन पर फैसला लेने का आदेश दिया है।
पटियाला निवासी शिंगारा सिंह ने हाईकोर्ट को बताया कि वह 18 अप्रैल 2019 को गोल्डन टेंपल में इलेक्ट्रिक व्हील चेयर पर गया था। इस दौरान उसे इलेक्ट्रिक व्हील चेयर पर परिक्रमा की अनुमति नहीं दी गई और मैनुअल व्हील चेयर दे दी गई। याची ने बताया कि उसकी पत्नी बाजू से 68 प्रतिशत दिव्यांग है और ऐसे में वह व्हील चेयर को धकेलने में सक्षम नहीं है, जिसके कारण उसे बिना परिक्रमा किए लौटना पड़ा।
इसके साथ ही हाईकोर्ट को बताया गया कि गोल्डन टेंपल के पास बैरीकेडिंग लगाए गए हैं, जिसके कारण दिव्यांग की व्हील चेयर को अन्य यात्रियों की मदद से उठाकर बैरीकेड पार करवाना पड़ता है। याची ने कहा कि ऐसा करना दिव्यांगों केसाथ अन्याय है, जिसके चलते उसने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को रिप्रेजेंटेशन भी दी थी, लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया गया।
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याची ने मांग की है कि दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए अलग से मार्ग बनाया जाना चाहिए जिससे उन्हें सुविधा हो। हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए एसजीपीसी को याची द्वारा सौंपी गई रिप्रेजेंटशन पर फैसला लेने का आदेश दिया है।
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पटियाला निवासी शिंगारा सिंह ने हाईकोर्ट को बताया कि वह 18 अप्रैल 2019 को गोल्डन टेंपल में इलेक्ट्रिक व्हील चेयर पर गया था। इस दौरान उसे इलेक्ट्रिक व्हील चेयर पर परिक्रमा की अनुमति नहीं दी गई और मैनुअल व्हील चेयर दे दी गई। याची ने बताया कि उसकी पत्नी बाजू से 68 प्रतिशत दिव्यांग है और ऐसे में वह व्हील चेयर को धकेलने में सक्षम नहीं है, जिसके कारण उसे बिना परिक्रमा किए लौटना पड़ा।
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इसके साथ ही हाईकोर्ट को बताया गया कि गोल्डन टेंपल के पास बैरीकेडिंग लगाए गए हैं, जिसके कारण दिव्यांग की व्हील चेयर को अन्य यात्रियों की मदद से उठाकर बैरीकेड पार करवाना पड़ता है। याची ने कहा कि ऐसा करना दिव्यांगों केसाथ अन्याय है, जिसके चलते उसने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को रिप्रेजेंटेशन भी दी थी, लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया गया।
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याची ने मांग की है कि दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए अलग से मार्ग बनाया जाना चाहिए जिससे उन्हें सुविधा हो। हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए एसजीपीसी को याची द्वारा सौंपी गई रिप्रेजेंटशन पर फैसला लेने का आदेश दिया है।