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हाईकोर्ट का आदेश- हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ की बार एसोसिएशन के चुनाव नहीं होंगे ऑनलाइन
Thu, 17 Sep 2020 11:11 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 17 Sep 2020 11:11 AM IST
सार
- उच्च न्यायालय ने बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा के आदेश को किया रद्द
- बार काउंसिल के आदेश रद्द लेकिन उच्च न्यायालय का विस्तृत आदेश आना बाकी
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सांकेतिक तस्वीर
विस्तार
बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा द्वारा पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ की सभी बार एसोसिएशन के ऑनलाइन चुनाव करवाने के आदेश को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने रद्द कर दिया है। जस्टिस आरके जैन एवं जस्टिस जसवंत सिंह की विशेष खंडपीठ ने ऑनलाइन चुनाव के खिलाफ वकीलों द्वारा दायर याचिका को स्वीकार करते हुए यह आदेश दिया हं।
याचिका पर विस्तृत फैसला आना अभी बाकी है। उच्च न्यायालय के सभी सीनियर एडवोकेट इस मामले में उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन के पक्ष में आ गए थे। सभी ने बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा द्वारा ऑनलाइन चुनाव करवाने का विरोध किया था।
उच्च न्यायालय के 5 वकीलों ने याचिका दायर कर बताया था कि कोरोना के चलते बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा ने 9 सितंबर को नोटिफिकेशन जारी कर उच्च न्यायालय के साथ ही चंडीगढ़ और पंजाब की सभी जिला और सब डिवीजन बार एसोसिएशन के चुनाव 30 सितंबर और हरियाणा की सभी बार एसोसिएशन के चुनाव 1 अक्तूबर को ऑनलाइन करवाने का निर्णय लिया था। याचिकाकर्ता वकीलों का कहना है कि बार काउंसिल ने यह निर्णय लेने से पहले किसी भी पक्ष से परामर्श तक नहीं किया।
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कुछ सदस्यों ने विरोध दर्ज करवाया था
यह भी बताया गया कि चुनाव करवाने के निर्णय में बार काउंसिल के कुछ सदस्य शामिल नहीं थे। उन्होंने जल्दबाजी में करवाए जाने वाले चुनाव के लिए विरोध भी दर्ज करवा दिया। याचिका में कहा गया कि जब एक ओर कोरोना महामारी के चलते अदालतें बंद हैं और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई हो रही है। ऐसे में चुनाव करवाना जरूरी नहीं है। इसलिए उन्होंने चुनाव नोटिफिकेशन को रद्द करने की मांग की थी। उनकी मांग को स्वीकार करते हुए उच्च न्यायालय ने चुनाव संबंधी नोटिफिकेशन को रद्द कर दिया है।
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याचिका पर विस्तृत फैसला आना अभी बाकी है। उच्च न्यायालय के सभी सीनियर एडवोकेट इस मामले में उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन के पक्ष में आ गए थे। सभी ने बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा द्वारा ऑनलाइन चुनाव करवाने का विरोध किया था।
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उच्च न्यायालय के 5 वकीलों ने याचिका दायर कर बताया था कि कोरोना के चलते बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा ने 9 सितंबर को नोटिफिकेशन जारी कर उच्च न्यायालय के साथ ही चंडीगढ़ और पंजाब की सभी जिला और सब डिवीजन बार एसोसिएशन के चुनाव 30 सितंबर और हरियाणा की सभी बार एसोसिएशन के चुनाव 1 अक्तूबर को ऑनलाइन करवाने का निर्णय लिया था। याचिकाकर्ता वकीलों का कहना है कि बार काउंसिल ने यह निर्णय लेने से पहले किसी भी पक्ष से परामर्श तक नहीं किया।
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कुछ सदस्यों ने विरोध दर्ज करवाया था
यह भी बताया गया कि चुनाव करवाने के निर्णय में बार काउंसिल के कुछ सदस्य शामिल नहीं थे। उन्होंने जल्दबाजी में करवाए जाने वाले चुनाव के लिए विरोध भी दर्ज करवा दिया। याचिका में कहा गया कि जब एक ओर कोरोना महामारी के चलते अदालतें बंद हैं और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई हो रही है। ऐसे में चुनाव करवाना जरूरी नहीं है। इसलिए उन्होंने चुनाव नोटिफिकेशन को रद्द करने की मांग की थी। उनकी मांग को स्वीकार करते हुए उच्च न्यायालय ने चुनाव संबंधी नोटिफिकेशन को रद्द कर दिया है।