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एक्सटेंशन कर्मी की मौत के बाद आश्रित अनुकंपा आधार पर नौकरी के हकदार नहीं: हाईकोर्ट
Tue, 25 Dec 2018 10:47 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 25 Dec 2018 10:47 AM IST
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- फोटो : Getty Images
कर्मचारी रिटायरमेंट के बाद एक्सटेंशन पर कार्य कर रहा हो और इस दौरान उसकी मौत हो जाए तो उसके आश्रित अनुकंपा के आधार पर नौकरी पाने के हकदार नहीं हैं। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने यह आदेश पूर्व विशेष सचिव के बेटे की याचिका को खारिज करते हुए जारी किए हैं।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि रिटायरमेंट के बाद कर्मी एक्सटेंशन पर कार्यरत है तो इस दौरान उसकी मृत्यु होने पर उसके परिवार के किसी सदस्य को अनुकंपा के आधार पर नौकरी नहीं दी जा सकती। हाईकोर्ट में विशेष सचिव रहे याची के पिता 30 अप्रैल 2016 को रिटायर हुए थे।
इससे पहले उन्होंने एक्सटेंशन के लिए आवेदन किया था, जिसे मंजूर करते हुए हाईकोर्ट ने एक साल की एक्सटेंशन दे दी थी। यह अवधि पूरी होने से पहले ही गत वर्ष उनकी मौत हो गई थी। पिता की मौत के बाद याची ने अनुकंपा आधार पर उसे नौकरी दिए जाने के लिए हाईकोर्ट से प्रशासनिक स्तर पर निवेदन किया था।
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हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि रिटायरमेंट के बाद कर्मी एक्सटेंशन पर कार्यरत है तो इस दौरान उसकी मृत्यु होने पर उसके परिवार के किसी सदस्य को अनुकंपा के आधार पर नौकरी नहीं दी जा सकती। हाईकोर्ट में विशेष सचिव रहे याची के पिता 30 अप्रैल 2016 को रिटायर हुए थे।
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इससे पहले उन्होंने एक्सटेंशन के लिए आवेदन किया था, जिसे मंजूर करते हुए हाईकोर्ट ने एक साल की एक्सटेंशन दे दी थी। यह अवधि पूरी होने से पहले ही गत वर्ष उनकी मौत हो गई थी। पिता की मौत के बाद याची ने अनुकंपा आधार पर उसे नौकरी दिए जाने के लिए हाईकोर्ट से प्रशासनिक स्तर पर निवेदन किया था।
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हाईकोर्ट ने अपनी टिप्पणी में ये सब कहा
हाईकोर्ट ने इस निवेदन को अस्वीकार करते हुए कहा था कि याची के पिता रिटायर हो चुके थे, इसलिए याची को अनुकंपा आधार पर नौकरी का लाभ नहीं दिया जा सकता। इसके खिलाफ याची ने हाईकोर्ट में ज्यूडिशियल साइड पर याचिका दाखिल करते हुए अनुकंपा के आधार पर नौकरी दिए जाने की अपील की थी।
हाईकोर्ट ने इस मामले में सभी पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि अनुकंपा के आधार पर नौकरी कोई अधिकार नहीं है, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति न बिगड़े इसके लिए यह एक व्यवस्था है। अनुकंपा आधार पर नौकरी दिए जाने से पहले परिवार की आर्थिक स्थिति पर गौर किया जाना जरूरी है।
वैसे भी याची के मामले में उसके पिता की मृत्यु एक्सटेंशन अवधि के दौरान हुई थी इसलिए वह हकदार नहीं है। कोर्ट ने कहा कि याची बीए/एलएलबी, एलएलएम और साइबर लॉ में डिप्लोमा होल्डर है जिसके पास अवसरों की कमी नहीं है। हाईकोर्ट ने इन टिप्पणियों के साथ ही याचिका को खारिज करते हुए अनुकंपा आधार पर नौकरी दिए जाने से इनकार कर दिया।
हाईकोर्ट ने इस मामले में सभी पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि अनुकंपा के आधार पर नौकरी कोई अधिकार नहीं है, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति न बिगड़े इसके लिए यह एक व्यवस्था है। अनुकंपा आधार पर नौकरी दिए जाने से पहले परिवार की आर्थिक स्थिति पर गौर किया जाना जरूरी है।
वैसे भी याची के मामले में उसके पिता की मृत्यु एक्सटेंशन अवधि के दौरान हुई थी इसलिए वह हकदार नहीं है। कोर्ट ने कहा कि याची बीए/एलएलबी, एलएलएम और साइबर लॉ में डिप्लोमा होल्डर है जिसके पास अवसरों की कमी नहीं है। हाईकोर्ट ने इन टिप्पणियों के साथ ही याचिका को खारिज करते हुए अनुकंपा आधार पर नौकरी दिए जाने से इनकार कर दिया।