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हाईकोर्ट का फरमान- चंडीगढ़ में जल्द शुरू करें पब्लिक साइकिल शेयरिंग सिस्टम और मामूली शुल्क लें
Thu, 10 Oct 2019 12:49 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 10 Oct 2019 12:49 PM IST
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फाइल फोटो
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पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन को पब्लिक बाईसाइकिल सिस्टम (पीबीएस) जल्द लागू करने का आदेश दिया है। साथ ही कोर्ट ने कहा है कि लोगों को मामूली शुल्क पर साइकिल उपलब्ध करवाई जाए। इससे न केवल ट्रैफिक की समस्या का समाधान होगा बल्कि प्रदूषण के बढ़ते स्तर को भी रोका जा सकेगा। ट्रैफिक से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि शहर में ज्यादा से ज्यादा और जल्द डॉक स्टेशन तैयार किए जाएं। अब ट्रैफिक और प्रदूषण की समस्या का समाधान साइकिल से निकालना समय की जरूरत बन गया है।
स्मार्ट सिटी के तहत पांच हजार साइकिल चलाने का प्रोजेक्ट
इस प्रोजेक्ट के तहत शहर में पांच हजार साइकिलें चलाई जानी हैं, जिनके लिए 670 स्थानों पर साइकिल स्टैंड बनेंगे। साइकिल का उपयोग करने के लिए एक स्मार्ट कार्ड व एप भी बनाया जाएगा। स्मार्ट कार्ड लेने वाले लोगों को 5 रुपये प्रति घंटा के हिसाब से चार्ज देना होगा, जिनके पास कार्ड नहीं होगा उन्हें 10 रुपये देने होंगे। एप के माध्यम से लोग ऑनलाइन साइकिल बुकिंग कर सकेंगे। साइकिल में जीपीएस के साथ ही एक नंबर प्लेट होगी। मोबाइल एप के माध्यम से साइकिल नंबर डालकर ऑटोमेटिक लॉक लगा सकते हैं।
12 घंटे में साइकिल वापस न आने पर संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्र्ज कराई जाएगी। यह प्रोजेक्ट 15 साल के लिए है। देश में पहली बार एक साथ किसी शहर में इतनी बड़ी संख्या में साइकिलें लाकर प्रोजेक्ट लांच किया जा रहा है। स्मार्ट सिटी के तहत पब्लिक बाइक शेयरिंग के तहत एक बार टेंडर कॉल किया गया था, लेकिन एक ही कंपनी ने आवेदन किया। वह भी कंपनी योग्य नहीं थी। इसके बाद वीरवार को फिर से टेंडर कॉल किया जा रहा है। 21 दिन के अंदर यदि कोई योग्य कंपनी आवेदन कर देती है तो फिर जल्द ही टेक्निकल कमेटी से पास करवाकर कंपनी को टेंडर दे दिया जाएगा। इसके लिए लगभग दो माह का समय लग जाएगा।
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स्मार्ट सिटी के तहत पांच हजार साइकिल चलाने का प्रोजेक्ट
इस प्रोजेक्ट के तहत शहर में पांच हजार साइकिलें चलाई जानी हैं, जिनके लिए 670 स्थानों पर साइकिल स्टैंड बनेंगे। साइकिल का उपयोग करने के लिए एक स्मार्ट कार्ड व एप भी बनाया जाएगा। स्मार्ट कार्ड लेने वाले लोगों को 5 रुपये प्रति घंटा के हिसाब से चार्ज देना होगा, जिनके पास कार्ड नहीं होगा उन्हें 10 रुपये देने होंगे। एप के माध्यम से लोग ऑनलाइन साइकिल बुकिंग कर सकेंगे। साइकिल में जीपीएस के साथ ही एक नंबर प्लेट होगी। मोबाइल एप के माध्यम से साइकिल नंबर डालकर ऑटोमेटिक लॉक लगा सकते हैं।
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12 घंटे में साइकिल वापस न आने पर संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्र्ज कराई जाएगी। यह प्रोजेक्ट 15 साल के लिए है। देश में पहली बार एक साथ किसी शहर में इतनी बड़ी संख्या में साइकिलें लाकर प्रोजेक्ट लांच किया जा रहा है। स्मार्ट सिटी के तहत पब्लिक बाइक शेयरिंग के तहत एक बार टेंडर कॉल किया गया था, लेकिन एक ही कंपनी ने आवेदन किया। वह भी कंपनी योग्य नहीं थी। इसके बाद वीरवार को फिर से टेंडर कॉल किया जा रहा है। 21 दिन के अंदर यदि कोई योग्य कंपनी आवेदन कर देती है तो फिर जल्द ही टेक्निकल कमेटी से पास करवाकर कंपनी को टेंडर दे दिया जाएगा। इसके लिए लगभग दो माह का समय लग जाएगा।
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सेक्टर 17 में किया गया था ट्रायल
कुछ दिन पूर्व पंचकूला से कुछ साइकिलें उधार लेकर चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी की ओर से सेक्टर 17 में ट्रायल किया था। इस दौरान लगभग 102 लोगों ने दिनभर में साइकिल का उपयोग किया था। स्मार्ट सिटी के वॉलेंटियर ने लोगों से दस रुपये प्रति घंटे की दर पर लोगों को साइकिल चलाने के लिए दीं थीं। लोगों का रुझान इस दौरान काफी अच्छा आया और जल्द से जल्द पब्लिक बाइक शेयरिंग का प्रोजेक्ट लागू करने की अपील की थी।
पंचकूला में दो करोड़ रुपये में हुआ है टेंडर
स्मार्ट सिटी न होने के बावजूद पंचकूला ने पब्लिक बाइक शेयरिंग का प्रोजेक्ट शुरू कर दिया है। वर्तमान में पंचकूला में 200 साइकिलें चलाई जा रहीं हैं। इसके लिए 18 डॉकिंग स्टैंड बनाए गए हैं। नगर निगम और कंपनी के बीच दो करोड़ रुपये में तीन साल के लिए कॉन्ट्रेक्ट हुआ है।
वहीं विज्ञापन से मिलने वाली राशि में भी 60 प्रतिशत नगर निगम और 40 कंपनी का शेयर है। वहीं चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी कंपनी को केवल विज्ञापन की राशि देना चाहता है। अधिकारियों का मानना है कि पंचकूला की तुलना में चंडीगढ़ का प्रोजेक्ट काफी बड़ा है।
पंचकूला में दो करोड़ रुपये में हुआ है टेंडर
स्मार्ट सिटी न होने के बावजूद पंचकूला ने पब्लिक बाइक शेयरिंग का प्रोजेक्ट शुरू कर दिया है। वर्तमान में पंचकूला में 200 साइकिलें चलाई जा रहीं हैं। इसके लिए 18 डॉकिंग स्टैंड बनाए गए हैं। नगर निगम और कंपनी के बीच दो करोड़ रुपये में तीन साल के लिए कॉन्ट्रेक्ट हुआ है।
वहीं विज्ञापन से मिलने वाली राशि में भी 60 प्रतिशत नगर निगम और 40 कंपनी का शेयर है। वहीं चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी कंपनी को केवल विज्ञापन की राशि देना चाहता है। अधिकारियों का मानना है कि पंचकूला की तुलना में चंडीगढ़ का प्रोजेक्ट काफी बड़ा है।